प्रौद्योगिकी

AMD के World Labs ख़रीदने पर फ़ेई-फ़ेई ली: “ब्रह्मांड शब्दों से नहीं, असली चीज़ों से बना है…”

World Labs को AMD को बेचने की घोषणा करते हुए फ़ेई-फ़ेई ली ने वह विचार दोहराया जिस पर उनकी लैब खड़ी हुई। एक चिप कंपनी की होने वाली मुख्य वैज्ञानिक के मुँह से यह दर्शन कम, हार्डवेयर का दांव ज़्यादा है।
Adrian Kessler
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फ़ेई-फ़ेई ली (Fei-Fei Li) वह वैज्ञानिक हैं जिनके काम ने मशीनों को देखना सिखाया। अब उन्होंने भाषा की सीमाओं से आगे AI को ले जाने के लिए बनाई अपनी लैब बेच दी है। चिप निर्माता AMD का हिस्सा बनने जा रही World Labs की घोषणा करते हुए—AMD की कमान उनकी शुरुआती समर्थक लीसा सू (Lisa Su) के हाथों में है—ली ने एक ही वाक्य में उस बुनियादी विचार को फिर सामने रखा, जिस पर कंपनी की स्थापना हुई थी। यह वाक्य AI के उस दौर को चुनौती देने की बाज़ी भी है, जिसमें सबसे पहले शब्दों को रखा जाता है।

“ब्रह्मांड शब्दों से नहीं, वास्तविक चीज़ों से बना है। AI के सामने विज्ञान से लेकर मनोरंजन और रोबोटिक्स तक, कई सबसे अहम समस्याओं को हल करने के लिए ऐसे मॉडल चाहिए जो भौतिक दुनिया की संरचना और उसके व्यवहार को समझकर तर्क कर सकें।”

ली ने यह बात अपने Substack ब्लॉग पर “World Labs to AMD” शीर्षक वाली पोस्ट में लिखी। सौदे पर अपनी रिपोर्ट में The Register ने भी इसे उद्धृत किया। इससे ठीक पहले का वाक्य कंपनी की सोच साफ़ करता है: World Labs की राहदारी इस बुनियादी मान्यता ने की कि “मॉडल विकसित करने के लिए केवल भाषा पर्याप्त नहीं है।”

AMD ने World Labs को पूरी तरह शेयरों के बदले खरीदने पर सहमति जताई है। सौदे का मूल्य लगभग 8.2 अरब डॉलर आँका गया है और नियामकों की मंज़ूरी मिलने पर इसके 2026 के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। ली AMD की कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य वैज्ञानिक बनेंगी तथा सीधे सू को रिपोर्ट करेंगी। सैन फ़्रांसिस्को की इस लैब की सह-स्थापना उन्होंने 2024 की शुरुआत में बेन मिल्डेनहॉल (Ben Mildenhall) और जस्टिन जॉनसन (Justin Johnson) के साथ की थी। यह ऐसे सिस्टम बनाती है जिन्हें उद्योग जगत world models यानी विश्व-मॉडल कहता है: ये पाठ, तस्वीरों और वीडियो से 3D परिवेश तैयार करते हैं, उनका पुनर्निर्माण करते हैं और उनका अनुकरण करते हैं। The Register के शब्दों में, बड़ा भाषा मॉडल अगले शब्द का अनुमान लगाता है; विश्व-मॉडल परिवेश की कल्पना करता है और फिर उसी के आधार पर समस्या सुलझाता है।

इस वाक्य की पहली और आसान व्याख्या इसे Meta के पूर्व मुख्य AI वैज्ञानिक यान लेकन (Yann LeCun) की सोच के साथ रखती है। लेकन कह चुके हैं कि बड़े भाषा मॉडल शायद एक बंद गली साबित हों। ली की बात इससे अधिक सीमित है; The Register ने ध्यान दिलाया कि वह LLM के ख़िलाफ़ नहीं हैं। उनकी लैब का सबसे नया मॉडल भी LLM की तरकीब अपनाता है: ली लिखती हैं कि Atlas, 2D तस्वीरों के एक समूह से अगला दृश्य उसी तरह अनुमानित करता है, जैसे भाषा मॉडल अगला टोकन बताता है। उनका ऐतराज़ तरीके पर नहीं, उस सामग्री पर है जिस पर यह तरीका काम करता है। पाठ दुनिया का ऐसा ब्यौरा है जिसे लोगों ने लिखा है; ली का तर्क है कि हल करने लायक समस्याएँ—विज्ञान से लेकर मनोरंजन और रोबोटिक्स तक—उस वास्तविक दुनिया में मौजूद हैं, जिसका वर्णन पाठ करता है।

