प्रौद्योगिकी

WhatsApp में आया यूज़रनेम फीचर, अब नंबर बताए बिना होगी बात

Susan Hill

2009 में लॉन्च होने के बाद से WhatsApp ने हर नए चैट के लिए एक ही शर्त रखी थी: फोन नंबर देना होगा। यह शर्त अब बदलने वाली है। WhatsApp ने यूज़रनेम फीचर की लिमिटेड बीटा टेस्टिंग शुरू कर दी है, जो पहली बार दुनिया के 200 करोड़ यूज़र्स को बिना फोन नंबर साझा किए नए लोगों से जुड़ने का मौका देगी। ग्लोबल लॉन्च जून 2026 में होना तय है।

तरीका एकदम सीधा है। जिन यूज़र्स को अपडेट मिल चुका है, उन्हें WhatsApp की Settings में Profile सेक्शन में एक नया Username फील्ड दिखेगा। 3 से 35 कैरेक्टर तक का यूज़रनेम बनाएं — सिर्फ छोटे अक्षर, नंबर, डॉट और अंडरस्कोर — और बस यही आपका नया पहचान बन जाएगा। अब अजनबियों को फोन नंबर देने की जरूरत नहीं, सिर्फ यूज़रनेम काफी है। जो कोई यूज़रनेम जानता है, वो ऐप में सर्च करके सीधे मैसेज कर सकता है। पहले से नंबर सेव किए हुए कॉन्टैक्ट्स के लिए कुछ नहीं बदलेगा।

WhatsApp ने इसके ऊपर एक और सुरक्षा परत भी जोड़ी है। एक वैकल्पिक 4 अंकों की “यूज़रनेम की” सेट करने पर, यूज़रनेम जानने वाले को भी यह कोड डालना होगा तभी मुख्य इनबॉक्स तक पहुंच पाएगा। कोड के बिना भेजे गए मैसेज एक अलग Requests फोल्डर में चले जाते हैं।

Meta इकोसिस्टम से जुड़ी सीमा

सामने आया है कि इस फीचर में एक अहम सीमा है जो समझनी जरूरी है। WhatsApp के यूज़रनेम Meta के बाकी प्लेटफॉर्म से अलग नहीं हैं। प्लेटफॉर्म यह मांग करता है कि चुना हुआ यूज़रनेम Facebook और Instagram पर भी उपलब्ध हो। अगर आपने Instagram जैसा ही यूज़रनेम चुना, तो कोई भी उससे Instagram पर आपकी प्रोफाइल आसानी से ढूंढ सकता है। इसलिए जो लोग अपने अलग-अलग Meta अकाउंट को अलग रखना चाहते हैं, उन्हें एक अलग यूज़रनेम चुनना होगा और तीनों प्लेटफॉर्म पर उसकी उपलब्धता पहले चेक करनी होगी।

एक और बात साफ तौर पर कहनी जरूरी है: WhatsApp अकाउंट बनाने और चलाने के लिए फोन नंबर अभी भी अनिवार्य है। यूज़रनेम नंबर की जगह नहीं लेता — यह सिर्फ नए कॉन्टैक्ट्स के लिए एक प्राइवेसी फिल्टर है, पूरी तरह गुमनामी का जरिया नहीं।

भारत में क्या होगा असर

भारत में WhatsApp सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला मैसेजिंग ऐप है। यहां ऑनलाइन खरीद-बिक्री, फ्रीलांस काम, किराए की जानकारी और अनजान लोगों से संपर्क में अक्सर पहले ही नंबर देना पड़ता था। यूज़रनेम फीचर से यह स्थिति बदलेगी। अपना फीचर मिला है या नहीं, यह जानने के लिए WhatsApp खोलें, Settings में जाएं, फिर Profile देखें: अगर Username का फील्ड दिख रहा है, तो फीचर आ गया है। नाम बदलने के बीच 14 दिन का इंतजार करना होगा।

WABetaInfo और कई तकनीकी वेबसाइट्स के मुताबिक, WhatsApp इस फीचर से Signal और Telegram से पिछड़ने का अंतर पाट रहा है — ये दोनों ऐप पहले से यूज़रनेम से कॉन्टैक्ट करने की सुविधा देते हैं।

क्या नहीं बदलता, यह भी जानना जरूरी है। फोन नंबर तकनीकी तौर पर अकाउंट से जुड़ा रहता है, डेटा Meta के सर्वर पर ही रहता है और नियम-शर्तें वैसी ही हैं। यह फीचर दूसरे यूज़र्स से प्राइवेसी देता है — प्लेटफॉर्म से नहीं।

ग्लोबल लॉन्च जून 2026 में होगा। उसी तारीख तक Business API इस्तेमाल करने वाली कंपनियों को भी नए यूज़रनेम-आधारित सिस्टम को इंटीग्रेट करना होगा।

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