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The Weekend Away एक बेतुका मगर लत लगाने वाला नेटफ्लिक्स थ्रिलर है, जो अपनी हद जानता है

किम फैरेंट की 2022 की फ़िल्म, लेइटन मीस्टर के साथ, क्रोएशिया में याददाश्त खोने की रात को हल्के मनोरंजन में बदल देती है।
Martha O'Hara
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बेथ की आँख खुलती है तो सिर भारी है, पिछली रात की कोई याद नहीं, और उसकी सबसे क़रीबी सहेली केट ग़ायब है। The Weekend Away यहीं से शुरू होती है, और इसके बाद बेथ को, और हमें भी, ठहरकर सोचने का मौक़ा कम ही मिलता है।

निर्देशक किम फ़ारेंट हैं। फ़िल्म सारा एल्डर्सन के 2020 के इसी नाम के उपन्यास पर बनी है, और पटकथा भी एल्डर्सन की ही है। लीटन मीस्टर ने बेथ को निभाया है, जो लंदन में रहने वाली एक अमेरिकी है और हाल ही में माँ बनी है। वह अपनी सबसे अच्छी दोस्त केट (क्रिस्टीना वोल्फ़) के साथ छुट्टी मनाने क्रोएशिया पहुँचती है। वहाँ वह केट को बताती है कि शादी में एक फीकापन आ गया है और उसे समझ नहीं आता कि क्या करे। दोनों नाइटक्लब जाती हैं, दो आदमी उनसे बातें करने लगते हैं, और केट सुझाती है कि बेथ एक रात के लिए सब कुछ भूल जाए। अगली सुबह बेथ को कुछ याद नहीं, और केट कहीं नहीं है। फ़िल्म 3 मार्च 2022 को नेटफ़्लिक्स पर आई। नेटफ़्लिक्स के टॉप 10 आँकड़ों के मुताबिक़ 27 फ़रवरी से 20 मार्च 2022 के बीच इसे 7.995 करोड़ घंटे देखा गया।

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फ़िल्म की शुरुआती पकड़ एक सीधी चाल पर टिकी है। बेथ को बीती रात याद नहीं, इसलिए दर्शक उतना ही जानता है जितना वह, यानी लगभग कुछ नहीं। वह शाम को टुकड़ों में जोड़ती है और हम उसके साथ चलते हैं, कभी उससे एक क़दम आगे नहीं निकलते। थ्रिलर के लिए यह सरल चुनाव है, पर शुरुआत में यह अच्छा काम करता है।

बेथ का पति रॉब और स्थानीय पुलिस, दोनों केट के ग़ायब होने को गंभीरता से नहीं लेते। मदद के लिए सिर्फ़ ज़ैन आगे आता है, वही टैक्सी ड्राइवर जिसने उन्हें क्लब पहुँचाया था। वह पिछली रात के दो आदमियों में से एक को धमकाता है, और बेथ को केट का पर्स और फ़ोन वापस मिल जाते हैं। फिर पता चलता है कि वे दोनों वही थे जिन्हें केट ने बुलाया था, और साथ ही अपने ग्राहकों को नशा देकर लूटने वाले ठग भी। ज़ियाद बक़री का ज़ैन महज़ सहायक बनकर नहीं रह जाता। उसमें मदद करने की चाह भी दिखती है और सावधानी भी, और यह संतुलन स्क्रिप्ट में जितना लिखा गया है उससे थोड़ा ज़्यादा लगता है।

इसके बाद फ़िल्म का स्वर बदल जाता है। केट की लाश मिलती है और बेथ मुख्य संदिग्ध बन जाती है। जाँच में दोनों के शरीर में नशीली दवा निकलती है, ठीक वैसे जैसे बेथ को याददाश्त खोने पर शक था, फिर भी पुलिस उसकी बात नहीं मानती और उसका पासपोर्ट रख लेती है। केट के फ़ोन में बेथ को केट और रॉब के संदेश मिलते हैं, जिनसे दोनों के नाजायज़ रिश्ते का पता चलता है, और वह रॉब से सीधे सवाल करती है। पुलिस अब मानने लगती है कि बेथ ने ही ज़ैन से केट की हत्या करवाई। अगला मोड़ किराये के घर के मालिक सेबस्टियन से आता है, जो चुपके से अपने किराएदारों की रिकॉर्डिंग करता है। फ़ुटेज में दिखता है कि उस रात बेथ को जल्दी बिस्तर पर लिटा दिया गया था, केट को उन दोनों आदमियों ने लूटा, वह टैक्सी लेकर उनके पीछे गई और बाद में किसी दूसरी गाड़ी में लौटी। वह गाड़ी पावीच की निकलती है, उसी पुलिस अफ़सर की जिसने शुरू से बेथ की बात पर शक किया था।

