प्रौद्योगिकी

टचस्क्रीन MacBook Pro: Apple का वीडियो अब स्क्रीन को छूने का न्योता देता है

टच के साथ पहला मैक सेंसर को टैंडम ओएलईडी पैनल के अंदर रखता है और इसकी कीमत $2,899 से शुरू होती है, जबकि बिना टच वाला मिनी-एलईडी मैकबुक प्रो बिक्री पर बना रहता है।
Adrian Kessler
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टचस्क्रीन MacBook Pro के खुलासे वाले वीडियो के साथ Apple ने जो पंक्ति प्रकाशित की, वह जवाब की शक्ल में गढ़ा गया बिक्री-संदेश है: “इतने जीवंत रंग, असाधारण चमक और बेहद तीखा कंट्रास्ट देखकर आपका हाथ बढ़ाकर इसे छूने का मन करेगा। और अब, आप ऐसा कर सकते हैं।” यह जवाब खुद Apple को दिया गया है।

सालों तक कंपनी समझाती रही कि Mac को छूना क्यों नहीं चाहिए। कंपनी के मौजूदा मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन टर्नस (John Ternus) ने हार्डवेयर इंजीनियरिंग का नेतृत्व करते हुए खुद यह दलील दी थी: “Mac को पूरी तरह अप्रत्यक्ष इनपुट के लिए अनुकूल बनाया गया है। हमें सचमुच इसे बदलने की कोई वजह नहीं लगी।” नया MacBook Pro इस तर्क को गलत साबित नहीं करता। यह स्क्रीन बदलता है, उसे छूने लायक बनाता है और उंगली को उसके पीछे चलने देता है।

YouTube video

Apple के टचस्क्रीन MacBook Pro वीडियो में असल में क्या दिखता है

Apple के YouTube चैनल पर यह क्लिप करीब दो मिनट की है। CNBC के मुताबिक, इसमें लोग वीडियो और तस्वीरों को इधर-उधर करने के लिए डिस्प्ले पर उंगली फेरते दिखते हैं। Apple के अपने विवरण में टैप, स्वाइप, स्क्रॉल और ज़ूम करने के लिए पिंच करने का ज़िक्र है, “और आपके सभी पसंदीदा कीबोर्ड शॉर्टकट और ट्रैकपैड जेस्चर भी पास ही बने रहते हैं।”

यह वाक्य ही इस डिज़ाइन की पूरी रूपरेखा छोटे-से रूप में पेश करता है। टच को कीबोर्ड और ट्रैकपैड के साथ जोड़ा गया है, उनकी जगह लेने के लिए नहीं। Apple ने तो सिर्फ एक काम के लिए हिंज को फिर से डिज़ाइन किया है: उंगली के दबाव में स्क्रीन को स्थिर रखना। लॉस एंजिलिस में मंच से टर्नस ने इस बदलाव को एक वाक्य में रखा: “हां, पहली बार हम Mac में टच ला रहे हैं।”

नए MacBook Pro में टच कैसे काम करता है: उंगली का स्पर्श, क्लिक के रूप में पढ़ा जाता है

इसका तरीका प्रचार-संदेश से कहीं अधिक संयमित है। Apple टच सेंसर को ऊपर अलग परत के रूप में लगाने के बजाय सीधे डिस्प्ले पैनल में बनाता है; कंपनी का कहना है कि इससे प्रतिक्रिया में लगने वाली देरी कम होती है। इसके बाद macOS स्पर्श का अनुवाद करता है। Apple के मुताबिक, कई मौजूदा ऐप तुरंत टच के साथ काम करते हैं, “क्योंकि macOS अपने आप स्पर्श को क्लिक में बदल देता है।” अपडेट किए गए जेस्चर API डेवलपरों को उंगली के इस्तेमाल के लिए खास व्यवहार बनाने देते हैं। Apple ने उन ऐप की सूची भी दी है जो इसके लिए तैयार हैं—Microsoft Word, Excel और Zoom से लेकर Lightroom, DaVinci Resolve और Blender तक।

