फ़िल्में

गेट ऑउट — वह फ़िल्म जिसने हॉरर को सामाजिक आलोचना का सबसे तेज़ हथियार बना दिया

जॉर्डन पील का 2017 का पहला निर्देशन, ऑस्कर सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा विजेता।
Martha O'Hara
हमें Google पर जोड़ें

“गेट ऑउट” की शुरुआत एक अंधेरे रास्ते पर चलते हुए एक काले आदमी के साथ होती है, जो फोन पर बात कर रहा होता है। यह दृश्य फिल्म की पूरी संरचना का आधार बनता है—एक साधारण स्थिति जो धीरे-धीरे भयावह रूप धारण कर लेती है। क्रिस वॉशिंगटन (डैनियल कालुया), एक काला फोटोग्राफ़र, अपनी सफ़ेद गर्लफ्रेंड रोज़ अर्मिटेज (एलिसन विलियम्स) के परिवार से मिलने के लिए अपस्टेट न्यू यॉर्क जाता है। यह यात्रा एक सीधी-सीधी सामाजिक टिप्पणी है, जो अंतरजातीय संबंधों की जटिलताओं को एक नई दृष्टि से उजागर करती है।

क्रिस का परिवार से पहला मेल-जोल असहज करने वाला है। डीन अर्मिटेज (ब्रैडली विटफ़ोर्ड), एक न्यूरोसर्जन, और मिसी अर्मिटेज (कैथरिन कीनर), एक साइकियाट्रिस्ट—दोनों का व्यवहार एक अजीब, बनावटी सौजन्य से भरा हुआ है। मिसी का क्रिस पर हिप्नोथेरेपी का प्रयोग—जहाँ वह चाय के कप में चम्मच हिलाने की मामूली आवाज़ से उसे “सनकेन प्लेस” नामक एक अचेतन अवस्था में धकेल देती है—फिल्म के सबसे भयावह दृश्यों में से एक है। कालुया इस दृश्य में क्रिस की घबराहट और असहायता को जिस तरह व्यक्त करते हैं, वह देखने लायक है।

YouTube video

फिल्म के मध्य में क्रिस को घर के अन्य सदस्यों और कर्मचारियों के व्यवहार में कुछ खटकने लगता है। जेरमी अर्मिटेज (कैलेब लैंड्री जोन्स) की आक्रामकता और वॉल्टर तथा जॉर्जिना की रोबोटिक उदासीनता क्रिस को बेचैन करती रहती है। एक अहम मोड़ तब आता है जब क्रिस की मुलाकात लॉगन किंग (लेकिथ स्टैनफ़ील्ड) से होती है—एक काला आदमी जो तीस साल बड़ी श्वेत महिला से विवाहित है और जिसका व्यवहार भी उतना ही यंत्रवत लगता है। जब क्रिस फ्लैश के साथ उसकी तस्वीर लेता है, तो लॉगन एकाएक भयभीत होकर चीखता है—”बाहर निकलो।” यह एक पल के लिए आभास दिलाता है कि किसी चेतना का एक टुकड़ा उस जकड़े हुए शरीर के भीतर से झाँक रहा है।

संकट का असली चेहरा तब सामने आता है जब क्रिस को रोज़ की पुरानी तस्वीरें मिलती हैं—काले पुरुषों और महिलाओं के साथ—जिससे स्पष्ट हो जाता है कि वह पहले भी कई काले लोगों को इसी जाल में फँसा चुकी है। वॉल्टर और जॉर्जिना के बारे में जो सच सामने आता है, वह और भी विचलित करने वाला है: ये दोनों घरेलू कर्मचारी हैं जिनके शरीरों पर रोज़ के दादा-दादी का कब्ज़ा है—अर्मिटेज परिवार की उस भयानक योजना का हिस्सा जिसमें काले लोगों की चेतना को “सनकेन प्लेस” में धकेल दिया जाता है और उनके शरीरों को दूसरों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जब मिसी क्रिस को एक बार फिर हिप्नोटाइज़ करती है और उसे बेसमेंट में बंद कर दिया जाता है, तो दर्शक महसूस करते हैं कि यह महज़ एक व्यक्ति का संघर्ष नहीं, बल्कि एक पूरे समुदाय के शरीर और आत्मा पर कब्ज़े की कहानी है।

“गेट ऑउट” की ताकत इसकी सामाजिक चेतना में है। जॉर्डन पील ने श्वेत उदारवाद के खोखलेपन को जिस तीखेपन से उजागर किया है, वह किसी भी राजनीतिक भाषण से अधिक प्रभावी है। अर्मिटेज परिवार के मेहमान क्रिस की शारीरिक बनावट की प्रशंसा करते हैं, उससे एथलेटिक्स और “कूल” संस्कृति की बात करते हैं—और इसी में उनकी असली नज़र छुपी है, जो उसके व्यक्तित्व को नहीं, केवल उसके शरीर को देखती है। “सनकेन प्लेस” एक रूपक है उस स्थिति का जहाँ एक काला इंसान अपने ही शरीर में बंधक बन जाता है—असहाय, अदृश्य, और उपयोगी। काले शरीर के प्रति यह फिटिशाइज़ेशन और उसका शोषण—यह वह विषय है जिसे पील ने हॉरर की भाषा में उजागर किया है।

फिल्म में कुछ कमज़ोरियाँ भी हैं। मध्य भाग की गति कहीं-कहीं थोड़ी धीमी पड़ जाती है, और कुछ संवाद इतने सटीक संकेत देते हैं कि रहस्य का असर थोड़ा पहले ही खुलने लगता है। रोज़ के चरित्र का मोड़ भी कुछ और गहराई माँगता था—हालाँकि एलिसन विलियम्स ने इस भूमिका को बेहद सधे हुए तरीके से निभाया है।

यह जॉर्डन पील की पहली फ़ीचर फिल्म थी—और इसने उन्हें तुरंत एक नए दौर की सिनेमाई आवाज़ के रूप में स्थापित कर दिया। ४.५ मिलियन डॉलर के मामूली बजट के मुकाबले फिल्म ने २५९.९ मिलियन डॉलर की कमाई की। ९०वें अकादमी पुरस्कारों में इसे चार नामांकन मिले और सर्वश्रेष्ठ मूल पटकथा का पुरस्कार जीता। २०२१ में, राइटर्स गिल्ड ऑफ अमेरिका वेस्ट ने इसकी पटकथा को २१वीं सदी की सर्वश्रेष्ठ घोषित किया—एक सम्मान जो बताता है कि “गेट ऑउट” केवल एक हॉरर फिल्म नहीं, एक सांस्कृतिक दस्तावेज़ है जो नस्लीय असमानता पर बातचीत को एक नई दिशा में ले गया।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

टैग: , , , , ,

हमें Google पर जोड़ें

चर्चा

0 टिप्पणियाँ हैं।