इस वाक्य को अहमियत इसलिए मिलती है कि इसके पीछे पैसा किसने लगाया है। कोई चिप निर्माता किसी विचारधारा पर अरबों डॉलर के शेयर खर्च नहीं करता। AMD की घोषणा में खरीद को कंप्यूटिंग क्षमता की ज़रूरतों से जोड़ा गया है। कंपनी का कहना है कि जैसे-जैसे AI रोबोटिक्स, सिमुलेशन और भौतिक AI के क्षेत्र में फैल रहा है, “कंप्यूटिंग ढाँचे की माँगें और विविध होती जा रही हैं।” सू की अपनी बात इस सौदे का संकेत देती है: “AI की अगली पीढ़ी के लिए कंप्यूटिंग प्लेटफ़ॉर्म बनाने के वास्ते यह गहराई से समझना ज़रूरी है कि मॉडल कैसे विकसित हो रहे हैं।” सीधे शब्दों में कहें तो AMD अगली तरह के काम को पहले से देखना चाहता है—ताकि उसे चलाने वाली सिलिकॉन चिप डिज़ाइन कर सके। The Register के मुताबिक, Nvidia की तुलना में AMD की सॉफ़्टवेयर इंजीनियरिंग टीम बहुत छोटी है। World Labs उसे अपनी ही कंपनी के भीतर एक शोध दल देता है—और यह उस समझौते के कुछ ही सप्ताह बाद हो रहा है, जिसके तहत उसने स्टार्टअप Taalas को खरीदने पर सहमति दी थी। Taalas मॉडल के वज़नों को सीधे सिलिकॉन में ढालता है।

ली इसी प्रक्रिया को दूसरी तरफ़ से समझाती हैं। वह लिखती हैं, “हार्डवेयर पर केंद्रित प्रयास के बिना AI की दक्षता बाधित होती है। उसकी क्षमता का विस्तार भी। और हमारे मक़सद के लिहाज़ से वह डिजिटल दुनिया में ही फँसा रहता है।” उनके उद्धरण का असल आशय यही है। भौतिक जगह के बारे में तर्क करने वाला मॉडल उतना ही उपयोगी है, जितनी तेज़ी से उसे चलाने वाली मशीन किसी रोबोट को दिशा दे सकती है। और ली ने तय किया है कि ऐसी मशीन तक पहुँचने का सबसे तेज़ रास्ता उसे बनाने वाली कंपनी के भीतर जाना है।

इस वाक्य का महत्व उसके पीछे के करियर से भी आता है। ली ने 2000 में मशीनों और मस्तिष्क—दोनों में दृश्य बुद्धिमत्ता को समझने की चाह के साथ इस क्षेत्र में कदम रखा था। उनकी लैब के ImageNet कार्य ने AI के आधुनिक दौर की शुरुआत में मदद की। बाद में उन्होंने Google Cloud की AI इकाई की स्थापना की और उसकी मुख्य वैज्ञानिक बनीं; साथ ही Stanford के Human-Centered AI संस्थान की संस्थापक निदेशक भी रहीं। पच्चीस साल बाद भी उनका तर्क नहीं बदला है, लेकिन दाँव अब बहुत बड़े हैं। सौदा पूरा होने पर यह दलील देने वाली प्रोफ़ेसर सू को रिपोर्ट करेंगी।

अगर ली सही साबित हुईं, तो AMD ने उन कामों की शुरुआती झलक हासिल कर ली है जो AI हार्डवेयर की अगली पीढ़ी को आकार देंगे। अगर वह ग़लत हुईं और भाषा हर चीज़ को अपने भीतर समेटती रही, तो AMD ने एक महँगा बचाव-उपाय खरीदा है। The Register ने भी सौदे को इसी नज़र से देखा: यह इस संभावना के ख़िलाफ़ बीमा है कि LLM आख़िरकार एक बंद गली साबित हों।

ली का वाक्य ब्रह्मांड के बारे में एक कथन के रूप में शुरू होता है। सौदा पूरा होते-होते वह एक स्पेक शीट बन जाएगा।

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