पूरे सिस्टम को देखें तो इसका सीधा-सा मतलब है। जिस ऐप को किसी ने दोबारा नहीं लिखा है, उसमें उंगली बस चौड़ी नोक वाला पॉइंटर है। टच काम करने का नया तरीका बनेगा या नहीं, यह पैनल पर नहीं, डेवलपरों पर निर्भर करता है। IDC के रायन रीथ (Ryan Reith) ने CNBC से यही बात कही: “असल में यह यूज़र इंटरफ़ेस और सॉफ़्टवेयर का मामला है।” Apple के अपने उदाहरण बताते हैं कि इसका वास्तविक इस्तेमाल कहां हो सकता है: ट्रैकपैड के सीमित क्षेत्र के बजाय पूरी स्क्रीन पर चित्र बनाना, Logic Pro में स्क्रीन पर सॉफ़्टवेयर वाद्ययंत्र बजाना, और ऐप बनाने वाले Mac पर ही iPhone तथा iPad ऐप को छूकर परखना।

टचस्क्रीन OLED डिस्प्ले के साथ आता है—और इसकी कीमत भी उसी के मुताबिक है

वीडियो टच को डिस्प्ले के ज़रिए बेचता है: पहले रंग, चमक और कंट्रास्ट, फिर छूकर देखने का न्योता। हार्डवेयर भी इसी तरह पेश किया गया है। टच सिर्फ नए PROLED XDR मॉडल में मिलता है। इसके साथ टैंडम OLED पैनल, नॉच की जगह Dynamic Island, ढक्कन पर चमकता Apple लोगो और पहले से हल्की बॉडी भी है। टचस्क्रीन के बिना नया डिज़ाइन खरीदने का कोई विकल्प नहीं है। बिना टच वाला मिनी-LED MacBook Pro कम कीमत पर बिक्री के लिए उपलब्ध रहेगा।

इससे इस फ़ीचर की आम कीमत-व्यवस्था उलट जाती है। CNBC द्वारा उद्धृत IDC के आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दुनिया भर में भेजे गए लैपटॉप में से सिर्फ 17% में टचस्क्रीन है, और उनकी औसत बिक्री कीमत टचस्क्रीन के बिना आने वाले लैपटॉप से थोड़ी कम है। Apple टच को प्रीमियम फ़ीचर के रूप में पेश कर रहा है। Tom’s Guide से बात करते हुए IDC के फ्रांसिस्को जेरोनिमो (Francisco Jeronimo) ने इस दांव का सार बताया: “Apple ने अभी दिखाया है कि खरीदारों से इसके लिए पैसे मांगे जा सकते हैं।”

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया था। 9to5Mac ने Bloomberg की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि टिम कुक (Tim Cook) ने इस परियोजना को करीब चार साल पहले मंज़ूरी दी थी। इसकी एक वजह यह थी कि टच उन फ़ीचर में शामिल हो गया था जिनकी ग्राहक सबसे ज़्यादा मांग कर रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, तब तक टर्नस भी मानने लगे थे कि लैपटॉप में टचस्क्रीन अब बुनियादी ज़रूरत बन चुकी है।

टचस्क्रीन MacBook Pro की कीमत, स्पेसिफ़िकेशन और रिलीज़ की तारीख

14-इंच MacBook Pro with PROLED XDR Display की शुरुआती कीमत $2,899 है, जबकि 16-इंच मॉडल $3,399 से शुरू होता है। Tom’s Guide के मुताबिक, 16-इंच OLED मॉडल की कीमत इससे मिलते-जुलते मिनी-LED संस्करण से $400 ज़्यादा है। Bloomberg के हिसाब से, $2,899 किसी नए MacBook Pro की अब तक की सबसे ऊंची शुरुआती कीमत है। दोनों मॉडल M5 Pro या M5 Max चिप के साथ आते हैं, इनमें अधिकतम 128GB यूनिफ़ाइड मेमोरी और 16TB तक स्टोरेज मिलती है। Apple के आंकड़ों के अनुसार, बैटरी 24 घंटे तक चल सकती है। 14-इंच मॉडल का वज़न 3 पाउंड और 16-इंच मॉडल का 4 पाउंड है। डिस्प्ले की चमक 2,000 निट्स तक पहुंचती है। 30 देशों और क्षेत्रों में प्री-ऑर्डर 28 अक्टूबर को शुरू हुए और डिलीवरी 6 नवंबर से शुरू होगी।

Apple ने अब यह दलील देना बंद कर दिया है कि Mac अप्रत्यक्ष इनपुट के लिए बना है। जिन ऐप को अभी तक किसी ने दोबारा नहीं लिखा है, उनमें macOS हर टैप के साथ उस पुराने तर्क को ज़िंदा रखेगा—और चुपचाप उंगली को फिर से क्लिक में बदलता रहेगा।

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