कपूर खानदान की दावत: ‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ के साथ बॉलीवुड के ‘फर्स्ट फैमिली’ के घर में खास एंट्री

कपूरों की विरासत और स्क्रीन पर एक शाही दावत

डाइनिंग विद द कपूर्स
Molly Se-kyung

भारतीय सिनेमा के रंगीन और विशाल इतिहास में, शायद ही कोई ऐसा धागा हो जो कपूर खानदान जितना सुनहरा और मजबूत हो। यह सिर्फ कलाकारों का परिवार नहीं है; वे एक ऐसी संस्था हैं जिसने मूक फिल्मों से लेकर बोलती फिल्मों, ब्लैक एंड व्हाइट से टेक्नीकलर और अब स्ट्रीमिंग के दौर तक का सफर सफलतापूर्वक तय किया है। घरेलू अपनापन और ग्लोबल चकाचौंध को एक साथ मिलाते हुए, नेटफ्लिक्स लेकर आ रहा है “डाइनिंग विद द कपूर्स” (Dining With The Kapoors)। यह सिर्फ एक वैरायटी शो नहीं है, बल्कि यह बॉलीवुड की रॉयल्टी का एक ऐसा नज़ारा है, जहाँ दर्शकों को सिनेमा के इस सौ साल पुराने साम्राज्य के वारिसों के साथ एक ही मेज पर बैठने का निमंत्रण मिलता है।

यह कोई पहले से लिखा गया (scripted) रियलिटी शो नहीं है जहाँ नकली झगड़े रचे जाएं; यह ‘फ्लाई-ऑन-द-वॉल’ (fly-on-the-wall) अंदाज में फिल्माया गया इतिहास को संजोने का एक प्रयास है। यह रीयूनियन समाज के उस कुलीन वर्ग की एक झलक है, जहाँ परंपरा और आधुनिकता घी से सने पकवानों और वाइन के ग्लासों के बीच आपस में टकराती हैं, और जहाँ खून के रिश्तों की गर्माहट सरनेम (उपनाम) के भारी-भरकम बोझ को हल्का कर देती है।

यह शो एक बेहद खास मौके पर आ रहा है: परिवार के मुखिया और दिग्गज राज कपूर का जन्म शताब्दी वर्ष। यह घटना पूरी कहानी का केंद्र बिंदु है, जो इस स्पेशल को सिर्फ एक शो नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा में स्टारडम के विकास को समझने के लिए एक ज़रूरी दस्तावेज़ बनाती है।

सपनों के सौदागर: राज कपूर और 100वें जन्मदिन का जश्न

इस मिलन की भव्यता को समझने के लिए, हमें उस रूह को देखना होगा जो इस मेज की सदारत कर रही है। राज कपूर, वो सदाबहार ‘शोमैन’, एक ऐसी गुरुत्वाकर्षण शक्ति हैं जो आज भी इस परिवार को एक साथ जोड़े हुए हैं। यह शो विशेष रूप से उनके 100वें जन्मदिन को समर्पित है, एक ऐसा अवसर जो पूरी फिल्म इंडस्ट्री में मायने रखता है।

‘शोमैन’ का फलसफा और वो अमर जाम

राज कपूर की शख्सियत शो के हर पहलू में रची-बसी है। ट्रेलर में परिवार को एक भावुक टोस्ट (जाम) उठाते हुए दिखाया गया है, जहाँ उनके पोते और सुपरस्टार रणबीर कपूर अपने दादा की एक अमर लाइन दोहराते हैं: “जीना यहाँ, मरना यहाँ, इसके सिवा जाना कहाँ।” फिल्म मेरा नाम जोकर का यह डायलॉग सिर्फ एक फिल्मी संवाद नहीं है; यह कपूर परिवार का आदर्श है, कला और अपने दर्शकों के प्रति उनका अटूट समर्पण है।

यह डॉक्यूमेंट्री इस सालगिरह के बहाने निरंतरता को तलाशती है, उन शानदार पार्टियों की याद दिलाती है जो राज कपूर अपने ‘देवनार कॉटेज’ और आर.के. स्टूडियो में आयोजित किया करते थे। उस माहौल को फिर से बनाकर, परिवार ने खुद को मेहमाननवाज़ी और भव्यता की उस परंपरा का असली संरक्षक साबित किया है। कहानी यह बताती है कि भले ही ‘शोमैन’ अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन जश्न मनाने और खाने के प्रति उनका जुनून आज भी उनके परिवार में ज़िंदा है।

किरदार नहीं, परिवार: रिश्तों की असली तस्वीर

‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ को जो बात खास बनाती है, वह है इसके आपसी संवादों की गहराई। यहाँ कलाकार कोई भूमिका नहीं निभा रहे; ये परिवार के सदस्य हैं जो बस ‘वे’ हैं, जिन्हें मशहूर डायरेक्टर स्मृति मूंधड़ा ने अपने कैमरे में कैद किया है, जो बिना स्क्रिप्ट के पलों में सच्चाई तलाशना बखूबी जानती हैं।

रणबीर की शैतानी और करीना का ‘गॉसिप’

