फ़िल्में

The Batman ने आख़िरकार डार्क नाइट को जासूस बनाया, भले ही क्लाइमैक्स कमज़ोर पड़ता है

मैट रीव्स, 2022: भ्रष्ट गोथम में एक स्याह रहस्य-कथा, जिसके केंद्र में रॉबर्ट पैटिनसन हैं।
Martha O'Hara
हमें Google पर जोड़ें

मैट रीव्स की ‘द बैटमैन’ को सिर्फ़ सुपरहीरो फिल्म कहना उसके साथ आधा न्याय है। Punch Drunk Critics ने ठीक लिखा कि यह सुपरहीरो फिल्म से ज़्यादा जासूसी रहस्य है, यानी ऐसा क्राइम थ्रिलर जिसका शहर भ्रष्टाचार और रसूख़ के बोझ से टूट चुका है। कहानी बैटमैन के अपराध से लड़ने के दूसरे साल में चलती है। रॉबर्ट पैटिनसन का ब्रूस वेन/बैटमैन गोथम की रातों में घूमता है। पुलिस में सिर्फ़ लेफ्टिनेंट जेम्स गॉर्डन (जेफ़री राइट) उस पर भरोसा करते हैं, बाकी महकमा इस नक़ाबपोश को शक की नज़र से देखता है। फिर रिडलर (पॉल डैनो) नाम का सीरियल किलर शहर के ताकतवर लोगों को एक-एक करके मारने लगता है और हर हत्या के पास बैटमैन के लिए सुराग छोड़ जाता है। जो सुराग शुरू में किसी सनकी की पहेलियाँ लगते हैं, वे धीरे-धीरे उसके अपने परिवार के अतीत तक पहुँच जाते हैं।

इस फिल्म का गोथम पहले देखे गए गोथमों से इसलिए अलग महसूस होता है कि यहाँ निराशा शहर की हड्डियों में उतर चुकी है। Punch Drunk Critics के मुताबिक यहाँ के नायक भी मान चुके हैं कि वे जो कर रहे हैं, वह शायद बेकार है। बैटमैन गोथम के लोगों के लिए लड़ता है, पर अपनी जीत की संभावना को लेकर भोला नहीं है। रीव्स ने एक बार फिर वेन दंपति की हत्या का फ्लैशबैक दिखाने से परहेज़ किया है, और यह फ़ैसला सही बैठता है। वह कहानी दर्शक के भीतर पहले से मौजूद है, उसे दोबारा दिखाने की ज़रूरत नहीं थी। यहाँ ब्रूस के पिता थॉमस वेन का मेयर पद का सपना और ‘वेन रीन्यूअल’ परियोजना भी राख हो चुकी है, और परदे पर उस नुकसान का बोझ किसी एक दृश्य से नहीं, पूरे माहौल से महसूस होता है। इस बैटमैन में मिथक और मौजूदगी ज़्यादा है, चमत्कार कम। छोटे अपराधी आसमान में बैट-सिग्नल देखते ही भाग खड़े होते हैं, और यही डर उसकी असली ताक़त है।

YouTube video

पैटिनसन का काम फिल्म की सबसे मज़बूत कड़ी है। द गार्डियन उनके ब्रूस वेन को किसी सुरुचिपूर्ण ढंग से बर्बाद हो चुके, एकांतप्रिय रॉक स्टार जैसा बताता है: दुबला-पतला, चेहरे पर बिखरे काले बाल। पर जैसे ही वह मुखौटा पहनता है, उसकी पूरी देह पत्थर की सिल जैसी निर्विकार हो जाती है। यह फ़र्क ही किरदार की रीढ़ है। ज़ोए क्रेविट्ज़ की सेलिना काइल के बारे में गार्डियन की टिप्पणी है कि उनकी महाशक्ति उनका आकर्षण है। इसी आकर्षण की वजह से कैटवुमन के दृश्य फिल्म की घुटन में हवा की तरह आते हैं। जेफ़री राइट और जॉन टर्टुरो का काम गार्डियन के शब्दों में बिना शोर-शराबे के अच्छा है। टर्टुरो का कार्माइन फ़ाल्कोन गोथम के गैंगस्टरों की दुनिया को वज़न देता है। कॉलिन फैरेल, Punch Drunk Critics के मुताबिक, पेंग्विन के रूप में पहचान में नहीं आते। एंडी सर्किस का अल्फ्रेड The Holy Goof की समीक्षा में पुराने अल्फ्रेडों के बीच भी अपनी जगह बना लेता है।

