देवियों और सज्जनों, अपनी कुर्सियों की पेटियां कसकर बांध लीजिए, क्योंकि हम समय की एक ऐसी यात्रा पर निकलने वाले हैं जो आपको सीधे वर्ष २०२६ के दिल में ले जाएगी। अगर आपको लगता था कि पिछला साल फिल्मों के लिहाज से शानदार था, तो जरा ठहरिए। २०२६ सिर्फ एक साल नहीं है; यह सिनेमाई इतिहास का वह पन्ना होने जा रहा है जिसे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। हॉलीवुड ने अपनी कमर कस ली है, और जो खजाना वह हमारे सामने खोलने वाला है, उसकी चमक से आंखें चौंधिया जाना तय है।
जरा सोचिए, एक तरफ हमारे पास क्रिस्टोफर नोलन जैसा दिमाग है जो हमें प्राचीन ग्रीस की रहस्यमयी यात्रा पर ले जाने को बेताब है, तो दूसरी तरफ मार्वल सिनेमैटिक यूनिवर्स अपने सबसे बड़े ‘ट्रम्प कार्ड’—रॉबर्ट डाउनी जूनियर—को एक ऐसे अवतार में वापस ला रहा है जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। और अगर आपको लगता है कि बस इतना ही है, तो आप गलत हैं! हमारे पास अंतरिक्ष में खोए रयान गोसलिंग हैं, फ्रेंकस्टीन के रूप में क्रिश्चियन बेल का खौफनाक रूप है, और हाँ, हमारे प्यारे स्पाइडर-मैन भी एक नई शुरुआत के साथ लौट रहे हैं।
यह रिपोर्ट कोई साधारण सूची नहीं है। यह एक उत्सव है। हम हर उस फिल्म की गहराई में गोता लगाएंगे जो २०२६ में आपके नजदीकी सिनेमाघरों और पॉपकॉर्न के टब पर राज करने वाली है। हम न केवल कहानियों को टटोलेंगे, बल्कि यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि ये फिल्में भारतीय दर्शकों के दिलों को कैसे धड़काने वाली हैं। तो चलिए, बिना किसी देरी के, २०२६ के इस जादुई पिटारे को खोलते हैं!
मार्वल का महासंग्राम: क्या ‘डूम’ का दिन आएगा?
सुपरहीरो फिल्मों की दुनिया में मार्वल स्टूडियोज का नाम एक धर्म की तरह है, और २०२६ में वे अपने भक्तों के लिए जो प्रसाद ला रहे हैं, वह काफी तीखा और मसालेदार होने वाला है। हम बात कर रहे हैं ‘मल्टीवर्स सागा’ के उस मोड़ की, जहाँ सब कुछ दांव पर लगा है।

अवेंजर्स: डूम्सडे (Avengers: Doomsday)
रिलीज़ की तारीख: १८ दिसंबर, २०२६
निर्देशक: एंथोनी और जो रूसो
मुख्य आकर्षण: रॉबर्ट डाउनी जूनियर (डॉक्टर डूम)
क्या आपको वह पल याद है जब सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक हरे लबादे के पीछे से रॉबर्ट डाउनी जूनियर का चेहरा सामने आया था? वह पल इंटरनेट के इतिहास में दर्ज हो गया। ‘आयरन मैन’ के रूप में दुनिया को बचाने वाला हीरो अब उस दुनिया को अपने घुटनों पर लाने के लिए ‘डॉक्टर डूम’ बनकर लौट रहा है। यह कास्टिंग अपने आप में एक मास्टरस्ट्रोक है—या शायद एक बहुत बड़ा जुआ।