रणबीर कपूर यहाँ मची हुई हलचल के मुख्य सूत्रधार बनकर उभरते हैं। उन्हें एक “बड़े भाई वाली एनर्जी” के साथ दिखाया गया है, जो किचन में मज़ाक-मस्ती कर रहे हैं और शो के होस्ट अरमान जैन को लगातार परेशान कर रहे हैं। हालांकि, अपनी इस शरारती छवि के साथ-साथ वे अपनी विरासत के प्रति गहरा सम्मान भी दिखाते हैं।

दूसरी तरफ, करीना कपूर खान अपने ‘दीवा’ वाले अंदाज को बखूबी पेश करती हैं और उनका एक वाक्य तो अभी से ही हिट हो गया है: “व्हाट्स द गॉस?” (What’s the goss? – क्या गॉसिप है?)। यहाँ गॉसिप कोई बुरी चीज़ नहीं, बल्कि वह गोंद है जो परिवार को जोड़े रखता है। नीतू कपूर बड़े प्यार से उन्हें “सबसे ज्यादा ड्रामैटिक” कहती हैं, एक ऐसा टैग जिसे करीना गर्व से पहनती हैं, खासकर जब वे नेपोटिज्म (भाई-भतीजावाद) और इंडस्ट्री में लंबे समय तक टिके रहने पर बहस कर रही होती हैं।

पूरा कुनबा और एक खटकती गैरमौजूदगी

यह डॉक्यूमेंट्री सिर्फ ‘कपूर’ सरनेम तक सीमित न रहकर परिवार के विस्तारित सदस्यों को भी शामिल करने में सफल रही है। हम खानदान की ‘Gen Z’ पीढ़ी को देखते हैं: अगस्त्य नंदा (जिन्होंने द आर्चीज़ से डेब्यू किया) और उद्यमी नव्या नवेली नंदा, साथ ही जहान कपूर जैसे चेहरे भी।

और सबसे बड़ी अनुपस्थिति? आलिया भट्ट। भले ही रणबीर की पत्नी इस शो में शारीरिक रूप से नज़र नहीं आ रही हैं, लेकिन डिजिटल दुनिया और चर्चाओं में उनकी मौजूदगी महसूस की गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना पूरा समर्थन दिखाया है, अपने कज़िन-इन-लॉ अरमान के काम की तारीफ करते हुए (“Congratulations Armani…”)। यह दिखाता है कि बिजी शेड्यूल के बावजूद परिवार एक है।

खाने की कहानियाँ: घी, मैकरोनी और किचन में अरमान

‘डाइनिंग विद द कपूर्स’ में खाना भी एक मुख्य किरदार है। कपूर परिवार अपने मशहूर ‘पेशावरी’ ज़ायके और खाने के शौक़ के लिए जाना जाता है, और मेन्यू उनकी आज की पहचान को दर्शाता है: जो ग्लोबल भी है और दिल से देसी भी।

मेन्यू: परंपरा और आधुनिकता का संगम

इस दावत का स्टार है ‘घी’, जिसे “प्यार और हंसी” का सीक्रेट बताया गया है। लेकिन मेन्यू अपनी विविधता से चौंकाता है: मसालों से भरपूर पारंपरिक व्यंजनों के साथ-साथ मैक एंड चीज़ (Mac and Cheese) भी परोसा जा रहा है, जो पश्चिमी कंफर्ट फूड और नई पीढ़ी की कॉस्मोपॉलिटन परवरिश की ओर इशारा करता है।

अरमान जैन: शेफ और प्रोड्यूसर

अरमान जैन इस पूरे प्रोजेक्ट की धुरी हैं। वे न केवल स्क्रीन पर होस्ट और शेफ की भूमिका निभा रहे हैं—किचन में रणबीर की “अफरत-तफरी” को संभालते हुए—बल्कि अपनी प्रोडक्शन कंपनी, आवश्यक मीडिया (Aavashyak Media) के जरिए इस प्रोजेक्ट के असली दिमाग भी वही हैं। यह इस शो को “परिवार के द्वारा, परिवार के लिए” बनाई गई एक प्रस्तुति बनाता है, जिसे नेटफ्लिक्स को लाइसेंस दिया गया है। इससे उन्हें अपनी कहानी कहने और अपने नाना को श्रद्धांजलि देने के तरीके पर पूरा क्रिएटिव कंट्रोल मिलता है।

इतिहास के नाम एक दावत

“डाइनिंग विद द कपूर्स” अपनी पहचान का एक ऐलान है। बदलती दुनिया में, यह परिवार सबसे बड़े स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके सबको याद दिला रहा है कि वे सौ साल से शीर्ष पर क्यों हैं। ऐतिहासिक आर्काइव को आज की हकीकत के साथ जोड़कर, वे सिनेमा के इन ‘देवताओं’ को उनके प्रभामंडल (aura) से वंचित किए बिना इंसान के रूप में पेश करने में कामयाब रहे हैं।

मैकरोनी की प्लेटों से लेकर दादा राज की याद में व्हिस्की के जाम टकराने तक, हर चीज़ इस मिथक को मजबूत करने के लिए रची गई है। यह एक निमंत्रण है यह देखने का कि “बॉलीवुड का पहला परिवार” खुद को कैसे पोषित करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि उनकी विरासत आगे बढ़ती रहे।

जो लोग इस निमंत्रण को स्वीकार करना चाहते हैं, उनके लिए दावत बहुत जल्द सजने वाली है। “डाइनिंग विद द कपूर्स” 21 नवंबर को नेटफ्लिक्स पर दुनिया भर में रिलीज हो रही है।

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