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Raw भूख को पहचान की कहानी बना देने वाली साहसी और बेचैन करने वाली शुरुआत है

जूलिया डुकूर्नो की 2017 की बॉडी-हॉरर फिल्म रैगिंग, चाहत और बदलाव की पड़ताल करती है।
Martha O'Hara
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जस्टिन शाकाहारी है, और पूरी सख़्ती से। पशु चिकित्सा विद्यालय के पहले ही हफ़्ते में वह एक ऐसी दुनिया में पहुँचती है जो जितनी बेलगाम है उतनी ही लुभावनी भी, और वहीं वह पहली बार कच्चा मांस खाती है। जूलिया डुकोर्नो की फ़िल्म Raw इसी एक निवाले से शुरू होती है और फिर देह, भूख और अपनी असली पहचान के सवालों तक फैल जाती है। यह हॉरर भी है और ड्रामा भी; जस्टिन का डर और उसकी भूख एक ही कहानी के दो सिरे हैं, और फ़िल्म उन्हें अलग-अलग खानों में नहीं बाँटती।

फ़िल्म का सबसे अहम मोड़ नए छात्रों की रैगिंग वाली रस्म है, जिसमें जस्टिन को खरगोश का गुर्दा खाना पड़ता है। यहाँ एक बात साफ़ रहनी चाहिए। मांस का पहला स्वाद किसी हादसे के बाद ज़बरदस्ती नहीं आता; वह एक क्रूर रस्म का हिस्सा है, जिसे बाक़ी छात्र हँसी-मज़ाक़ की तरह निभाते हैं। असली बेचैनी इसके बाद शुरू होती है, क्योंकि आगे जो भूख जागती है वह जस्टिन के भीतर से उठती है। डुकोर्नो इस फ़र्क़ को पकड़कर रखती हैं, और इसी वजह से फ़िल्म सिर्फ़ “दबाव में बहक गई लड़की” की कहानी बनकर नहीं रह जाती। साथ चलने की बेताबी एक चीज़ है, अपने भीतर की माँग दूसरी, और फ़िल्म दोनों को एक-दूसरे में घुलते हुए दिखाती है।

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गैरेंस मैरिलियर के कंधों पर इस पूरे बदलाव का भार है, और वे उसे बिना शोर किए उठाती हैं। शुरुआत की जस्टिन सहमी हुई, नियमों में बँधी और कुछ हद तक अलग-थलग दिखती है। जैसे-जैसे उसकी भूख बदलती है, चेहरे की झिझक और शरीर की बेचैनी भी बदलती जाती है, पर मैरिलियर उसे कभी नाटकीय ऊँचाई पर नहीं ले जातीं। उनकी आँखें और हाव-भाव कई जगह संवाद से ज़्यादा कह देते हैं, और यही ठहराव डरावने दृश्यों को वज़न देता है। एला रम्फ़ अलेक्सिया के रूप में एक अलग ही तेज़ी लाती हैं। उनके किरदार में बेपरवाही और ख़तरा साथ-साथ चलते हैं, और जस्टिन के साथ उनके दृश्यों में स्नेह और होड़ की खींचतान बनी रहती है।

सहायक भूमिकाएँ छोटी हैं, पर हर एक कहानी में अपनी जगह घेरती है। राबा नैत उफ़ेला का अद्रियन उस नई दुनिया का हिस्सा है जिसमें जस्टिन ख़ुद को ढालने की कोशिश करती है। लोरां लुकास पिता और ज़ोआना प्रेस माँ के रूप में उस घर की याद दिलाते हैं जहाँ से जस्टिन आई है। बूली लानर्स ट्रक ड्राइवर के रूप में और मैरियों वर्नू नर्स के रूप में थोड़ी देर के लिए आते हैं, पर इतना काफ़ी है कि फ़िल्म की दुनिया विद्यालय के अहाते में सिमटकर न रह जाए। ये भूमिकाएँ मुख्य कहानी पर कभी हावी नहीं होतीं।

फ़िल्म का मूल विषय भूख है, और यह भूख खाने से कहीं बड़ी है। इसमें चाहत है, अपनेपन की ज़रूरत है, और वह हिस्सा भी जिसे हम सालों तक दबाकर रखते हैं। विद्यालय का माहौल इस टकराव के लिए बहुत उपयुक्त ज़मीन है: वहाँ सब नए हैं, सब अपनी जगह तलाश रहे हैं, और हर रस्म में थोड़ी क्रूरता घुली हुई है। डुकोर्नो कहीं रुककर फ़ैसला नहीं सुनातीं और किसी किरदार को सही-ग़लत के तराज़ू पर नहीं रखतीं। कहानी जस्टिन की नज़र से चलती है, इसलिए दर्शक ख़ुद महसूस करता है कि कौन-सी सीमा कब पार हो गई।

फ़िल्म का लहजा बार-बार चौंकाता है। एक पल में वह तीखे व्यंग्य की तरह लगती है, अगले ही पल बदन में सिहरन दौड़ा देती है। कुछ दृश्य शारीरिक रूप से असहज करने वाले हैं, और जिन दर्शकों को ऐसी चीज़ें झेलना मुश्किल लगता है, उन्हें इसकी चेतावनी पहले से मिल जानी चाहिए। पर यह असहजता बेवजह नहीं है; वह उसी बदलाव का हिस्सा है जिसे फ़िल्म दिखाना चाहती है। हॉरर की ज़मीन पर खड़ी होकर भी Raw एक कमिंग-ऑफ़-एज कहानी है, जिसमें डर बाहर से कम और भीतर से ज़्यादा आता है।

कमज़ोरियाँ भी हैं। फ़िल्म का अंत मुझे थोड़ा अचानक लगा। पूरी कहानी जिस रफ़्तार से आगे बढ़ती है, उसके मुक़ाबले आख़िरी हिस्से में कुछ चीज़ें जल्दबाज़ी में समेटी हुई महसूस होती हैं, और जस्टिन के बदलाव का अंतिम पड़ाव उतना साफ़ नहीं उभरता जितना पहले की कड़ियों से उम्मीद बँधती है। इससे फ़िल्म ढहती नहीं, पर उसकी कसावट कुछ कम पड़ जाती है। सहायक किरदारों के भीतर झाँकने की गुंजाइश भी कम है, और कुछ रिश्ते सतह पर ही रह जाते हैं।

फिर भी Raw मेरे लिए एक मज़बूत फ़िल्म है। इसकी ताक़त जूलिया डुकोर्नो के साहसी निर्देशन में है, मैरिलियर के संयमित अभिनय में है, और उस भूख की सीधी पेशकश में है जिसे फ़िल्म न छिपाती है, न सजाती है। हॉरर और ड्रामा के बीच यह संतुलन साधना आसान नहीं होता, और यहाँ वह अंत तक काफ़ी हद तक सधा रहता है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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