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द रिंग आज भी डराती है, क्योंकि यह सस्ते झटकों से ज़्यादा ख़ामोशी पर भरोसा करती है

गोर वर्बिंस्की की 2002 की रीमेक ने हॉलीवुड के लिए एशियाई हॉरर का दरवाज़ा खोला।
Martha O'Hara
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द रिंग (2002) की शुरुआत दो किशोरियों की बातचीत से होती है। कैटी और बेक्का एक शापित वीडियो टेप की शहरी किंवदंती दोहरा रही हैं: जो उसे देखता है, एक हफ़्ते बाद मर जाता है। उसी रात कैटी, जिसने टेप एक हफ़्ता पहले देखा था, किसी अदृश्य ताक़त के हाथों मारी जाती है। गोर वर्बिंस्की यहाँ चीख़ने-चिल्लाने वाले दृश्यों की जल्दी में नहीं हैं। वे दर्शक को पहले बेचैन होने देते हैं, फिर डराते हैं। एहरेन क्रूगर की पटकथा 1998 की जापानी फ़िल्म का रीमेक है, जो ख़ुद कोजी सुज़ुकी के 1991 के उपन्यास पर आधारित थी।

कैटी की मौत के बाद उसकी माँ रूथ अपनी बहन राचेल केलर से मदद माँगती है। राचेल (नाओमी वॉट्स) सिएटल की पत्रकार है और पहले इस किंवदंती को गंभीरता से नहीं लेती। जाँच में पता चलता है कि कैटी के सभी दोस्त उसी समय अजीब हादसों में मरे थे। राचेल शेल्टर माउंटेन इन पहुँचती है, जहाँ इन किशोरों ने टेप देखा था। वह टेप ढूँढकर देखती है। उसमें अजीब और डरावनी छवियाँ हैं। टेप ख़त्म होते ही कमरे का फ़ोन बजता है और कोई फुसफुसाता है: “सात दिन।” यहाँ से फ़िल्म एक रहस्य-कथा की चाल पकड़ लेती है, जिसमें हर बीतता दिन घड़ी की टिक-टिक जैसा चुभता है।

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मेरे लिए इसका ध्वनि-संयोजन सबसे ज़्यादा याद रहता है। ज़्यादातर हिस्सा शांत और दबा हुआ है। इसीलिए जब आवाज़ अचानक बदलती है, तो झटका सीधा महसूस होता है। फ़ोन पर “सात दिन” वाला क्षण इसका सबसे अच्छा उदाहरण है, क्योंकि उससे पहले की चुप्पी ही उसे डरावना बनाती है। संगीत हांस ज़िमर का है, और “Rachel Alone” या “A Lighthouse & The Fly” जैसे हिस्से फ़िल्म की उदासी भरी बेचैनी को गहरा करते हैं। ये धुनें कभी दृश्य के आगे नहीं निकलतीं, बस पृष्ठभूमि में बनी रहती हैं।

राचेल अपने पूर्व पति नोआ (मार्टिन हेंडरसन) को मदद के लिए बुलाती है। नोआ वीडियो विश्लेषण का जानकार है। वह टेप देखता है, और राचेल उसकी एक प्रति बनाकर उसे देती है। राचेल और नोआ का आठ साल का बेटा एडेन भी टेप देख लेता है, और तब राचेल की लड़ाई सिर्फ़ अपनी जान की नहीं रहती। टेप में दिखी एक औरत की पहचान एना मॉर्गन के रूप में होती है, जो घोड़े पालती थी और मोएस्को द्वीप पर कुछ घोड़ों के समुद्र में डूब मरने के बाद उसने आत्महत्या कर ली थी। राचेल के लिए यह सफ़र बेटे को बचाने की दौड़ बन जाता है, और दर्शक भी उसी घबराहट में बँध जाता है।

मोएस्को द्वीप का रास्ता फ़िल्म के सबसे बेचैन करने वाले हिस्सों में है। राचेल के फ़ेरी से जाते समय एक घोड़ा पानी में कूदकर जान दे देता है, और यह दृश्य बिना ज़्यादा शोर के असर छोड़ता है। वहाँ राचेल को पता चलता है कि चार बार गर्भपात झेलने के बाद एना ने समारा नाम की बच्ची को गोद लिया था। समारा के पास अपने मन की छवियाँ चीज़ों और लोगों के दिमाग़ पर उकेर देने की ताक़त थी, और इसने उसके माँ-बाप और घोड़ों को सताया। रिचर्ड मॉर्गन के रूप में ब्रायन कॉक्स कम दृश्यों में भी असर छोड़ते हैं। उनके किरदार की थकान और डर यक़ीन के लायक़ लगते हैं, और उनकी मौत फ़िल्म के सबसे सन्न कर देने वाले पलों में गिनी जा सकती है।

