फ़िल्में

No Limit ज़हरीले प्यार की गहराई में उतरती है, पर यह नहीं बताती कि वह क्यों रुकी रहती है

डेविड एम. रोसेन्थल की फ्रेंच फ़्रीडाइविंग ड्रामा (2022) कैमिल रोव के भरोसे चलती है और एक असली त्रासदी से बचकर निकलती है।
Martha O'Hara
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पेरिस की पढ़ाई छोड़कर दक्षिण फ़्रांस में फ़्री डाइविंग सीखने पहुँची एक युवती। डेविड एम. रोज़ेन्थल की ‘No Limit’ (2022) इसी फ़ैसले से शुरू होती है, और बाक़ी फ़िल्म उसकी क़ीमत का हिसाब है। रॉक्साना ऑब्रे (कामिल रोवे) पढ़ाई और पेरिस की ज़िंदगी पीछे छोड़कर समुद्र की ओर निकल पड़ती है। कोर्स तो बस शुरुआत है। जल्द ही वह ऐसी ज़िंदगी में खिंच जाती है जहाँ समुद्र में उतरने का बोझ उसके रोज़ के जीवन पर भी आ बैठता है। फ़िल्म फ़्रांसीसी भाषा में है, और फ़्रांस में इसका नाम ‘Sous emprise’ है, यानी किसी के असर या क़ब्ज़े में होना। मुझे यह नाम अंग्रेज़ी शीर्षक से ज़्यादा सटीक लगता है, क्योंकि कहानी हदों से ज़्यादा पकड़ की है।

शैली के खाँचे में यह ड्रामा और रोमांस है, पर इसमें हल्कापन नहीं है। फ़िल्म का स्वर गहरा और तनाव भरा है, और भारतीय दर्शक को इसे उपशीर्षकों या डबिंग के सहारे देखना पड़ेगा। केंद्र में रॉक्साना और सोफ़ियान ज़र्मानी के निभाए पास्कल का रिश्ता है, जो धीरे-धीरे ज़हरीला होता जाता है। उसके बग़ल में फ़्री डाइविंग है, यानी ऑक्सीजन सिलेंडर के बिना साँस रोककर पानी में उतरने का खेल। दोनों को एक ही कहानी में रखने का तर्क साफ़ है। गोताखोर को पानी के नीचे अपनी साँस का हिसाब रखना पड़ता है, और उसकी सुरक्षा का एक हिस्सा दूसरों के भरोसे टिका होता है। रिश्ते में भी इंसान किसी और के भरोसे, या अपने ही जुनून के भरोसे, ऐसी जगह पहुँच सकता है जहाँ से लौटना आसान नहीं। यह जोड़ी काग़ज़ पर अच्छी बैठती है।

मुश्किल यह है कि पटकथा इस जोड़ी को ठीक से बरत नहीं पाती। रॉक्साना पास्कल की ओर क्यों खिंचती है, इसका जवाब कमज़ोर है। हमें बताया जाता है कि रिश्ता गहरा है, पर उसकी वजहें पर्दे पर कम दिखती हैं। रिश्ते को ज़हरीला दिखाने के लिए फ़िल्म बार-बार अंतरंग दृश्यों पर लौटती है, और ये दृश्य हर बार पिछले से ज़्यादा खुले होते जाते हैं। मुझे वे वह काम करते नहीं दिखे जो संवाद और किरदारों की परतें कर सकती थीं। रिश्ते का बिगड़ना जाने-पहचाने ढर्रे पर चलता है। कोई मोड़ चौंकाता नहीं, और आप पहले से भाँप लेते हैं कि कहानी कहाँ जाएगी। एक-सी तनी हुई स्थिति बार-बार लौटती है, और हर वापसी के साथ उसका असर घटता जाता है। साँस रोककर पानी में उतरने वाले इंसान की अकेली, भीतर की दुनिया पर किसी और का क़ब्ज़ा होते जाना एक डरावना विषय है। उसे जितनी बारीकी चाहिए थी, उतनी यहाँ नहीं मिलती।

अभिनय में कामिल रोवे की मेहनत दिखती है। वे रॉक्साना की बेचैनी और आत्मविश्वास के बीच डोलती हालत को सँभालकर निभाती हैं, और फ़िल्म के बेहतर क्षण अक्सर उन्हीं के कंधों पर टिके हैं। जब पटकथा उन्हें कुछ ठोस नहीं देती, तब भी वे दृश्य को पूरी तरह बिखरने नहीं देतीं। सोफ़ियान ज़र्मानी का पास्कल आकर्षक है, पर उसकी परतें कम खुलती हैं। उसकी भीतरी उलझन और इरादे लिखावट में साफ़ नहीं हैं, इसलिए वह असल इंसान से ज़्यादा ऐसा किरदार लगता है जिसे कहानी आगे धकेलने के लिए रखा गया हो। सेज़ार दोंबॉय, लोरां फ़र्नांदेज़, ज़ाकारी शासरियो, नैटली मिट्सन और म्यूरियल कोंबो जैसे बाक़ी कलाकारों के लिए फ़िल्म बहुत कम जगह छोड़ती है। वे कहानी में आते हैं, अपना हिस्सा निभाते हैं, और उनका असर मुश्किल से ठहरता है।

फ़िल्म को लेकर एक सवाल उसके बाहर से भी आता है। कई लेखों में इसे फ़्रांसीसी फ़्री डाइवर ऑड्रे मेस्त्र की दुखद मौत से ढीले ढंग से प्रेरित बताया गया है। मेस्त्र एक होनहार गोताखोर थीं, जिनकी मौत विश्व रिकॉर्ड तोड़ने की कोशिश के दौरान हुई। फ़िल्म ख़ुद को कल्पना की कृति ही मानती है। यह सावधानी समझ में आती है, पर तब सवाल उठता है कि वह उस असल त्रासदी से क्या लेती है और क्या छोड़ देती है। मुझे यह रेखा धुँधली लगी। जिस कहानी की जड़ में किसी की असली मौत की छाया हो, उससे थोड़ी और स्पष्टता की उम्मीद बनती है। यहाँ वह न पूरी तरह अपनाई गई है, न पूरी तरह छोड़ी गई है।

फ़िल्म पर राय बँटी हुई है। कुछ दर्शक इसे निराश करने वाली और उबाऊ कहते हैं, तो कुछ समीक्षक ज़हरीले प्रेम और एक युवा महिला गोताखोर की त्रासदी जैसे विषयों को गंभीरता से पढ़ते हैं। उबाऊ वाली शिकायत से मैं आंशिक रूप से सहमत हूँ, क्योंकि दोहराव सचमुच थकाता है। विषयों की अहमियत भी मुझे साफ़ दिखती है, और उन पर बात होनी चाहिए। पर फ़िल्म उन्हें उतनी धार से नहीं उठाती जितनी वे माँगते थे।

समुद्र और ज़हरीले रिश्ते को एक साथ रखने का विचार दमदार है, लेकिन उसे बुनने के लिए ज़रूरी धीरज और बारीकी यहाँ नहीं मिलती। एक रिश्ते के बिगड़ने की कहानी को जितना समय और ब्योरा चाहिए था, उतना उसे नहीं मिला। जिन्हें गहरे रंग की, बेचैन करने वाली प्रेम कहानियाँ पसंद हैं और जो फ़्री डाइविंग की दुनिया में दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें इसमें कुछ हाथ लगेगा। बाक़ियों को यह धीमी चाल की फ़िल्म लगेगी, जिसमें रॉक्साना और पास्कल का रिश्ता गहरा बताया तो गया है, पर महसूस कम होता है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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