BEAT: अस्तित्व और शून्यता के बीच एक संगीत-वृत्तचित्र

Martha Lucas
BEAT – A Verbatim Song Cycle 

जीवविज्ञान और आध्यात्मिकता के जटिल अंतर्संबंधों को खंगालते हुए, संगीतकार लिय़ा केनी और गीतकार ओलिविया बेल ने एक अनूठी कलाकृति प्रस्तुत की है। ‘BEAT’ नामक यह शब्दशः गीत चक्र (Verbatim Song Cycle), सैक्सोफोन, बास क्लैरिनेट, हार्प, मानव स्वर और इलेक्ट्रॉनिक ध्वनियों का एक ऐसा मिश्रण है जो जीवन की मौलिक परिभाषा को चुनौती देता है। यह कृति एक मर्मभेदी प्रश्न उठाती है: क्या सजीव होने के लिए धड़कते हुए हृदय का होना अनिवार्य है? यह रचना इलेक्ट्रो-एकौस्टिक ध्वनियों के माध्यम से जीवन, मृत्यु और उस सूक्ष्म स्पंदन के बीच के संबंधों का अन्वेषण करती है जो हमें अस्तित्व की डोर से बांधे रखता है।

इस कृति का आधार एक व्यापक और विविध अभिलेख है, जिसमें वैज्ञानिक तथ्यों और व्यक्तिगत अनुभवों का अद्भुत समन्वय देखने को मिलता है। इसका आलेख (लिब्रेटो) साक्षात्कारों, चिकित्सा संबंधी लेखों, समाचारों की कतरनों और वैज्ञानिक व्याख्यानों से तैयार किया गया है। यह शब्दशः पद्धति सार्वजनिक विमर्शों और डिजिटल माध्यमों की चर्चाओं को आध्यात्मिक ग्रंथों के साथ एकीकृत करती है। इसमें उपशामक देखभाल (palliative care) से जुड़े पेशेवरों के अनुभवों और विभिन्न आस्थाओं के पवित्र ग्रंथों को भी स्थान दिया गया है, ताकि यह समझा जा सके कि अलग-अलग संस्कृतियाँ उपस्थिति और अनुपस्थिति के बीच के संक्रमण को कैसे देखती हैं। शरीर और आत्मा, तथा धड़कन और मौन के बीच का यह भाषाई और संगीतमय विश्लेषण मानवीय संवेदनाओं की गहराई को उजागर करता है।

शैलीगत रूप से, यह कृति चिकित्सा विज्ञान और रहस्यवाद के बीच के धुंधले क्षेत्र में विचरण करती है। यह डॉक्यूमेंट्री म्यूजिक-थिएटर का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो आवाजों के कोलाज के माध्यम से मृत्यु और अस्तित्व के बारे में हमारी सामाजिक धारणाओं को विखंडित करता है। इस प्रदर्शन में ओलिविया बेल के स्वर, लिय़ा केनी के सैक्सोफोन, मारेड पुघ-इवांस के हार्प और कैथरीन टिटकॉम्ब के बास क्लैरिनेट का समावेश है। रॉबी विल्स ने वाइब्राफोन पर और मनीष सांगा ने इलेक्ट्रॉनिक्स के सूक्ष्म संयोजन से इस ध्वनि-यात्रा को पूर्णता प्रदान की है। यह रचना वैज्ञानिक साक्ष्यों और आध्यात्मिक मौन के बीच के उस अनिश्चित क्षेत्र की यात्रा है, जहाँ जीवन की एक नई परिभाषा उभरती है।

इस विशेष प्रस्तुति का आयोजन मंगलवार, 27 जनवरी को शाम 7:30 बजे लंदन के कैनाल कैफे थिएटर में किया जाएगा। लगभग 60 मिनट की अवधि वाला यह कार्यक्रम 14 वर्ष और उससे अधिक आयु के दर्शकों के लिए उपयुक्त है।

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