कहानी की भूलभुलैया और भारतीय फैंस का उत्साह
‘अवेंजर्स: डूम्सडे’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक घटना होने वाली है। कहानी के तार ‘बैटलवर्ल्ड’ से जुड़ते नजर आ रहे हैं। शोध से पता चलता है कि फिल्म में फैंटास्टिक फोर की भूमिका अहम होगी, और विशेष रूप से फ्रैंकलिन रिचर्ड्स का किरदार, जो मल्टीवर्स को आकार देने की ताकत रखता है, कहानी का केंद्र बिंदु हो सकता है। भारतीय दर्शकों के लिए, आरडीजे (RDJ) भगवान से कम नहीं हैं। उन्हें टोनी स्टार्क के रूप में पूजने वाले फैंस के लिए उन्हें एक क्रूर विलेन के रूप में देखना किसी भावनात्मक रोलरकोस्टर से कम नहीं होगा।
क्या उनकी वापसी मार्वल की गिरती हुई साख को बचा पाएगी? रूसो ब्रदर्स, जिन्होंने ‘इन्फिनिटी वॉर’ और ‘एंडगेम’ जैसी ब्लॉकबस्टर्स दी हैं, इस बार एक डार्क और गंभीर टोन के साथ आ रहे हैं। हिंदी डबिंग में भी यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या आरडीजे को वही पुरानी, जानी-पहचानी आवाज मिलेगी या उनके नए, खलनायक रूप के लिए कोई भारी-भरकम आवाज चुनी जाएगी। यह फिल्म साल के अंत में, क्रिसमस के मौके पर रिलीज़ हो रही है, जिसका मतलब है कि भारतीय बॉक्स ऑफिस पर यह ‘दंगल’ मचाने वाली है।
| फिल्म विवरण | जानकारी |
| स्टूडियो | मार्वल स्टूडियोज |
| विलेन | डॉक्टर डूम (विक्टर वॉन डूम) |
| महत्वपूर्ण तथ्य | मल्टीवर्स सागा का क्लाइमेक्स शुरू |
| अपेक्षित भारतीय रिलीज़ | हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, तेलुगु |
स्पाइडर-मैन की नई उड़ान: यादें मिट गईं, पर फर्ज नहीं
मार्वल की दुनिया से ही एक और धमाका होने वाला है, लेकिन इस बार न्यूयॉर्क की गलियों में। हमारा ‘पड़ोसी’ स्पाइडर-मैन एक बिल्कुल नए सफर पर है।
स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (Spider-Man: Brand New Day)
रिलीज़ की तारीख: ३१ जुलाई, २०२६
मुख्य अभिनेता: टॉम हॉलैंड
पृष्ठभूमि: ‘नो वे होम’ के बाद की दुनिया
‘स्पाइडर-मैन: नो वे होम’ के अंत ने हम सभी की आँखों में आंसू ला दिए थे। पीटर पार्कर ने सब कुछ खो दिया—उसकी पहचान, उसके दोस्त, उसका प्यार। अब २०२६ में, वह एक ‘ब्रांड न्यू डे’ यानी एक नई शुरुआत के साथ लौट रहा है।
क्या है इस ‘नए दिन’ का राज?
