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Stars at Noon में क्लेयर डेनिस टुकड़ों में चमकती हैं, पूरी फ़िल्म में नहीं

2022 में डेनिस जॉनसन के उपन्यास पर बनी फ़िल्म, जिसे मार्गरेट क्वैली ने अपने कंधों पर संभाला है।
Martha O'Hara
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क्लेयर डेनिस की Stars at Noon देखते हुए गर्मी लगभग त्वचा पर महसूस होने लगती है। कहानी निकारागुआ में घटती है, जहाँ महामारी और सरकारी उथल-पुथल के बीच अमेरिकी पत्रकार ट्रिश फँसी हुई है। मार्गरेट क्वाली ने ट्रिश को निभाया है। फिल्म रोमांस भी है और थ्रिलर भी, पर दोनों के बीच कहीं ढीली-सी लटकी रह जाती है।

ट्रिश की हालत शुरू से साफ है। वह पत्रकार है, और हत्याओं पर की गई उसकी रिपोर्टिंग ने उसके संपादकों और सत्तारूढ़ पार्टी, दोनों को नाराज़ कर दिया है। पासपोर्ट ज़ब्त है। रहने के लिए एक सस्ता लॉज है, जिसका खर्च एक हमदर्द मंत्री उठाता है। पैसे और रोज़मर्रा की ज़रूरी चीज़ों के बदले वह सरकारी अधिकारियों के साथ सोती है, और हर वक़्त देश से निकलने का रास्ता ढूँढ़ती रहती है। इसी हताशा में उसकी मुलाक़ात ब्रिटिश आदमी डैनियल से होती है। वह खुद को पेट्रोकेमिकल सलाहकार बताता है, और ट्रिश मान लेती है कि वह जासूस है।

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क्वाली फिल्म की सबसे बड़ी ताक़त हैं। उनकी ट्रिश में ढिठाई भी है और डर भी, और वे एक से दूसरे में बिना झटके के आती-जाती हैं। यह किरदार हर वक़्त किसी न किसी से सौदा कर रहा है, और क्वाली उस हिसाब-किताब को चेहरे पर आने देती हैं। सीमा पर जब एजेंट पूछता है कि पासपोर्ट के बिना वे दोनों पार कैसे जाएँगे, तब ट्रिश के चेहरे पर घबराहट से पहले गणना दिखती है। पूरी फिल्म में सबसे भरोसेमंद पल वही हैं।

कमज़ोर कड़ी रिश्ता है। जो एल्विन का डैनियल रहस्यमय बना रहता है, पर रहस्य से ज़्यादा वह धुँधला लगता है। मुझे क्वाली और एल्विन के बीच वह खिंचाव नहीं दिखा जो इस कहानी को चाहिए था। दोनों साथ सोते हैं, एक-दूसरे को बचाते हैं, पर उनके बीच का तापमान ठंडा ही रहता है। खाली नाइटक्लब में उनका नाच, जहाँ डैनियल अपनी पत्नी की बात करता है, इसका अपवाद है। वहाँ पहली बार दोनों किसी सौदे के बाहर खड़े दिखते हैं। फिर भी वह एक दृश्य पूरी फिल्म का बोझ नहीं उठा पाता।

बेनी सैफ्डी सीआईए एजेंट के रूप में इस सुस्त दुनिया में असली बेचैनी लाते हैं। वे रास्ते में मिलते हैं, ट्रिश को डैनियल के बदले अमेरिका का सुरक्षित रास्ता देते हैं, और सीमा पर वही सौदा दोबारा मेज़ पर रख देते हैं। पहली बार लगता है कि दाँव पर कुछ ठोस है। डैनी रामिरेज़ कोस्टा रिका के पुलिसवाले के रूप में और जॉन सी. राइली अमेरिकी पत्रिका के संपादक के रूप में कहानी की साज़िश को आगे बढ़ाते हैं, पर उनके हिस्से में सैफ्डी जैसी धार नहीं आती।

फिल्म डेनिस जॉनसन के 1986 के उपन्यास The Stars at Noon पर आधारित है, जिसकी कहानी 1980 के दशक की निकारागुआ क्रांति के दौरान घटती है। डेनिस ने उसे आज के समय में ला खड़ा किया है। इससे कथा को समकालीन ज़मीन मिलती है, पर क्रांति का ऐतिहासिक वज़न पीछे छूट जाता है, और ट्रिश का डर कई जगह अमूर्त लगने लगता है। देह और शोषण की वही पुरानी डेनिस-थीम यहाँ भी है: दोनों किरदार एक-दूसरे का इस्तेमाल कर रहे हैं, और सवाल बना रहता है कि ट्रिश आख़िर किसके साथ विश्वासघात करेगी।

डेनिस की फिल्मों में रफ़्तार कभी मक़सद नहीं रही, पर यहाँ भटकाव थका देता है। उमस और पसीने का एहसास पूरी फिल्म में बना रहता है और वह असरदार है, लेकिन कहानी बार-बार उसी जगह लौटकर टहलती रहती है। कई दृश्य बिना किसी नई जानकारी के लंबे खिंचते हैं। जो दर्शक डेनिस की धीमी, मूडप्रधान शैली के आदी हैं, वे शायद इसे सह लेंगे। बाकी को इंतज़ार लंबा लगेगा।

अंत की ओर फिल्म अचानक तेज़ होती है, और मेरे लिए वही हिस्सा सबसे ईमानदार है। कार तस्करों को देकर दोनों नाव से सीमा पार करते हैं। यात्रा के आख़िर में अनदेखे सैनिक तस्करों को गोली मार देते हैं और डैनियल घायल हो जाता है। एक उजाड़ चर्च में सोकर उठने पर वे एजेंट, कोस्टा रिकाई पुलिसवाले और हथियारबंद सैनिकों से घिरे मिलते हैं। डैनियल ट्रिश को खुद को छोड़ देने के लिए मना लेता है। एक निकारागुआई पुलिस अफ़सर, जो कभी ट्रिश का ग्राहक रहा है, उसका पासपोर्ट लौटा देता है। एजेंट उसे पैसे देकर चला जाता है। आज़ादी यहाँ किसी जीत की तरह नहीं आती, एक भुगतान की तरह आती है, और यह फिल्म के पूरे सौदेबाज़ी वाले मिज़ाज से मेल खाता है।

डेनिस की यह फिल्म उनकी सबसे कसी हुई नहीं है, पर बेकार भी नहीं। क्वाली का अभिनय, सैफ्डी की बेचैनी और आख़िरी हिस्से की रुखाई आख़िर तक देखने की वजह देते हैं। पर जिस रोमांस पर सब कुछ टिका है, वह ठंडा रह जाता है, और कहानी बीच के लंबे हिस्से में अपनी दिशा खो देती है। यही इस फिल्म की असली कमी है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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