रिडलर इस फिल्म का सबसे बड़ा जुआ है, और बड़ी हद तक यह जुआ चल जाता है। Punch Drunk Critics याद दिलाता है कि यह जिम कैरी वाला नियॉन हरे सूट का रिडलर नहीं है। यहाँ कोई मसखरी टोपी या बचकानी तुकबंदी नहीं है। शुरुआती दृश्य में वह अँधेरे में छिपकर मेयर को बेरहमी से पीट-पीटकर मार देता है, और समीक्षक के शब्दों में वह डेविड फ़िंचर की किसी फिल्म के सीरियल किलर के ज़्यादा करीब है। द गार्डियन के अनुसार वह अपनी सोशल मीडिया पेशियों में रबर का मुखौटा पहनकर आता है और मेयर डॉन मिशेल से लेकर ज़िला अटॉर्नी गिल कोल्सन तक गोथम के भ्रष्ट तंत्र को निशाना बनाता है। शुरुआत में फिल्म ‘सॉ’ जैसी सीरियल किलर वाली सिहरन देती है। Punch Drunk Critics के मुताबिक उसकी क्रूरता की बराबरी सिर्फ़ उसकी चतुराई करती है: वह एक बड़ी साज़िश के सुराग छोड़ता है, जो सिर्फ़ बैटमैन की आँखों के लिए रखे गए हैं, और हर बार कुछ क़दम आगे रहता है। इसी बौद्धिक लड़ाई से फिल्म का तनाव बनता है।

तकनीकी पक्ष पर फिल्म को शिकायत का मौका कम मिलता है। सिनेमैटोग्राफ़र ग्रेग फ्रेज़र ने इसे ILM की StageCraft वर्चुअल प्रोडक्शन तकनीक से शूट किया, और संगीत माइकल गियाक्चिनो का है। गार्डियन के शब्दों में फिल्म बेहद सधे हुए डिज़ाइन की है, बड़े सेट-पीस वाली, और अँधेरे से टकराकर आने वाले झटके सीने की हड्डी तक सिहरन पहुँचाते हैं। फिल्म में 1,500 से ज़्यादा विज़ुअल इफेक्ट्स शॉट हैं, फिर भी परदे पर तकनीक कहानी को दबाती नहीं। रीव्स बैटमैन के जासूसी पहलू को खंगालना चाहते थे, और इसके लिए उन्होंने हिचकॉक की फिल्मों, न्यू हॉलीवुड दौर और ‘ईयर वन’ तथा ‘द लॉन्ग हैलोवीन’ जैसी कॉमिक्स से प्रेरणा ली। इसका असर पटकथा की बनावट में दिखता है। रहस्य धीरे-धीरे खुलता है और जासूसी का काम सचमुच जासूसी जैसा लगता है।

अब कमज़ोरियाँ। फिल्म लंबी है, और यह लंबाई हमेशा कसी हुई नहीं लगती। गार्डियन का तर्क है कि रिडलर की पहेलियाँ न खास चतुराई भरी हैं, न कहानी के लिए ज़रूरी, और भ्रष्टाचार के रहस्य का वादा आख़िर में पूरी तरह निभाया नहीं जाता। मैं इससे सहमत हूँ। गार्डियन तीसरे हिस्से को थकाऊ कहता है, और अंत उस अस्तित्वगत संकट को टाल जाता है जिसे फिल्म घंटों से सुलगा रही थी। आलोचकों ने लहजे, अवधि और तीसरे हिस्से पर इसी तरह आपत्ति जताई थी। IGN लैटिन अमेरिका का एक और तर्क याद रखने लायक है। उसके अनुसार अब ‘द डार्क नाइट’ को बैटमैन फिल्मों का पैमाना मानना बंद करने का समय है, क्योंकि इतने कैमियो, कंप्यूटर ग्राफ़िक्स के अति-प्रयोग और साझा ब्रह्मांडों के बाद सुपरहीरो शैली थकान देने लगी है। रीव्स की फिल्म इस थकान का जवाब इसलिए बनती है कि वह करतबों की जगह एक अपराध-कथा सुनाती है, और अपने नायक को शहर की सड़ांध के बीच खड़ा करती है।

‘द बैटमैन’ की सबसे बड़ी ताक़त उसका मिज़ाज है: धीमा, भीगा हुआ और जिद्दी ढंग से गंभीर। पैटिनसन और क्रेविट्ज़ की जोड़ी, गोथम की दम घोंटती बनावट और जासूसी कहानी पर टिके रहने की ज़िद इसे आम सुपरहीरो फिल्मों से अलग खड़ा करती है। इसकी लंबाई, फीका अंत और बेमानी पहेलियाँ इसे उस ऊँचाई तक पहुँचने से रोकती हैं जिसका यह हक़दार दिखती थी। फिर भी जो लोग बैटमैन को सबसे पहले जासूस की तरह देखना चाहते हैं, उनके लिए यह इस किरदार की हाल की सबसे दिलचस्प पेशकश है।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

टैग: , , , The Batman, ,

हमें Google पर जोड़ें

चर्चा

0 टिप्पणियाँ हैं।