लीक हुई जानकारियों और अफवाहों के बाजार को खंगालें तो पता चलता है कि यह फिल्म पीटर पार्कर को उसकी जड़ों की ओर वापस ले जाएगी। अब उसके पास टोनी स्टार्क के गैजेट्स नहीं हैं, न ही हैप्पी होगन का साथ। वह एक साधारण कॉलेज छात्र है जो अपना किराया भरने के लिए संघर्ष कर रहा है और रात में जुर्म से लड़ रहा है। यह वही क्लासिक स्पाइडर-मैन है जिसे हम कॉमिक्स में प्यार करते आए हैं।
शीर्षक ‘ब्रांड न्यू डे’ कॉमिक्स की एक मशहूर स्टोरीलाइन की याद दिलाता है। चर्चा है कि फिल्म में कुछ नए दोस्त और शायद कुछ पुराने दुश्मन (जैसे स्कॉर्पियन या किंगपिन) नजर आ सकते हैं। साथ ही, कुछ रिपोर्ट्स में ‘म्यूटेंट्स’ की उपस्थिति की ओर भी इशारा किया गया है। भारतीय युवाओं में टॉम हॉलैंड का क्रेज सिर चढ़कर बोलता है। जुलाई की बारिश और स्पाइडर-मैन का एक्शन—यह एक ऐसा कॉम्बिनेशन है जो सिनेमाघरों में हाउसफुल के बोर्ड लगवा देगा। हिंदी में इसका शीर्षक संभवतः ‘स्पाइडर-मैन: नई शुरुआत’ या अंग्रेजी शीर्षक ही रखा जाएगा, लेकिन इसका ‘फील’ एकदम देसी होने वाला है।
डीसी का पलटवार: उम्मीद की एक नई किरण
जहाँ मार्वल अपने दिग्गजों को वापस ला रहा है, वहीं डीसी (DC) जेम्स गन के नेतृत्व में एक पूरी तरह से नई दुनिया बसाने की कोशिश कर रहा है। और इस दुनिया की पहली बड़ी फिल्म एक ऐसी नायिका पर केंद्रित है जो सुपरमैन से भी ज्यादा ताकतवर हो सकती है।
सुपरगर्ल: वूमन ऑफ टुमारो (Supergirl: Woman of Tomorrow)
रिलीज़ की तारीख: २६ जून, २०२६
मुख्य अभिनेत्री: मिली एल्कॉक
प्रेरणा: टॉम किंग की कॉमिक बुक
‘हाउस ऑफ द ड्रैगन’ में अपनी अदाकारी से सबका दिल जीतने वाली मिली एल्कॉक अब लाल केप पहनकर आसमान में उड़ने को तैयार हैं। यह फिल्म सुपरगर्ल (कारा ज़ोर-एल) की कहानी को एक नए नजरिए से पेश करेगी।
एक अलग तरह की सुपरहीरो फिल्म
ज्यादातर सुपरहीरो फिल्में पृथ्वी को बचाने के बारे में होती हैं, लेकिन ‘सुपरगर्ल: वूमन ऑफ टुमारो’ एक अंतरिक्ष ओडिसी (महाकाव्य यात्रा) होने वाली है। कारा, जिसने अपने बचपन में अपने गृह ग्रह क्रिप्टोन को तबाह होते देखा है, अपने चचेरे भाई क्लार्क केंट (सुपरमैन) से बहुत अलग है। क्लार्क ने तबाही नहीं देखी, उसे याद नहीं है। कारा के अंदर दर्द है, गुस्सा है।
ट्रेलर के संवाद, जैसे “तुमने मुझे मारने की कोशिश की, अब मैं तुम्हें बताऊंगी कि मैं कौन हूँ,” यह संकेत देते हैं कि यह फिल्म हल्की-फुल्की नहीं, बल्कि काफी इंटेंस और भावनात्मक होगी। भारतीय दर्शकों को हमेशा से मजबूत महिला किरदार पसंद आते रहे हैं (जैसे ‘वंडर वूमन’ की सफलता)। मिली एल्कॉक का यह अवतार दर्शकों को निश्चित रूप से प्रभावित करेगा। हिंदी डबिंग में अगर उनके गुस्से और दर्द को सही शब्दों में पिरोया गया, तो यह फिल्म डीसी के लिए भारत में एक नया फैन बेस तैयार कर सकती है।
दिग्गजों का अखाड़ा: नोलन और विलेन्यूव की सिनेमाई कविताएं
२०२६ सिर्फ मारधाड़ और वीएफएक्स (VFX) का साल नहीं है; यह उन निर्देशकों का साल भी है जो सिनेमा को कला मानते हैं। क्रिस्टोफर नोलन और डेनिस विलेन्यूव अपने सबसे महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स के साथ तैयार हैं।

द ओडिसी (The Odyssey)
