कला

शिकागो की वॉल्यूम गैलरी का भव्य आगाज़: कला और डिज़ाइन की सीमाओं को चुनौती देता एक नया सफर

अपनी नई उद्घाटन प्रदर्शनी "द हेरेसी ऑफ लेगेसी" के माध्यम से गैलरी ने कलात्मक परंपराओं और आधुनिक नवाचार के बीच एक साहसिक संवाद की शुरुआत की है।
Lisbeth Thalberg

शिकागो के कला जगत में एक बड़े बदलाव की लहर महसूस की जा रही है। प्रतिष्ठित वॉल्यूम गैलरी ने वेस्ट टाउन के औद्योगिक गलियारे में अपने नए और भव्य ठिकाने का अनावरण किया है। पिछले पंद्रह वर्षों से शहर की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा रही यह गैलरी अब अपनी क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर एक नए अवतार में सामने आई है। अपनी पहली प्रदर्शनी “द हेरेसी ऑफ लेगेसी” (परंपरा का पाखंड) के साथ, यह संस्था एक गहरा और विचारोत्तेजक सवाल उठा रही है: क्या आगे बढ़ने के लिए उन परंपराओं को तोड़ना ज़रूरी है जो हमें विरासत में मिली हैं? कला और डिज़ाइन के बीच की धुंधली होती सरहदों को टटोलती यह पहल न केवल शिकागो के सांस्कृतिक भूगोल में बदलाव का संकेत है, बल्कि यह बड़े पैमाने पर कलात्मक प्रयोगों के लिए एक नया मंच भी तैयार करती है।

विरासत का विरोधाभास: निर्माण के लिए विध्वंस की आवश्यकता

इस नए अध्याय की वैचारिक जड़ें प्रसिद्ध वास्तुकार स्टेनली टाइगरमैन की उस सोच में छिपी हैं, जहाँ वे रचनात्मक मशाल को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया को एक क्रांतिकारी कदम मानते थे। उनका मानना था कि नई पीढ़ी को विरासत में मिली मान्यताओं को केवल सहेज कर नहीं रखना चाहिए, बल्कि उन्हें चुनौती देकर नए रास्तों का निर्माण करना चाहिए। टाइगरमैन का यह नजरिया बताता है कि वास्तविक प्रगति केवल इतिहास के प्रति सम्मान दिखाने से नहीं, बल्कि उसमें बदलाव लाने के साहस से आती है। परंपरा के बोझ और बदलाव की ज़रूरत के बीच यही खिंचाव गैलरी के इस नए सफर का मूल मंत्र है, जहाँ यह देखा जा रहा है कि कैसे आज का ‘विद्रोह’ कल की ‘परंपरा’ बन जाता है।

Sarah Rosalena
Terrapine, 2024
Pine needles, waxed thread, and stoneware
18.5h x 14w x 14d inches
47h x 35.6w x 35.6d cm
Sarah Rosalena artwork photographed for Blum Gallery by Evan Walsh

वेस्ट टाउन में कला का नया केंद्र

वेस्ट हबर्ड स्ट्रीट पर स्थित 3,500 वर्ग फुट में फैला यह नया परिसर विशेष रूप से बड़े स्तर के कला प्रतिष्ठानों (installations) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। ऊँची छतों और भव्य फर्श वाली यह जगह कलाकारों को अपनी जटिल कहानियों को एक ठोस भौतिक रूप देने की आज़ादी देती है। आज के डिजिटल युग में, जब सब कुछ स्क्रीन तक सिमटता जा रहा है, यह गैलरी कला के भौतिक अनुभव और स्पर्श की महत्ता पर ज़ोर देती है। वेस्ट टाउन के औद्योगिक परिवेश में इस तरह के बड़े कला केंद्र का होना शहर के सांस्कृतिक परिदृश्य को और भी समृद्ध बनाता है।

द हेरेसी ऑफ लेगेसी: पीढ़ियों के बीच एक अनूठा संवाद

इस विस्तार का जश्न मनाने के लिए गैलरी के संस्थापकों ने एक विशेष सामूहिक प्रदर्शनी आयोजित की है। इसमें रॉबर्ट वेंचुरी, डेनिस स्कॉट ब्राउन और स्टेनली टाइगरमैन जैसे दिग्गजों के कार्यों को सेल्वा अपारिसियो और सारा रोसालेना जैसे आधुनिक कलाकारों के साथ रखा गया है। यह मेल दर्शाता है कि सामग्री और आकारों को नई परिभाषा देने का संघर्ष कभी ख़त्म नहीं होता। यहाँ विरासत को केवल एक उपहार नहीं, बल्कि बदलाव के एक औजार के रूप में देखा जा रहा है। अनुभवी कलाकारों के साथ नई पीढ़ी की मौजूदगी यह साबित करती है कि कला का विकास एक सीधी रेखा में नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाले मंथन का परिणाम है।

भविष्य की ओर: सामग्री और प्रयोगों का नया दौर

उद्घाटन से आगे बढ़ते हुए, गैलरी ने ऐसे कलाकारों को मंच देने की योजना बनाई है जो पारंपरिक कला सामग्री के इतिहास और उनके उपयोग को चुनौती देते हैं। आने वाले समय में जोनाथन मुके के पैमाने (scale) से जुड़े प्रयोग और जो फेडरसेन की स्वदेशी कला शैली का आधुनिक समावेश मुख्य आकर्षण होंगे। गैलरी का उद्देश्य कलाकारों के लिए एक ऐसा स्थायी मंच प्रदान करना है जहाँ नई कार्यप्रणालियों का परीक्षण किया जा सके। कला का इतिहास कोई स्थिर दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह बनाने और फिर से नया आकार देने का एक अटूट चक्र है।

Lia Cook
New Master Draperies: Leonardo I, 1990
Dyes and acrylics on linen and rayon
32h x 26w inches
81.3h x 66w cm
Lia Cook
New Master Draperies: Leonardo I, 1990
Dyes and acrylics on linen and rayon
32h x 26w inches
81.3h x 66w cm

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