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Jaane Jaan में हिगाशिनो की चाल बरकरार है, और जयदीप अहलावत की ख़ामोश अदाकारी इसकी जान है

सुजॉय घोष की 2023 की फ़िल्म कलिम्पोंग में बसी यह रचना शोर-शराबे के बजाय बातचीत के द्वंद्व पर टिकी है।
Martha O'Hara
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सुजोय घोष की “Jaane Jaan” में हत्या कहानी की शुरुआत में ही हो जाती है, इसलिए सवाल यह नहीं रहता कि कौन मरा। असली दिलचस्पी इसके बाद की है: कौन किसके बारे में कितना जानता है, और कौन किसके लिए कितना छिपा सकता है। फ़िल्म के नाम का मतलब “प्रिय” है, और नरेन के हर फ़ैसले के पीछे यही शब्द काम करता दिखता है।

कहानी उत्तरी पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग की है। माया डी’सूज़ा (करीना कपूर खान) अकेली माँ है, जो एक कैफ़ेटेरिया चलाती है और अपनी किशोर बेटी तारा (नैशा खन्ना) के साथ रहती है। एक रात उसका अलग रह रहा पति अजीत म्हात्रे (सौरभ सचदेवा) आ धमकता है। अजीत भ्रष्ट पुलिसवाला है और माया पर हाथ उठाता रहा है। वह उस पैसे की वसूली करने आया है जो माया चौदह साल पहले उससे भागते समय अपने साथ ले गई थी। वह माँ और बेटी दोनों को धमकाता है, बात हिंसा तक पहुँच जाती है, और गला घोंटने से अजीत की मौत हो जाती है। इसमें कुछ हिस्सा आत्मरक्षा का भी है। इस शुरुआती हिस्से की सबसे अच्छी बात यह है कि फ़िल्म माया और तारा को पहले ही दिन से अपराधी बनाकर पेश नहीं करती। हम उन्हें डरी हुई, घिरी हुई औरतों के रूप में देखते हैं।

फिर नरेन व्यास (जयदीप अहलावत) आता है, जो माया का पड़ोसी और गणित का शिक्षक है। वह चुप रहने वाला, अपने में सिमटा हुआ आदमी है, फिर भी विद्यार्थियों में लोकप्रिय है। हर सुबह माया के कैफ़ेटेरिया से दोपहर का खाना ख़रीदते हुए जो छोटी-सी बातचीत होती है, वही उसके दिन का सबसे उजला पल है। शोर सुनकर वह समझ जाता है कि क्या हुआ है, और बिना माँगे मदद की पेशकश करता है। लाश ठिकाने लगाना और पूरी लीपापोती की योजना एक-एक क़दम बनाना, दोनों वही सँभालता है। यह मदद दया से ज़्यादा उस चाहत से निकली लगती है जो वह कभी कह नहीं पाया। इसी वजह से नरेन का हिस्सा फ़िल्म का सबसे असरदार हिस्सा बन जाता है।

जयदीप अहलावत ने नरेन को बहुत कम शब्दों और संयत हाव-भाव से निभाया है। सुबह की उस छोटी-सी लेन-देन वाली बातचीत में उनकी झेंप साफ़ दिखती है, और योजना बनाते वक़्त वही चेहरा हिसाब लगाता हुआ दिमाग़ भी दिखाने लगता है। दोनों बातें एक ही आदमी में बिना जोड़-तोड़ के बैठती हैं। फ़िल्म के आख़िरी मोड़ पर जब नरेन थाने जाकर हत्या कबूल करता है और कहता है कि उसने यह माया के कहने पर किया, तो उसका ठंडा, लगभग बुझा हुआ लहजा ही दृश्य को पकड़कर रखता है। फिर वह ख़ुद को सनकी आशिक़ की तरह गढ़ने लगता है और माया का पीछा करने के सबूत ख़ुद तैयार करता है। इस हिस्से में अहलावत कहीं ऊँची आवाज़ का सहारा नहीं लेते। करीना कपूर खान माया के डर और बेटी की फ़िक्र को बिना ज़्यादा नाटकीयता के पकड़ती हैं। फ़िल्मफ़ेयर OTT अवॉर्ड्स में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिलना इस लिहाज़ से ग़लत नहीं लगता।