रिलीज़ की तारीख: १७ जुलाई, २०२६
निर्देशक: क्रिस्टोफर नोलन
कास्ट: मैट डेमन, टॉम हॉलैंड, ऐनी हैथवे, ज़ेंडया
तकनीक: IMAX 70mm
जब क्रिस्टोफर नोलन फिल्म बनाते हैं, तो दुनिया रुक कर देखती है। और जब वे होमर के महाकाव्य ‘द ओडिसी’ को हाथ लगाते हैं, तो यह इतिहास बनने वाला है। ‘ओपेनहाइमर’ के परमाणु विस्फोट के बाद, नोलन अब हमें समुद्र की गहराइयों और प्राचीन मिथकों की दुनिया में ले जा रहे हैं।
प्राचीन ग्रीस का नोलन-करण
कहानी वही पुरानी है—इथाका का राजा ओडिसीस (मैट डेमन), जो ट्रोजन युद्ध के बाद अपने घर लौटने की कोशिश कर रहा है। लेकिन रास्ता आसान नहीं है; उसे साइक्लोप्स (एक आंख वाले राक्षस), सायरन्स (जादुई जलपरियां) और देवताओं के क्रोध का सामना करना पड़ता है। नोलन, जो समय के साथ खेलने के उस्ताद हैं, इस रेखीय यात्रा को कैसे मोड़ेंगे, यह सोचना ही रोमांचक है। टॉम हॉलैंड, जो उनके बेटे टेलीमेकस की भूमिका में हैं, एक बार फिर अपनी अभिनय क्षमता साबित करेंगे।
भारत में नोलन के भक्त हर गली-कूचे में मिल जाएंगे। उनकी फिल्मों की जटिलता और भव्यता भारतीय दर्शकों को बहुत लुभाती है। ‘द ओडिसी’ की कहानी में वनवास, पति-पत्नी का वियोग और निष्ठा जैसे तत्व हैं जो भारतीय महाकाव्यों (जैसे रामायण) से काफी मेल खाते हैं। यह सांस्कृतिक जुड़ाव फिल्म को भारत में एक ब्लॉकबस्टर बना सकता है। और हाँ, अगर आप इसे IMAX में नहीं देख रहे हैं, तो आप शायद आधी फिल्म मिस कर रहे हैं!

ड्यून: पार्ट थ्री (Dune: Part Three / Dune Messiah)
रिलीज़: २०२६ (संभावित)
निर्देशक: डेनिस विलेन्यूव
मुख्य कलाकार: टिमोथी चालामेट, ज़ेंडया
रेगिस्तान का तूफ़ान अभी थमा नहीं है। अर्राकिस की रेत एक बार फिर पुकार रही है। ‘ड्यून: पार्ट टू’ ने जिस तरह से दुनिया भर में तहलका मचाया था, उसके बाद तीसरे भाग का इंतजार करना मुश्किल हो रहा है।
मसीहा या तानाशाह?
यह फिल्म पॉल अट्रेडीस (टिमोथी चालामेट) की कहानी को एक काले और पेचीदा मोड़ पर ले जाएगी। पॉल अब ब्रह्मांड का सम्राट है, लेकिन उसकी जीत की कीमत करोड़ों जानों ने चुकाई है। उसे एक मसीहा माना जाता है, लेकिन क्या वह वास्तव में एक तानाशाह बन गया है? फ्रैंक हर्बर्ट की किताब ‘ड्यून मसीहा’ पर आधारित यह फिल्म सत्ता, धर्म और अंधभक्ति पर करारा प्रहार करती है।
भारतीय दर्शक, जो अब ‘बाहुबली’ और ‘केजीएफ’ जैसी बड़ी फिल्मों के आदी हो चुके हैं, ‘ड्यून’ की भव्यता और राजनीतिक साजिशों को खूब पसंद करते हैं। हिंदी में इसके संवाद—जो अक्सर दार्शनिक और भारी होते हैं—फिल्म की जान बन सकते हैं।
अंतरिक्ष और विज्ञान का रोमांच: जब विज्ञान कल्पना से मिलता है
अगर आपको तारों से आगे की दुनिया पसंद है, तो २०२६ आपके लिए किसी दावत से कम नहीं है।

प्रोजेक्ट हेल मैरी (Project Hail Mary)
रिलीज़ की तारीख: २० मार्च, २०२६
मुख्य अभिनेता: रयान गोसलिंग
लेखक: एंडी वियर (‘द मार्शियन’ वाले)
कल्पना कीजिए: आप अंतरिक्ष में एक जहाज पर अकेले जागते हैं। आपको अपना नाम याद नहीं है, आपको अपना मिशन याद नहीं है, और आपके साथ केवल दो लाशें हैं। और फिर आपको पता चलता है कि पूरी मानवता का अस्तित्व आप पर निर्भर है। स्वागत है ‘प्रोजेक्ट हेल मैरी’ में!