उधर नोआ ईओला मनोरोग अस्पताल जाकर समारा की फ़ाइल ढूँढता है, जिसमें वह गुमशुदा वीडियो मिलता है जिसे आख़िरी बार रिचर्ड ने देखा था। मॉर्गन के घर में राचेल को एक नक़ली जन्म प्रमाणपत्र मिलता है, जो साबित करता है कि समारा रिचर्ड और एना की सगी बेटी नहीं थी। दोनों खलिहान की अटारी भी खोजते हैं, जहाँ मॉर्गन दंपति ने समारा को ख़ुद से और बाहरी दुनिया से अलग रखा था। दीवार के काग़ज़ के पीछे एक पेड़ की तस्वीर है, जिसे राचेल शेल्टर माउंटेन इन के पेड़ के रूप में पहचानती है। पहेली के टुकड़े एक-एक करके जुड़ते हैं, और कहानी बिना हड़बड़ी के आगे बढ़ती है।

सराय में फ़र्श के नीचे एक कुआँ मिलता है। राचेल उसमें गिरती है और उसे एना के हाथों समारा को कुएँ में फेंके जाने का दृश्य दिखता है, जहाँ वह एक हफ़्ते तक ज़िंदा रही थी। समारा का शव पानी की सतह पर आता है और दोनों उसे सम्मानपूर्वक दफ़नाते हैं। मगर फ़िल्म यहाँ ख़त्म नहीं होती। घर लौटकर एडेन राचेल को बताता है कि समारा की मदद करना ग़लती थी, और तब राचेल को समझ आता है कि मामला उतना सीधा नहीं था जितना उसने सोचा था। यह मोड़ फ़िल्म को आम भूतिया कहानियों से अलग करता है, और मैं इसे बिगाड़ना नहीं चाहूँगा।

अभिनय में नाओमी वॉट्स सबसे आगे हैं। उनकी राचेल एक संशयी पत्रकार से एक डरी हुई माँ बनती है, और यह बदलाव बनावटी नहीं लगता। डर उनके चेहरे की छोटी-छोटी हरकतों में दिखता है, चीख़ में नहीं। सैटर्न अवार्ड्स में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला, और देखने के बाद यह हैरानी नहीं होती। डेविड डॉर्फ़मैन का एडेन गंभीर और अजीब तरह से शांत बच्चा है, जिसकी चुप्पी कई बार संवादों से ज़्यादा डराती है। मार्टिन हेंडरसन का नोआ कहानी को आगे बढ़ाने में काम आता है, पर उसके किरदार को ज़्यादा गहराई नहीं मिलती। राचेल से उसके पुराने रिश्ते की कड़वाहट बस इशारों में रह जाती है, जबकि वहाँ भावनात्मक वज़न जोड़ने की गुंजाइश थी।

फ़िल्म की कमज़ोरियाँ भी हैं। अंतिम हिस्से में गुत्थियाँ कुछ जल्दी सुलझा दी जाती हैं, और जो दर्शक रहस्य-कथाओं के आदी हैं, वे कई मोड़ पहले भाँप लेंगे। सहायक किरदार, जैसे राचेल की बहन रूथ या डॉक्टर ग्रासनिक, कहानी के काम आते हैं, पर उनके बारे में हमें बहुत कम पता चलता है। फिर भी ये कमियाँ फ़िल्म के माहौल को नुक़सान नहीं पहुँचातीं।

18 अक्टूबर 2002 को ड्रीमवर्क्स पिक्चर्स ने इसे अमेरिका में रिलीज़ किया। समीक्षाएँ मिली-जुली से सकारात्मक रहीं, पर कमाई शानदार रही: फ़िल्म ने दुनिया भर में 249.3 मिलियन डॉलर कमाए और सैटर्न अवार्ड्स में सर्वश्रेष्ठ हॉरर फ़िल्म का पुरस्कार जीता। इसके बाद हॉलीवुड ने एशियाई हॉरर की ओर रुख़ किया और द ग्रज (2004) तथा डार्क वॉटर (2005) जैसे रीमेक बने। इस रुझान में द रिंग की कमाई और शोहरत की बड़ी भूमिका रही।

ख़ून-ख़राबा यहाँ मुद्दा ही नहीं है। चौंकाने वाले दृश्य कम हैं, पर जो हैं वे देर तक याद रहते हैं। सात दिन की मियाद, कुएँ वाला दृश्य और फ़ोन की वह फुसफुसाहट देखने के बाद आसानी से नहीं भूलती। खामियाँ हैं, फिर भी रात में अकेले इसे दोबारा देखने से पहले मैं शायद एक बार रुककर सोचूँगा।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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