मोड़ इतनी जल्दी-जल्दी आते हैं कि एक के बाद एक आने से हर खुलासे की धार कुंद पड़ती जाती है। संदेश, ठग, सेबस्टियन का कैमरा, पावीच: हर कड़ी अपने आप में ठीक है, मगर साथ रखने पर कहानी जाँच से ज़्यादा संदिग्धों की सूची लगती है। सबसे कसा हुआ हिस्सा वह है जब बेथ और ज़ैन गिरफ़्तार होते हैं, ज़ैन ख़ुद को सौंप देता है ताकि बेथ भाग सके, और फिर इमारत पर हाथापाई में पावीच नीचे गिरकर मर जाता है। रफ़्तार इतनी है कि सोचने की फ़ुरसत नहीं मिलती।

पुलिस मान लेती है कि केट के ठुकराने पर पावीच ने उसे मार डाला, बेथ बेगुनाह घोषित होती है, और फ़िल्म यहीं ख़त्म हो सकती थी। पर वह चलती रहती है। लंदन लौटकर रॉब सुलह करना चाहता है, बेथ मना कर देती है। गाड़ी की चाबी ढूँढते हुए उसे रॉब के कोट की जेब में उस हार के मनके मिलते हैं जो उसने केट को दिया था। वह समझ जाती है कि केट का क़ातिल रॉब है, पुलिस को फ़ोन लगाती है और लाइन चालू रखकर उसका सामना करती है। रॉब क़बूल करता है कि वह केट को अफ़ेयर उजागर करने से रोकने क्रोएशिया गया था, दोनों में झगड़ा हुआ, और उसने उसे पानी में धकेल दिया और भाग गया। पुलिस रॉब को गिरफ़्तार करती है और बेथ अपने बच्चे को लेकर चली जाती है। मनकों वाला विचार छोटा है, पर अच्छा है: इतने भटकाव के बाद जवाब एक जेब में मिलता है। दिक़्क़त यह है कि रॉब क्रोएशिया पहुँचते ही ज़ैन पर शक जताने लगता है, इसलिए सतर्क दर्शक को हैरानी कम होती है, और पावीच वाला रास्ता लंबा चक्कर लगने लगता है।

लीटन मीस्टर उलझी हुई, डरी हुई और हार न मानने वाली औरत को बिना नाटकीयता के निभाती हैं। बेथ को एक साथ दोस्त को ढूँढना है और अपनी बेगुनाही साबित करनी है, और मीस्टर दोनों बोझ बराबर उठाए रखती हैं। केट ज़्यादातर अपनी ग़ैरमौजूदगी से ही मौजूद रहती है। हम उसे दूसरों की बातों, फ़ोन के संदेशों और उसके छिपाए फ़ैसलों से जानते हैं, इसलिए क्रिस्टीना वोल्फ़ के पास करने को बहुत कम है। ल्यूक नॉरिस का काम भी आसान नहीं: रॉब को पहले उदासीन दिखना है, फिर संदिग्ध, और आख़िर में क़ातिल।

फ़िल्म का सबसे दिलचस्प पहलू तब खुलता है जब यह दोस्ती की परीक्षा बन जाती है। एक हत्या की जाँच के बीच बेथ को पता चलता है कि वह अपनी सबसे क़रीबी सहेली की ज़िंदगी पूरी तरह नहीं जानती थी: केट ने उन आदमियों को बुलाया था और रॉब के साथ अपना रिश्ता छिपाया था। फिर भी बेथ पीछे नहीं हटती। यह पहलू पटकथा में हर जगह टिक नहीं पाता, क्योंकि मोड़ एक-दूसरे पर चढ़ते जाते हैं और किरदारों को साँस लेने की जगह नहीं मिलती।

क्रोएशिया के दृश्य सुंदर हैं, और रॉजर एबर्ट की साइट पर छपी समीक्षा ने फ़िल्म को जानबूझकर बेतुकी, मसालेदार पॉटबॉयलर कहा, जिसमें नज़ारे ख़ूबसूरत हैं और मोड़ धड़कनें तेज़ रखते हैं। रॉटन टोमेटोज़ पर कुछ दर्शक इसके उलट कहते हैं: उन्हें कास्टिंग लचर और स्क्रिप्ट की प्रतिक्रियाएँ बेतुकी लगीं। मैं इन दोनों के बीच खड़ा हूँ। जब तक फ़िल्म भागती रहती है, पहली राय सही लगती है; जब वह रुककर संवाद बोलने लगती है, दूसरी। The Weekend Away एक तेज़ चलने वाली वीकेंड फ़िल्म है, जिसे मीस्टर और बक़री का अभिनय औसत से ऊपर खींच ले जाता है। रॉब की जेब से निकले मनकों के बाद पर्दा गिरता है, और जो याद रह जाता है वह बस वही एक दृश्य है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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