विजय वर्मा इंस्पेक्टर करन आनंद बने हैं, जो नरेन का पुराना सहपाठी है और लापता अजीत की तलाश में कालिम्पोंग पहुँचता है। पोस्टमॉर्टम बताता है कि हत्या महीने की दस तारीख़ को हुई, और माया-तारा के पास उस रात की बारीकी से तैयार सफ़ाई है। उसमें कोई दरार न मिलने पर करन लौटने को तैयार हो जाता है। तभी माया का एक कर्मचारी उसे नरेन के एकतरफ़ा लगाव की बात बता देता है, और करन को याद आता है कि नरेन ने माया को ज़्यादा न जानने का दावा किया था। यहीं से उसका शक मुड़ता है। वर्मा इस किरदार में अड़ियल और चौकन्ने हैं, और नरेन के साथ उनके दृश्य बराबरी के लगते हैं, जैसे दो पुराने साथी एक-दूसरे को तौल रहे हों।

निर्देशन में घोष कहानी को हड़बड़ी नहीं देते, और जो भी बात पहले रखी जाती है, वह आगे जाकर अपनी जगह पर बैठती है। शिकायत सिर्फ़ इतनी है कि जहाँ नरेन की योजना की परतें खुलती हैं, वहाँ रफ़्तार कुछ ढीली पड़ जाती है। तनाव उतनी देर तक नहीं टिकता, जितनी देर तक दर्शक उसे महसूस करना चाहेगा।

फ़िल्म की जड़ें जापान में हैं। यह केइगो हिगाशिनो के 2005 के उपन्यास “The Devotion of Suspect X” पर आधारित है, जिस पर 2012 में दक्षिण कोरिया में “Perfect Number” बन चुकी है। निर्माण 12th Street Entertainment और Northern Lights Films का है, जिसमें Kross Pictures और Balaji Motion Pictures भी साझेदार हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह “Suspect X” नाम से रिलीज़ हुई। फ़िल्म नेटफ़्लिक्स पर 21 सितंबर 2023 को आई और किसी भारतीय फ़िल्म के लिए सबसे बड़े ओपनिंग वीकेंड का रिकॉर्ड बनाया। 2023 की दूसरी छमाही की एंगेजमेंट रिपोर्ट में यह सबसे ऊपर रही, 2 करोड़ से ज़्यादा व्यूज़ के साथ, और वैश्विक देखने के घंटों के हिसाब से नेटफ़्लिक्स पर सबसे ज़्यादा देखी गई भारतीय फ़िल्म बनी।

2024 के फ़िल्मफ़ेयर OTT अवॉर्ड्स में इसे आठ नामांकन मिले, जिनमें सर्वश्रेष्ठ वेब ओरिजिनल फ़िल्म, घोष के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक, अहलावत के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और वर्मा के लिए सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता शामिल थे। जीत तीन में मिली: सर्वश्रेष्ठ वेब ओरिजिनल फ़िल्म (क्रिटिक्स), अहलावत के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (क्रिटिक्स), और कपूर खान के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री।

तो “Jaane Jaan” की ताक़त उसके किरदारों में है, और कमज़ोरी बीच के हिस्से की थोड़ी ढीली रफ़्तार में। इसे देखना इसलिए ठीक रहता है कि पूरी फ़िल्म एक चुप रहने वाले शिक्षक की तैयारी और उसके अधूरे प्रेम पर टिकी है, और अहलावत उस आदमी को आख़िर तक भरोसे लायक़ बनाए रखते हैं।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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