एक अनोखी दोस्ती की दास्तान
इस फिल्म का सबसे खास पहलू वह है जो ट्रेलरों में झलक रहा है—रयान गोसलिंग का किरदार ‘रॉकी’ नामक एक एलियन से मिलता है। रॉकी कोई डरावना जीव नहीं, बल्कि एक मकड़ी जैसा दिखने वाला पत्थर का जीव है जो संगीत के सुरों में बात करता है। रयान और रॉकी की यह दोस्ती—जहाँ वे भाषा और विज्ञान के माध्यम से एक-दूसरे को समझने की कोशिश करते हैं—दिल को छू लेने वाली है। एक सीन में रयान उसे ‘थम्स अप’ दिखाते हैं, जिसे रॉकी गलत समझ लेता है; ऐसे पल फिल्म में जान डाल देते हैं।
हिंदी में डबिंग करते समय इस फिल्म के वैज्ञानिक शब्दों और हास्य के बीच संतुलन बनाना एक चुनौती होगी, लेकिन अगर यह सही हुआ, तो भारतीय दर्शक इस अनोखी ‘ब्रो-मैंस’ (Bromance) के दीवाने हो जाएंगे। रयान गोसलिंग का आकर्षण और एक प्यारी कहानी इसे २०२६ की ‘स्लीपर हिट’ बना सकती है।

द ब्राइड! (The Bride!)
रिलीज़ की तारीख: ६ मार्च, २०२६
निर्देशिका: मैगी गिलेनहाल
कास्ट: क्रिश्चियन बेल, जेसी बकले
फ्रेंकस्टीन की कहानी हमने कई बार सुनी है, लेकिन ऐसी नहीं। मैगी गिलेनहाल १९३० के दशक के शिकागो की पृष्ठभूमि में एक ‘पंक-रॉक’ शैली की मॉन्स्टर फिल्म लेकर आ रही हैं।
प्यार, पागलपन और पुनर्जन्म
क्रिश्चियन बेल, जो अपने किरदारों में घुसने के लिए मशहूर हैं, फ्रेंकस्टीन के मॉन्स्टर बने हैं। वह अकेला है और अपने लिए एक साथी चाहता है। इस पागलपन भरे सफर में उनका साथ देती हैं जेसी बकले। यह फिल्म केवल डराने के लिए नहीं, बल्कि समाज के नियमों को तोड़ने और प्यार को एक अजीब रूप में देखने के लिए है। भारतीय दर्शकों के लिए, जो हॉरर और रोमांस का मिश्रण पसंद करते हैं (जैसे भट्ट कैंप की फिल्में), यह एक दिलचस्प प्रयोग हो सकता है। क्रिश्चियन बेल का नाम ही दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए काफी है।
एनिमेशन और परिवार का समय: बच्चों (और बड़ों) के लिए
२०२६ में एनिमेशन की दुनिया में भी जबरदस्त हलचल है। पुरानी यादें ताजा होंगी और नई कहानियां बनेंगी।

टॉय स्टोरी ५ (Toy Story 5)
रिलीज़: २०२६ (गर्मियाँ)
स्टूडियो: पिक्सर
“एक बार और… भावनाओं के साथ।” जब हमें लगा कि वुडी और बज़ की कहानी खत्म हो गई है, पिक्सर उन्हें वापस ला रहा है। सवाल यह है: क्यों? क्या अभी और कहानी बाकी है?
