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Kong: Skull Island शानदार दिखने वाली मॉन्स्टर फिल्म है, पर अपने ही टोन में उलझ जाती है

जॉर्डन वोग्ट-रॉबर्ट्स ने 2017 में कॉन्ग को वियतनाम युद्ध के दौर में उतारा, न न्यूयॉर्क, न कोई डैमसेल।
Martha O'Hara
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1973 का साल है। वियतनाम युद्ध के सैनिकों की एक टुकड़ी और वैज्ञानिकों का दल प्रशांत महासागर के एक अनजान द्वीप की ओर बढ़ता है। “कॉन्ग: स्कल आइलैंड” की असली रफ़्तार यहीं से शुरू होती है। उससे पहले फ़िल्म 1944 में जाती है, जहाँ दूसरे विश्वयुद्ध के दो पायलट, अमेरिकी हैंक मार्लो और जापानी गुनपेई इकारी, हवाई लड़ाई के बाद पैराशूट से द्वीप पर उतरते हैं। ज़मीन पर भी दोनों हाथापाई में लगे रहते हैं, तभी एक विशालकाय वानर बीच में आ जाता है। इस शुरुआत से ही साफ़ है कि फ़िल्म को भूमिका बाँधने की कोई जल्दी नहीं है।

निर्देशक जॉर्डन वोग्ट-रॉबर्ट्स ने किंग कॉन्ग की पुरानी कहानी को लगभग पूरी तरह छोड़ दिया है। यहाँ मुसीबत में फँसी कोई नायिका नहीं है, न्यूयॉर्क का सफ़र नहीं है और एम्पायर स्टेट बिल्डिंग पर चढ़ाई भी नहीं। सारी कहानी द्वीप पर घटती है, और बहाना एक शोध अभियान का है। मोनार्क संस्था के प्रमुख बिल रैंडा (जॉन गुडमैन) सरकार को मना लेते हैं कि नए खोजे गए स्कल आइलैंड की पड़ताल होनी चाहिए। उनके साथ लेफ़्टिनेंट कर्नल प्रेस्टन पैकर्ड (सैमुअल एल. जैक्सन) की सैन्य टुकड़ी जाती है, ब्रिटिश स्पेशल एयर सर्विस के पूर्व कप्तान और ट्रैकर जेम्स कॉनरैड (टॉम हिडल्स्टन) भी, और युद्ध-विरोधी फ़ोटोग्राफ़र मेसन वीवर (ब्री लारसन) भी। द्वीप का नक्शा बनाने के नाम पर सैनिक भूकंपीय विस्फोटक गिराना शुरू करते हैं। ये विस्फोटक ह्यूस्टन ब्रुक्स (कोरी हॉकिन्स) के बनाए हैं, जो अपने “हॉलो अर्थ” सिद्धांत को सही साबित करना चाहते हैं। जवाब में विशाल कॉन्ग हमला करता है और दल बिखर जाता है।

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इसके बाद फ़िल्म दो रास्तों पर चलती है। एक तरफ़ कॉनरैड, वीवर और उनके साथी उत्तर की ओर तय निकासी-स्थल तक पहुँचने की कोशिश करते हैं। दूसरी तरफ़ पैकर्ड अपने बचे हुए सैनिकों और रैंडा के साथ अपने भरोसेमंद साथी चैपमैन को ढूँढने निकलता है, जो समूह से कट गया है। बूढ़ा हो चुका मार्लो इवी नाम के मूल निवासियों के बीच मिलता है और बताता है कि कॉन्ग इस द्वीप का रखवाला है। असली ख़तरा ज़मीन के नीचे रहने वाले सरीसृप जैसे जीव “स्कलक्रॉलर” हैं। बमबारी ने उन्हें जगा दिया है। मार्लो के मुताबिक़ उन्हीं ने कॉन्ग की पूरी प्रजाति ख़त्म की और उसे आख़िरी बचा हुआ छोड़ दिया। यह मोड़ मुझे फ़िल्म का सबसे अच्छा फ़ैसला लगा। कॉन्ग यहाँ राक्षस कम और अकेला पड़ गया पहरेदार ज़्यादा दिखता है, और दर्शक अनायास उसके पक्ष में खड़ा हो जाता है।

