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Carter: बाथहाउस की शानदार फाइट, लेकिन उलझी हुई कहानी में खोती फ़िल्म

जंग ब्युंग-गिल की नेटफ्लिक्स एक्शन थ्रिलर (2022), जिसमें जू वोन मुख्य भूमिका में हैं।
Martha O'Hara
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खून से सने मोटल के बिस्तर पर एक आदमी की आँख खुलती है। सिर के पिछले हिस्से में क्रॉस के आकार का निशान है, याददाश्त ग़ायब है, और कमरे में CIA के एजेंट घुस आए हैं जो जानना चाहते हैं कि डॉ. जंग ब्योंग-हो कहाँ हैं। आदमी को न डॉक्टर का पता है, न अपना। तभी कान के भीतर एक औरत की आवाज़ कहती है कि उसका नाम कार्टर है और अगर ज़िंदा रहना है तो उसे हर निर्देश मानना होगा। जंग ब्योंग-गिल की Carter (2022) यहीं से खुलती है, और उसके बाद कहानी लगभग लगातार भागती रहती है।

पृष्ठभूमि यह है कि DMZ से फैली एक महामारी को दो महीने हो चुके हैं और वह अमेरिका और उत्तर कोरिया को तबाह कर चुकी है। संक्रमित लोग हिंसक हो जाते हैं, लगभग ज़ॉम्बी की तरह। कार्टर के सिर में एक रहस्यमय उपकरण लगा है और मुँह में जानलेवा बम। उसे अपना अतीत याद नहीं, फिर भी उसे एक गुप्त अभियान में धकेल दिया गया है, जिसमें CIA और उत्तर कोरिया में तख़्तापलट की तैयारी करने वाले, दोनों उसके पीछे लगे हैं। दक्षिण और उत्तर कोरिया मिलकर टीका बनाने की कोशिश में हैं। डॉ. जंग ने अपनी संक्रमित बेटी हा-ना को ठीक किया था, और उसी के एंटीबॉडी से इलाज की उम्मीद बनी है। मुश्किल यह है कि हा-ना रास्ते में लापता हो गई, और माना जा रहा है कि CIA ने उसे उठा लिया है। कार्टर को उसे ढूँढकर उत्तर कोरिया की प्रयोगशाला तक पहुँचाना है।

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फ़िल्म का सबसे याद रहने वाला हिस्सा पहली बड़ी लड़ाई है। मोटल से निकलकर कार्टर एक सार्वजनिक स्नानघर में पहुँचता है और वहाँ क़रीब सौ गैंगस्टर उस पर टूट पड़ते हैं। जू वॉन इस पूरे प्रसंग में ऐसे लड़ते हैं मानो किरदार अपना नाम भूल चुका हो, पर लड़ना नहीं भूला। रिलीज़ के समय समीक्षकों ने एक्शन, सिनेमैटोग्राफ़ी और जू वॉन के अभिनय की तारीफ़ की थी, और स्नानघर का यह प्रसंग उस तारीफ़ की सबसे ठोस वजह है। भीड़ में घिरा एक अनजान आदमी, जिसे ख़ुद नहीं मालूम कि उसके हाथ इतना कुछ कैसे जानते हैं: फ़िल्म जो सवाल उठाती है, वह यहीं सबसे साफ़ दिखता है, और आगे जाकर उसका जवाब देने में फ़िल्म हड़बड़ी करती है।

पहचान का सवाल कहानी को आगे भी धकेलता है। उत्तर कोरिया की तरफ़ से कार्टर को बताया जाता है कि वह दक्षिण कोरिया में जन्मा, पर उत्तर का नागरिक बन चुका आदमी है, जो अपनी संक्रमित बेटी को बचाने के लिए इस मिशन पर आया है। CIA के एजेंट कुछ और ही दावा करते हैं: उनके मुताबिक़ वह माइकल बेन नाम का पूर्व जासूस है, जिसे सीरिया के एक अभियान में मरा हुआ मान लिया गया था। दो परस्पर विरोधी कहानियाँ, और बीच में एक आदमी जिसके पास जाँचने के लिए अपनी कोई याद नहीं। विचार अच्छा है, और अगर फ़िल्म इस उलझन के साथ थोड़ा ठहरती, तो एक्शन के नीचे एक ठोस भावनात्मक ज़मीन बन सकती थी। जू वॉन के अभिनय में वह भटकाव दिखता भी है, पर पटकथा उसे गहराने के बजाय अगले दृश्य की ओर निकल जाती है।