खिलौनों की दुनिया में नई चुनौतियां
इस बार खिलौनों का सामना किसी विलेन से नहीं, बल्कि तकनीक से है। आज के बच्चे खिलौनों से कम और आईपैड से ज्यादा खेलते हैं। वुडी, बज़ और जेसी को यह साबित करना होगा कि वे अभी भी प्रासंगिक हैं। यह विषय हर भारतीय माता-पिता के दिल को छुएगा जो अपने बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। हिंदी में वुडी और बज़ की पुरानी आवाजें (जो डबिंग आर्टिस्ट सालों से दे रहे हैं) सुनना एक पुरानी एल्बम पलटने जैसा सुखद अनुभव होगा।

मिनियंस ३ (Minions 3)
रिलीज़ की तारीख: १ जुलाई, २०२६
स्टूडियो: इल्युमिनेशन
इन पीले, छोटे, केला-प्रेमी जीवों को कौन नापसंद कर सकता है? मिनियंस की तीसरी सोलो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पैसों की बारिश करने के लिए तैयार है।
हँसी का हंगामा
कहानी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि इसमें ढेर सारी शरारतें, कुछ नए विलेन और ग्रू का बचपन शामिल होगा। मिनियंस की भाषा—जो हिंदी, अंग्रेजी, स्पैनिश और बकवास का मिश्रण है—भारत में बच्चों को बहुत पसंद आती है। “केला!” शब्द सुनते ही बच्चों के चेहरे खिल उठते हैं। यह फिल्म परिवारों के लिए एकदम सही ‘समर वेकेशन’ ट्रीट होने वाली है।
मोआना (Moana) – लाइव एक्शन
रिलीज़: २०२६
मुख्य आकर्षण: ड्वेन ‘द रॉक’ जॉनसन
एनीमेशन से लाइव एक्शन में कूदना अब डिज़्नी की परंपरा बन गई है। ‘मोआना’ की इस रीमेक में सबसे बड़ी बात यह है कि ड्वेन जॉनसन खुद ‘माउई’ का किरदार निभा रहे हैं।
समंदर की लहरें और रॉक का जादू
भारतीय संदर्भ में, ‘द रॉक’ की लोकप्रियता किसी भी बॉलीवुड स्टार से कम नहीं है। मोआना की कहानी—अपने लोगों को बचाने के लिए समंदर पार जाना—साहस और परिवार के मूल्यों पर आधारित है, जो भारतीय दर्शकों को बहुत भाती है। फिल्म के गाने, जैसे “यू आर वेलकम” (You’re Welcome), जब हिंदी में “तथास्तु” या “स्वागत है” के रूप में आएंगे, तो थिएटर में सीटियां बजना तय है।

हॉपर्स (Hoppers)
रिलीज़ की तारीख: ६ मार्च, २०२६
स्टूडियो: पिक्सर
पिक्सर एक और ओरिजिनल आइडिया के साथ आ रहा है। ‘हॉपर्स’ एक ऐसी लड़की (मेबल) की कहानी है जो अपने दिमाग को एक रोबोटिक बीवर (ऊदबिलाव) में ट्रांसफर कर देती है ताकि वह जानवरों की दुनिया में जासूसी कर सके।
जानवरों की दुनिया का जासूस
यह एक फनी, बॉडी-स्वैप कॉमेडी है। जानवरों की दुनिया को उनकी नजर से देखना एक मजेदार अनुभव होगा। पिक्सर की फिल्में हमेशा एक गहरा संदेश देती हैं, और उम्मीद है कि ‘हॉपर्स’ भी हँसाने के साथ-साथ रुलाएगी भी। हिंदी टाइटल ‘हॉपर्स’ ही रहने की उम्मीद है, लेकिन इसकी टैगलाइन कुछ देसी हो सकती है।

थ्रिलर और सस्पेंस: रोंगटे खड़े करने वाली कहानियां
