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Touch of Evil — हॉलीवुड के इतिहास का सबसे साहसी और बेलाग नॉयर

ऑर्सन वेल्स की 1958 की इस कृति में भ्रष्ट सत्ता का निर्मम और अविस्मरणीय चित्रण है।
Martha O'Hara

“टच ऑफ इविल” का वह लंबा, अंधेरे से भरा शॉट जो फिल्म की शुरुआत करता है—एक कार बम जो फटता है और सिनेमा के इतिहास में एक मील का पत्थर बन जाता है। ऑर्सन वेल्स ने यह फिल्म न केवल निर्देशित की, बल्कि इसमें अभिनय भी किया, और अपनी दृश्य भाषा को एक ऐसे शहर में उतारा जो भ्रष्टाचार से भरपूर है, जहाँ न्याय और सत्य के लिए लड़ाई जानलेवा हो सकती है।

इस फ़िल्म का केंद्रीय संघर्ष रामोन मिगुएल वर्गास (चार्लटन हेस्टन) और पुलिस कप्तान हैंक क्विनलान (वेल्स स्वयं) के बीच होता है। वर्गास, एक मेक्सिकन नार्कोटिक्स एजेंट जो अपनी नई पत्नी सुसी (जेनेट लेई) के साथ हनीमून पर आए हैं, को पता चलता है कि क्विनलान ने गलत तरीके से सबूत पेश किए हैं और कई मामलों में निर्दोष लोगों को दंडित किया है। फ़िल्म की ताकत इस तनावपूर्ण द्वंद्व में है, जो मेक्सिकन सीमा के पास के एक शहर में फैलता है जहाँ सभी पात्र अपने निजी एजेंडे से लड़ रहे हैं।

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वेल्स ने “टच ऑफ इविल” को शक्तिशाली बनाने के लिए कई तकनीकी उपायों का उपयोग किया है। उस लंबे ओपनिंग शॉट के अलावा, फ़िल्म में विशेष कैमरा कोणों और दर्पण-प्रतिबिंब का उपयोग करके एक असुरक्षित दुनिया को दर्शाया गया है। हेस्टन और वेल्स का प्रदर्शन उत्कृष्ट है—हेस्टन एक दृढ़ और निष्ठावान अधिकारी के रूप में, जबकि वेल्स एक भ्रष्टाचार से ग्रस्त अधिकारी के रूप में जो अपनी सत्ता के लिए संघर्ष कर रहा है।

लेकिन फ़िल्म की बड़ी समस्या यह है कि इसका कथानक कभी-कभी अपने ही वजन के नीचे दब जाता है। कई उप-कथाएँ और पात्र, जैसे “अंकल” जो ग्रांडी (अकिम तमीरॉफ) और मिरादोर मोटेल का नाइट मैनेजर (डेनिस वेवर), फ़िल्म को एक छोटे महाकाव्य में बदल देते हैं। जबकि ये पात्र फ़िल्म के वातावरण में योगदान करते हैं, वे कहानी को आगे बढ़ाने में विशेष भूमिका नहीं निभा पाते।

“टच ऑफ इविल” का सबसे बड़ा गुण इसकी दृश्य भाषा और अभिनय है। हेस्टन और वेल्स के प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं, और फ़िल्म की तकनीकी उपलब्धियाँ इसे एक क्लासिक बनाती हैं। लेकिन इसका कथानक कभी-कभी बिखर जाता है, और मूल कहानी की धार कुछ कम हो जाती है।

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