कला

अमूर्त आधुनिकता और अस्तित्व की दिव्यता: केंजी योशिदा की कला यात्रा

लंदन की अक्टूबर गैलरी में स्वर्ण पत्र, लाक और जीवन की कोमलता की एक विशेष प्रदर्शनी
लिस्बेथ थालबर्ग

लंदन की प्रतिष्ठित अक्टूबर गैलरी दिवंगत जापानी कलाकार केंजी योशिदा की एक महत्वपूर्ण एकल प्रदर्शनी आयोजित कर रही है। योशिदा एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने पूर्व और पश्चिम की सौंदर्य परंपराओं को एक अनूठे सूत्र में पिरोया। यह प्रदर्शनी 1960 से 1990 के दशक के बीच उनके द्वारा रचित चुनिंदा कृतियों को प्रस्तुत करती है, जो उनकी विशिष्ट दृश्य भाषा के विकास का विश्लेषण करती है। जापानी लाक (lacquer) पर सोने और चांदी के वर्क के आध्यात्मिक उपयोग के लिए प्रसिद्ध योशिदा का पूरा काम ब्रह्मांड की उस मौलिक एकता को समर्पित है जो सभी जीवित प्राणियों को आपस में जोड़ती है।

जापानी परंपरा और यूरोपीय आधुनिकता का संगम

योशिदा के कलात्मक विकास में उनका पेरिस प्रवास सबसे महत्वपूर्ण मोड़ रहा, जहाँ वे 1964 में स्थायी रूप से बस गए थे। पेरिस ने उन्हें अपने एक प्रमुख कलाकार के रूप में अपनाया। स्टेनली हेटर के प्रभावशाली ‘एटेलियर 17’ में अध्ययन के दौरान, उन्होंने ग्राफिक कला की बारीकियों को समझा। यहाँ उन्होंने ऐसी नक्काशीदार आकृतियाँ बनाईं जिनमें सूक्ष्म रंगों के माध्यम से प्राथमिक स्वरूपों को परिभाषित किया गया था। यही प्रयोग आगे चलकर 1970 के दशक के उनके धातुई चमक वाले कार्यों का आधार बने, जो बाद में उनकी पहचान बन गए।

उनकी परिपक्व शैली तकनीक और विचार का एक बेजोड़ मिश्रण है:

  • सामग्री का चयन: जापानी लाक और तेल रंगों के साथ सोने व चांदी के वर्क का भव्य उपयोग।
  • स्वरूप: यूरोपीय अमूर्त कला से प्रभावित गतिशील और अंडाकार आकृतियाँ।
  • रचनात्मक स्थान: पारंपरिक जापानी स्क्रीन पेंटिंग की याद दिलाने वाले पैटर्न।

ऐतिहासिक आघात और ‘ला वी’ (जीवन) श्रृंखला

योशिदा की कला की गहराई उनके द्वितीय विश्व युद्ध के व्यक्तिगत अनुभवों से जुड़ी है। 19 वर्ष की आयु में उन्हें एक ‘कामीकाज़’ दस्ते में शामिल किया गया था, जहाँ उन्होंने मृत्यु को अत्यंत निकट से देखा। इस दर्दनाक अनुभव ने उनके भीतर जीवन की भंगुरता के प्रति एक गहरी चेतना पैदा कर दी। उन्होंने इस आघात को जीवन के प्रति सम्मान में बदल दिया, यही कारण है कि उनके लगभग सभी बाद के चित्रों का शीर्षक ‘ला वी’ (जीवन) है। ये कृतियाँ केवल कलात्मक प्रयोग नहीं हैं, बल्कि जीवन के रहस्य का उत्सव और युद्ध के प्रति एक पूर्ण अस्वीकृति हैं।

कलात्मक विरासत और वैश्विक पहचान

योशिदा की अंतरराष्ट्रीय ख्याति तब और बढ़ गई जब वह ब्रिटिश संग्रहालय की जापानी गैलरी में एकल प्रदर्शनी लगाने वाले पहले जीवित कलाकार बने। उनकी कला की तुलना अक्सर मार्क रोथको और रॉबर्ट मदरवेल जैसे अमेरिकी अमूर्त अभिव्यंजनावादी कलाकारों से की जाती है, जिन्होंने अमूर्त आकृतियों के माध्यम से आध्यात्मिक शांति की खोज की थी। आज उनकी कृतियाँ टेट मॉडर्न, मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट और सेंटर पोम्पीडू जैसे दुनिया के सबसे बड़े कला संस्थानों के स्थायी संग्रह का हिस्सा हैं।

प्रदर्शनी का विवरण

  • प्रदर्शनी का शीर्षक: केंजी योशिदा: द मीनिंग ऑफ लाइफ
  • गैलरी: अक्टूबर गैलरी
  • स्थान: 24 ओल्ड ग्लूसेस्टर स्ट्रीट, लंदन, WC1N 3AL
  • तिथियां: 5 मार्च – 11 अप्रैल 2026
  • विशेष उद्घाटन: बुधवार, 4 मार्च, शाम 6:00 – 8:30 बजे
Kenji Yoshida La Vie
Kenji Yoshida La Vie

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