अगर आप अपनी सीट के किनारे पर बैठकर नाखून चबाना पसंद करते हैं, तो ये फिल्में आपके लिए हैं।
रिमेन (Remain)
रिलीज़ की तारीख: २३ अक्टूबर, २०२६
निर्देशक: एम. नाइट श्यामलन
कास्ट: जेक गिलेनहाल, फीबी डायनेवर
भारतीय मूल के निर्देशक एम. नाइट श्यामलन हमेशा कुछ अप्रत्याशित करते हैं। इस बार उन्होंने निकोलस स्पार्क्स (जो ‘द नोटबुक’ जैसी रोमांटिक कहानियों के लिए जाने जाते हैं) के साथ हाथ मिलाया है।
प्यार या धोखा?
‘रिमेन’ को एक सुपरनैचुरल रोमांटिक थ्रिलर बताया जा रहा है। यह एक अजीब कॉम्बिनेशन है—रोमांस और हॉरर। क्या यह भूतों वाली प्रेम कहानी है? या कुछ और? श्यामलन की फिल्मों का अंत हमेशा चौंकाने वाला होता है (“ट्विस्ट एंडिंग”), और भारतीय दर्शक इसी ट्विस्ट के इंतजार में थिएटर जाते हैं। जेक गिलेनहाल की इंटेंस एक्टिंग इस रहस्य को और गहरा कर देगी।

द हंगर गेम्स: सनराइज ऑन द रीपिंग (Sunrise on the Reaping)
रिलीज़: २०२६ (संभावित)
आधार: सुजैन कॉलिन्स की नई किताब
पंजम (Panem) की दुनिया में हम वापस जा रहे हैं। यह प्रीक्वल फिल्म ५०वें हंगर गेम्स की कहानी बताएगी, जिसे हेमिच एबरनेथी (कटनीस के मेंटर) ने जीता था।
खूनी खेल की शुरुआत
हेमिच का किरदार फिल्मों में काफी पसंद किया गया था, और उसकी जवानी की कहानी देखना दिलचस्प होगा। यह फिल्म दिखाएगी कि कैसे एक साधारण लड़का उस शराबी और टूट चुके मेंटर में बदल गया जिसे हम जानते हैं। हंगर गेम्स फ्रैंचाइज़ी का भारत में एक वफादार युवा फैन बेस है, और यह फिल्म उस आग को फिर से हवा देगी।
२०२६ का बॉक्स ऑफिस कैलेंडर: कब क्या देखें?
अपनी डायरी निकालें और इन तारीखों को लॉक कर लें, क्योंकि २०२६ में वीकेंड्स पर घर पर रहने का कोई बहाना नहीं चलेगा।
| महीना | फिल्म | शैली (Genre) | क्यों देखें? |
| मार्च | द ब्राइड! (६ मार्च) | हॉरर/रोमांस | क्रिश्चियन बेल का फ्रेंकस्टीन अवतार |
| हॉपर्स (६ मार्च) | एनीमेशन | पिक्सर की नई दुनिया | |
| प्रोजेक्ट हेल मैरी (२० मार्च) | साई-फाई | अंतरिक्ष में रयान गोसलिंग | |
| जून | सुपरगर्ल: वूमन ऑफ टुमारो (२६ जून) | एक्शन | एक नई सुपरहीरोइन का उदय |
| टॉय स्टोरी ५ (संभावित) | एनीमेशन | बचपन की यादें | |
| जुलाई | मिनियंस ३ (१ जुलाई) | कॉमेडी | हंसी के ठहाके |
| द ओडिसी (१७ जुलाई) | एपिक/एक्शन | नोलन का जादुई अनुभव | |
| स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे (३१ जुलाई) | एक्शन | सबका चहेता स्पाइडी | |
| अक्टूबर | रिमेन (२३ अक्टूबर) | थ्रिलर | श्यामलन का रहस्य |
| दिसंबर | अवेंजर्स: डूम्सडे (१८ दिसंबर) | महाकाव्य | आरडीजे (RDJ) की वापसी |
निष्कर्ष: क्या २०२६ सबसे बड़ा साल होगा?
