प्रौद्योगिकी

AI से जोड़ने पर Google अब आपके Gmail और Photos के आधार पर विज्ञापन चुन सकता है

Susan Hill
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Google की निजता नीति में पहले साफ़ वादा था: Drive, Gmail या Photos में मौजूद आपकी सामग्री के आधार पर आपको वैयक्तिकृत विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। यह वाक्य अब भी नीति में है, लेकिन इसके अंत में एक शर्त जोड़ दी गई है: “जब तक आप इन सेवाओं का डेटा उन दूसरी Google सेवाओं को उपलब्ध कराने का विकल्प न चुनें जो वैयक्तिकृत विज्ञापन दिखाती हैं।” Google के पास पहले से ही ऐसा करने वाला एक फ़ीचर है।

इस फ़ीचर का नाम Personal Intelligence है। यह ऐसा वैकल्पिक सेटिंग है, जो Google Search के AI Mode को आपका Gmail और Google Photos पढ़ने देता है, ताकि उसके जवाब आपके अपने ईमेल और तस्वीरों की जानकारी के आधार पर दिए जा सकें। Google के AI सर्च टूल प्रायोजित नतीजे दिखा सकते हैं। अगर आपका इनबॉक्स जुड़ा हुआ है, तो Search उससे जो जानकारी हासिल करता है, वह अब आपको दिखाए जाने वाले विज्ञापनों को भी प्रभावित कर सकती है—और निजता नीति में यह बात साफ़ तौर पर लिखी है।

नीति इस प्रक्रिया को अपने ही एक उदाहरण से समझाती है: “Search, सामग्री को वैयक्तिकृत करने के लिए—विज्ञापनों समेत—उस कुछ डेटा का इस्तेमाल कर सकता है, जिसे आपने Search को ऐक्सेस करने की अनुमति दी है।” इस बदलाव पर सबसे पहले Android Authority की नज़र पड़ी और फिर The Verge, Ars Technica और 9to5Google ने इसकी ख़बर दी। विज्ञापन वाले हिस्से में बाकी सब पहले जैसा ही है। Google अब भी कहता है कि वह नस्ल, धर्म, यौन रुझान या स्वास्थ्य जैसी संवेदनशील श्रेणियों के आधार पर विज्ञापन लक्षित नहीं करता। साथ ही, जब तक आप उससे ऐसा करने को न कहें, वह विज्ञापनदाताओं को आपका नाम या ईमेल पता नहीं देता।

Google की अपनी व्याख्या इससे सीमित है। Ars Technica को दिए बयान में कंपनी ने कहा कि ऐप्स को जोड़ना “पूरी तरह आपकी इच्छा पर निर्भर है”; विज्ञापन “आपकी खोज, जवाब के संदर्भ और आपकी दिलचस्पियों जैसी चीज़ों के लिए प्रासंगिक बने रहेंगे” और “सीधे आपके Gmail इनबॉक्स या Photos लाइब्रेरी पर आधारित नहीं होंगे।” कंपनी के एक प्रवक्ता ने यह भी कहा कि विज्ञापन साझेदारों को मिलने वाली जानकारी में कोई बदलाव नहीं हुआ है। Ars ने इस बयान को घुमाकर दी गई पुष्टि माना: AI Mode जब आपके इनबॉक्स से कोई चीज़ उठाकर जवाब में शामिल करता है, तो वही जवाब उस संदर्भ का हिस्सा बन जाता है जिसके आधार पर विज्ञापन चुना जाता है।

“वैकल्पिक” होने की बात सुनने में जितनी अहम लगती है, असल में शायद उतनी है नहीं। Ars Technica के मुताबिक, Google ने Personal Intelligence को ऐसे संकेतों और पॉप-अप के ज़रिए बढ़ावा दिया है जिनमें इसके नतीजों के बारे में शायद ही कभी ठीक से बताया जाता है। इसलिए कई लोगों ने ध्यान दिए बिना इसे चालू कर दिया होगा। नीति यह स्पष्ट नहीं करती कि Gmail या Photos का कौन-सा डेटा इसमें शामिल है, वह कितने समय तक आपकी स्क्रीन पर दिखने वाली चीज़ों को प्रभावित करता है, या ईमेल के AI सारांश को अब भी Gmail की सामग्री माना जाएगा या नहीं।

इस एक शर्त का असर कितने लोगों तक पहुँच सकता है, यह भी अहम है। Personal Intelligence की शुरुआत अमेरिका के सब्सक्राइबरों के लिए Labs के एक सशुल्क फ़ीचर के रूप में हुई थी। मई में हुए अपने I/O डेवलपर सम्मेलन में Google ने इसे AI Mode के ज़रिए लगभग 200 देशों और क्षेत्रों में, 98 भाषाओं के उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध करा दिया—और इसके लिए सब्सक्रिप्शन की ज़रूरत नहीं रखी। Google खातों के लिए निजता नीति एक ही दस्तावेज़ है; इसमें सिर्फ़ उन लोगों के लिए एक अतिरिक्त हिस्सा है जिन पर यूरोपीय संघ या ब्रिटेन के डेटा संरक्षण कानून लागू होते हैं। इसलिए नई शब्दावली कोई ऐसा छोटा-सा नोट नहीं है जो सिर्फ़ अमेरिका पर लागू हो। Ars Technica के मुताबिक, Gemini ऐप में अभी विज्ञापन नहीं दिखते; यह बदलाव Search के AI टूल के आसपास दिखाए जाने वाले विज्ञापनों से जुड़ा है।

इस सुविधा को बंद किया जा सकता है, लेकिन सेटिंग आसानी से नहीं मिलती। अपने Google Account में Data & privacy खोलें, फिर Personalization settings, उसके बाद Manage Personalized Recommendations in Search Services और फिर Connected Content Apps पर जाएँ। वहाँ Gmail, Drive और Google Photos का कनेक्शन हटाया जा सकता है। इसी पेज पर वैयक्तिकृत सुझावों को पूरी तरह बंद करने का बटन भी है। Ars Technica के मुताबिक, Gemini में Personal Intelligence की सेटिंग से भी जुड़े हुए ऐप हटाए जा सकते हैं।

नीति की नई शब्दावली 16 अक्टूबर से लागू है—यही तारीख़ इसके मौजूदा संस्करण पर दी गई है—इसलिए जिन लोगों ने पहले ही अपने ऐप जोड़े हुए हैं, वे भी इसके दायरे में आते हैं। Google ने कहा है कि अगला ऐप जिसे वह Personal Intelligence से जोड़ने की योजना बना रहा है, Google Calendar है। इससे आपकी मुलाक़ातें और तय कार्यक्रम भी उसी डेटा के दायरे में आ जाएंगे जिसमें आपका इनबॉक्स शामिल है।

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