अभिनय में जैक्सन का पैकर्ड सबसे ठोस है। जैक्सन उसकी सख़्ती और अड़ियल इरादे को बिना ज़्यादा शब्दों के निभा ले जाते हैं। सच कहूँ तो किरदार की परतें इससे आगे नहीं खुलतीं, इसलिए उसमें भावनात्मक गहराई ढूँढना ज़्यादती होगी। हिडल्स्टन का कॉनरैड शांत और सधा हुआ है, पर पटकथा उसे कोई यादगार पल नहीं देती। लारसन की वीवर एक फ़ोटोग्राफ़र की नज़र से घटनाओं को देखती है, और यह नज़र फ़िल्म को थोड़ा इंसानी बनाती है। जिंग टियन (सान लिन), जॉन ऑर्टिज़ (विक्टर नीवस) और जेसन मिशेल जैसे कलाकारों को इतनी कम जगह मिली है कि उनके किरदार कहानी में गिनती भर के लगते हैं। टोबी केबल परदे पर मेजर जैक चैपमैन बने हैं, और क्रेडिट में कॉन्ग की मोशन-कैप्चर सेवाओं के लिए भी उनका नाम दर्ज है।

तकनीकी पक्ष फ़िल्म की असली ताक़त है। बारिश से भीगा, हरा-भरा द्वीप देखने में सचमुच भव्य लगता है। विज़ुअल इफ़ेक्ट्स के लिए फ़िल्म को 90वें अकादमी पुरस्कारों में नामांकन मिला था। शूटिंग हवाई और वियतनाम के कई ठिकानों पर हुई, और परदे पर उसकी छाप साफ़ दिखती है।

कमज़ोरी पटकथा में है। तीन लेखकों, डैन गिलरॉय, मैक्स बोरेनस्टीन और डेरेक कॉनली के नाम के बावजूद संवाद अक्सर सपाट हैं और कई किरदार सिर्फ़ इसलिए मौजूद हैं कि किसी को अगले हमले का शिकार बनना है। कहानी का ढर्रा पहले से भाँप लिया जा सकता है।

फ़िल्म की घोषणा जुलाई 2014 में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में हुई और सितंबर 2014 में वोग्ट-रॉबर्ट्स को निर्देशक चुना गया। प्रोजेक्ट यूनिवर्सल में एक “ओरिजिन स्टोरी” के रूप में शुरू हुआ था, फिर वॉर्नर ब्रदर्स पहुँचा, ताकि गॉडज़िला और कॉन्ग एक साझा सिनेमाई दुनिया में आ सकें। मुख्य फ़ोटोग्राफ़ी अक्टूबर 2015 में शुरू हुई और मार्च 2016 में ख़त्म हुई। मार्च 2017 में रिलीज़ हुई फ़िल्म को आम तौर पर सकारात्मक समीक्षाएँ मिलीं। 185 मिलियन डॉलर के बजट पर इसने करीब 569 मिलियन डॉलर कमाए। आगे 2021 में “गॉडज़िला vs. कॉन्ग” आई और 2023 में एनिमेटेड श्रृंखला “स्कल आइलैंड”।

मोटे तौर पर यह शोरगुल वाली, बेझिझक मनोरंजक क्रिएचर फ़िल्म है। इसके इंसानी किरदार जल्दी भुला दिए जाते हैं। याद रह जाती है द्वीप की दुनिया, हैंक मार्लो की बचकानी-सी गर्मजोशी और वह अकेला वानर जो अपने द्वीप को बचाने के लिए आख़िर तक लड़ता है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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