प्रौद्योगिकी

फोन वाला Lightroom अब एक टैप में फोटो की बंद आंखें खोल देता है, मुफ्त में सिर्फ दो बार

Susan Hill
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Adobe का फोन और टैबलेट वाला Lightroom ऐप अब एक टैप से तस्वीर में किसी व्यक्ति की बंद आंखें खोल सकता है। ऐप को किसी की पलक झपकती दिखे, तो तस्वीर पर Quick Action के रूप में Open Eyes बटन दिखाई देता है और जनरेटिव AI खुली आंखों की नई जोड़ी बना देता है। किसी एक व्यक्ति की पलक झपक जाने से अगर आपकी अच्छी ग्रुप फोटो बेकार हो गई हो, तो अब दोबारा तस्वीर खींचे बिना उसे बचाया जा सकता है।

यह टूल एक व्यक्ति के पोर्ट्रेट और ग्रुप फोटो—दोनों पर काम करता है। Adobe का कहना है कि इसमें सिर्फ उसी हिस्से को बदला जाता है जिसे ठीक करने की जरूरत हो; चेहरे के बाकी हिस्से जस के तस रहते हैं। अगर आपकी Lightroom लाइब्रेरी में उसी व्यक्ति की दूसरी तस्वीरें भी हैं, तो ऐप उनसे आंखों के रंग, आकार और बनावट का मिलान करता है। इससे नतीजे में आंखें उसी व्यक्ति की लगती हैं, किसी आम नमूने की तरह नहीं। Open Eyes, iPhone, iPad और Android पर Lightroom मोबाइल ऐप में उपलब्ध है।

Adobe कई साल से इस तरह के सुधार का एक संस्करण बेचता आया है। Photoshop Elements में करीब एक दशक से बंद आंखें ठीक करने वाला टूल मौजूद है। यह उसी व्यक्ति की दूसरी तस्वीर से आंखें लेकर इस्तेमाल करता है, लेकिन DPReview ने बताया कि दोनों तस्वीरों की रोशनी या सिर का कोण अलग होने पर नतीजे खराब हो जाते थे। Photoshop में Generative Fill टूल से यह काम पहले से किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए सशुल्क सब्सक्रिप्शन और कई मैनुअल चरणों की जरूरत पड़ती है। Open Eyes इसी तरह का सुधार मुफ्त ऐप में एक बटन के पीछे उपलब्ध कराता है।

मुफ्त इस्तेमाल की एक सीमा है। DPReview के मुताबिक, जिसने इस फीचर को आजमाया, Lightroom मोबाइल के मुफ्त संस्करण पर Open Eyes का इस्तेमाल दो बार किया जा सकता है। इसके बाद ऐप Adobe AI या Creative Cloud प्लान का सब्सक्रिप्शन लेने को कहता है। Adobe की अपनी घोषणा में इस सुविधा को एक टैप में मुफ्त सुधार बताया गया है, लेकिन इस्तेमाल की सीमा का जिक्र नहीं है। DPReview ने यह भी बताया कि ऐप का इंटरफेस इशारा करता है कि तस्वीर में बदलाव के लिए Adobe के Firefly के बजाय Google का Nano Banana इमेज मॉडल इस्तेमाल हुआ। Adobe ने यह पुष्टि नहीं की है कि वह कौन-सा मॉडल इस्तेमाल करता है।

AI से बनाई गई आंखें इस बहस को फिर हवा देती हैं कि आखिर किसे अब भी फोटोग्राफ माना जाए। संपादित तस्वीर ऐसे पल को दिखाती है जो ठीक उसी तरह कभी घटा ही नहीं। DPReview के समीक्षक ने लिखा कि वे इस टूल का इस्तेमाल करने की कल्पना भी नहीं कर सकते, क्योंकि आंखें खुली रखना मुश्किल कर देने वाली हंसी ही कुछ तस्वीरों को खास बनाती है। Adobe की घोषणा में यह नहीं बताया गया कि तस्वीर साझा करने पर Open Eyes से संपादित फोटो को AI से बदली हुई तस्वीर के रूप में चिह्नित किया जाएगा या नहीं।

फोन निर्माता पहले भी पलक झपकने से जुड़ी समस्या के समाधान दे चुके हैं, लेकिन उनमें से ज्यादातर नई आंखें बनाने के बजाय कई फ्रेम को मिलाते हैं। उदाहरण के लिए, Pixel फोन पर Google का Best Take कुछ सेकंड के अंतराल में खींची गई दूसरी तस्वीर से चेहरा लेकर लगा देता है। इसलिए यह तभी मददगार है, जब आपने जल्दी-जल्दी कई तस्वीरें खींची हों। Open Eyes एक ही फ्रेम से काम करता है—इसमें Lightroom लाइब्रेरी में पहले से रखी पुरानी तस्वीरें भी शामिल हैं।

Adobe ने इसी समय एक दूसरा टूल भी जोड़ा है। Generative Expand तस्वीर को उसके मूल किनारों से आगे बढ़ाता है और खाली जगह में आसपास का दृश्य भर देता है। इससे यात्रा की किसी क्षैतिज तस्वीर को सोशल मीडिया की खड़ी पोस्ट के मुताबिक नया आकार दिया जा सकता है या तस्वीर के मुख्य विषय के आसपास ज्यादा जगह बनाई जा सकती है।

Adobe ने 19 अक्टूबर को दोनों टूल की घोषणा की थी। ये अब iOS, iPadOS और Android के Lightroom ऐप में उपलब्ध हैं। घोषणा में किसी क्षेत्र पर पाबंदी का जिक्र नहीं है। Lightroom के दूसरे Quick Actions की तरह, Open Eyes अभी Lightroom के डेस्कटॉप संस्करण में उपलब्ध नहीं है। Adobe ने यह भी नहीं बताया है कि इसे वहां कब लाया जाएगा।

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