हॉलीवुड के लिए २०२६ एक ‘करो या मरो’ वाला साल नहीं, बल्कि ‘करो और राज करो’ वाला साल लगता है। जहाँ एक तरफ पुराने फार्मूले (सीक्वल और रीमेक) हैं, वहीं दूसरी तरफ नोलन और पिक्सर जैसे रचनाकार हैं जो सीमाओं को धक्का दे रहे हैं।
भारतीय दर्शकों के लिए, यह साल विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। हॉलीवुड अब हिंदी, तमिल और तेलुगु में अपनी फिल्मों को डब और मार्केट करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। ‘अवेंजर्स’ और ‘स्पाइडर-मैन’ जैसी फिल्में अब ‘विदेशी’ नहीं लगतीं; वे हमारी अपनी पॉप-कल्चर का हिस्सा बन चुकी हैं। २०२६ में जब ये फिल्में रिलीज होंगी, तो सिनेमाघरों के बाहर लंबी कतारें, सोशल मीडिया पर मीम्स की बाढ़ और दोस्तों के बीच बहस (“कौन जीतेगा, डूम या अवेंजर्स?”) का माहौल होगा।
तो पॉपकॉर्न तैयार रखिए, कोल्ड ड्रिंक ठंडी रखिए और अपनी सीट बेल्ट बांध लीजिए। २०२६ का साल सिनेमा के दीवानों के लिए एक कभी न खत्म होने वाला जश्न होने वाला है। क्या आप तैयार हैं इस जादू का हिस्सा बनने के लिए?
अतिरिक्त अंतर्दृष्टि: भारतीय बाजार पर प्रभाव
इस पूरे विश्लेषण से एक बात साफ है कि हॉलीवुड अब भारत को केवल एक ‘अतिरिक्त बाजार’ नहीं मानता। २०२६ की लाइनअप में कई फिल्में ऐसी हैं जो भारतीय संवेदनाओं के करीब हैं। ‘मोआना’ और ‘टॉय स्टोरी’ परिवार के महत्व को उजागर करती हैं, जबकि ‘ओडिसी’ और ‘ड्यून’ महाकाव्य कथाओं की भूख को शांत करती हैं।
यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारतीय फिल्म उद्योग (बॉलीवुड और टॉलीवुड) को इस साल कड़ी टक्कर मिलने वाली है। जब ‘अवेंजर्स’ या ‘स्पाइडर-मैन’ रिलीज होती है, तो अक्सर बड़ी से बड़ी हिंदी फिल्में भी अपनी रिलीज डेट आगे-पीछे कर लेती हैं। २०२६ में भारतीय फिल्म निर्माताओं को अपने कंटेंट को और भी मजबूत करना होगा ताकि वे इस वैश्विक सुनामी के सामने टिक सकें। अंततः, जीत दर्शकों की ही होगी, जिन्हें बेहतरीन कहानियों की दावत मिलने वाली है।
अंतिम विचार:
चाहे आप सुपरहीरो के फैन हों, हॉरर के शौकीन हों, या बस एक अच्छी कहानी की तलाश में हों, २०२६ के पास हर किसी के लिए कुछ न कुछ है। तो चलिए, मिलते हैं सिनेमाघरों में!