असल समस्या कहानी में है। फ़िल्म एक साथ बहुत कुछ समेटना चाहती है: महामारी, भूली हुई पहचान, सिर का उपकरण, मुँह का बम, CIA, उत्तर कोरिया की सत्ता की खींचतान। इन सबको जोड़ने वाली कड़ी बार-बार ढीली पड़ती है। जब किसी नायक को ख़ुद नहीं पता कि वह कौन है, तो दर्शक के पास उसके साथ चलने के लिए बस उसकी भावनाएँ बचती हैं, और पटकथा उन्हें भरने के बजाय अगले धमाके की ओर भाग जाती है। जंग ब्योंग-गिल ने इसे जंग ब्योंग-सिक के साथ मिलकर लिखा है, और रिलीज़ के बाद आलोचना का बड़ा हिस्सा पटकथा और कथानक पर ही टिका। मुझे भी लगा कि लगातार चलती लड़ाइयों के बीच कहानी सिर्फ़ बहाने का काम कर रही है। तख़्तापलट वाला मोड़ भी इसी वजह से उतना असर नहीं छोड़ता: जनरल का विश्वासघात दर्शक को चौंकाने से पहले ही एक और ज़रूरी घटना की तरह दर्ज हो जाता है। महामारी के बीच दोनों कोरियाई देशों का मिलकर इलाज ढूँढना ऐसा विषय था जिस पर फ़िल्म कुछ कह सकती थी, पर वह इसे पृष्ठभूमि से आगे नहीं ले जाती।

आख़िरी हिस्से में फ़िल्म एक साथ कई खुलासे और पड़ाव निपटाती है। पता चलता है कि हान जंग-ही कार्टर की पत्नी हैं और उनकी संक्रमित बेटी का नाम यून-ही है। इसके बाद सब एक ऐसी ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते हैं जो चीनी सरकार की देखरेख में संक्रमित लोगों को दानदोंग ले जा रही है। कार्टर की खोई यादें लौटाने वाला उपकरण भी यहीं काम में आता है। ये सारे मोड़ भावनात्मक रूप से भारी हो सकते थे, पर इतनी तेज़ी से आते हैं कि किसी पर टिकने का समय नहीं मिलता।

कलाकारों में ली सुंग-जे जनरल किम जोंग-ह्योक बने हैं। यह जनरल हान जंग-ही और कार्टर को धोखा देकर उत्तर कोरिया की सरकार के ख़िलाफ़ फ़ौजी बग़ावत छेड़ देता है, और कहानी वहीं से नया मोड़ लेती है। जोंग सो-री हान जंग-ही की भूमिका में हैं। कार्टर के कान में निर्देश देती रहने वाली आवाज़ उन्हीं की है, और उनका किरदार उत्तर कोरिया की लेबर पार्टी से जुड़ा है। शुरू में वह सिर्फ़ एक आवाज़ है, और सिर्फ़ आवाज़ के सहारे भरोसा जमाना आसान काम नहीं। जंग जे-यंग डॉ. जंग ब्योंग-हो बने हैं, यानी उस वैज्ञानिक के किरदार में जिस पर पूरे अभियान का दारोमदार है। दो योंग-सो हा-ना बनी हैं, जिस लड़की के इर्द-गिर्द पूरी भाग-दौड़ घूमती है। कैमिला बेल एग्नेस और माइक कोल्टर स्मिथ के रूप में फ़िल्म में हैं, पर उनके हिस्से इतना कम आया है कि देखने के बाद शायद ही याद रहें।

Netflix पर 5 अगस्त 2022 को आई Carter को मिली-जुली से लेकर नकारात्मक समीक्षाएँ मिलीं। तारीफ़ एक्शन, सिनेमैटोग्राफ़ी और जू वॉन के अभिनय की हुई, निशाने पर पटकथा और कथानक रहे। मेरी राय इससे ज़्यादा अलग नहीं है। स्नानघर की लड़ाई और जू वॉन की मेहनत अपने आप में देखने लायक़ हैं। पर जो दर्शक कहानी से भी कुछ माँगता है, उसे फ़िल्म कुछ ही देर बाद ख़ाली हाथ छोड़ देती है। अगर आप सिर्फ़ मारधाड़ के लिए बैठ रहे हैं, तो शिकायतें कम रहेंगी।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

  • 도영서 — Ha-na

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