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The Voyeurs में दर्शक खुद दोषी बन जाता है — Sweeney की भूमिका इसे अनिवार्य बनाती है

माइकल मोहन का यह एरोटिक थ्रिलर जानता है कि वह क्या है, और इसी में उसकी असली ताकत है।
Martha O'Hara
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“दूसरों की खिड़कियों के रास्ते से गुज़रते हुए, उनकी नज़रें एक ऐसे दृश्य पर अटक गईं जो उन्हें अपनी खुद की ज़िंदगी के बारे में फिर से सोचने पर मजबूर कर देगा।”

माइकल मोहन की “द वॉयर्स” (2021) एक एरोटिक थ्रिलर है जो शुरू से ही अपने इरादे साफ़ कर देती है — यह नब्बे के दशक की एरोटिक थ्रिलर परंपरा की उत्तराधिकारी बनना चाहती है, और काफी हद तक उसमें सफल भी होती है। फिल्म के केंद्र में हैं पिप्पा (सिडनी स्विनी) और थॉमस (जस्टिस स्मिथ), एक युवा जोड़ा जो मोंट्रियल में अपने पहले साझा अपार्टमेंट में शिफ्ट होता है। जल्द ही उन्हें एहसास होता है कि उनकी खिड़कियाँ सीधे सामने के अपार्टमेंट में झाँकती हैं — जहाँ जाना-माना फोटोग्राफर सेब (बेन हार्डी) और उनकी पत्नी जूलिया (नताशा लिउ बोर्डिजो) रहते हैं। बाहर से यह जोड़ा आकर्षक और सफल दिखता है। भीतर कुछ और है।

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जो शुरू में दूरबीन से देखने की एक मामूली आदत है, वह धीरे-धीरे एक जटिल और खतरनाक जुनून में बदल जाती है। थॉमस एक लेजर पॉइंटर तकनीक खोज निकालता है — एक परावर्तक सतह की मदद से पड़ोसियों की बातें भी सुनी जा सकती हैं। हैलोवीन की पार्टी में पिप्पा और थॉमस मेहमान बनकर सेब के अपार्टमेंट में घुस जाते हैं, और चुपचाप एक दर्पण छिपा आते हैं। जब वे सुनते हैं कि सेब जूलिया पर हाथ उठाता है और अपनी बेवफाई से इनकार करता है, तो पिप्पा का हस्तक्षेप और बढ़ता जाता है — वह जूलिया के वायरलेस प्रिंटर तक पहुँचकर उसे सेब की बेवफाई के सबूत भेज देती है। यह सब पर्दे पर रोमांचक है — मोहन इन दृश्यों को एक कुशल तनाव से भरते हैं जो दर्शक को असहज करता है और फिर भी उसे अपनी सीट से हिलने नहीं देता।

सिडनी स्विनी का अभिनय इस फिल्म की सबसे दमदार बात है। पिप्पा एक प्रशिक्षु ऑप्टोमेट्रिस्ट है — पेशे से दूसरों की दृष्टि सुधारने वाली, लेकिन खुद अपनी देखने की लत पर काबू न पा सकने वाली। यह विडम्बना फिल्म की सबसे चतुर बात है। स्विनी इसे शब्दों से नहीं, अपनी आँखों और शरीर की भाषा से व्यक्त करती हैं। पिप्पा की बेचैनी, उसका आत्म-छल, उसकी खुद से की जाने वाली सौदेबाज़ी — सब कुछ बिना अधिक संवाद के सामने आता है। जब वह जूलिया से मिलती है — पहले क्लीनिक में, फिर एक स्पा में — तो उनकी दोस्ती में एक अपराधबोध की परछाईं है जिसे स्विनी बेहद कुशलता से सँभालती हैं। थॉमस के चले जाने के बाद पिप्पा और भी अकेली हो जाती है, और जब सेब उसे अपने स्टूडियो में तस्वीरें खिंचवाने के लिए बुलाता है तो वह मना नहीं कर पाती — वह दृश्य फिल्म का सबसे तीखा और उलझा हुआ क्षण है। जस्टिस स्मिथ थॉमस के रूप में एक संतुलित साथी हैं; उनकी निराशा और क्रोध, खासकर जब वे पिप्पा को जूलिया की मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराते हैं, बेहद स्वाभाविक है।

बेन हार्डी और नताशा लिउ बोर्डिजो का जोड़ा फिल्म की असली धुरी है। सेब एक आकर्षक लेकिन हिंसक पुरुष है — एक फोटोग्राफर जो मॉडलों के साथ बेवफाई करता है, जूलिया को धमकाता है, और फिर भी एक सफल और वांछनीय जीवन की छवि बनाए रखता है। जूलिया का व्यक्तित्व उलझा हुआ और दर्दनाक है, एक ऐसी महिला जो अपने पति की बेवफाई से अनजान नहीं है लेकिन उस जाल से बाहर निकलने में असमर्थ है। बोर्डिजो इस किरदार को पर्याप्त गहराई देती हैं। इन दोनों के बीच की अस्थिरता — वह जो खिड़की के पार दिखता है और जो छिपा रहता है — ही पिप्पा को, और दर्शक को भी, खींचती है।

देखना और दिखना — यही “द वॉयर्स” का मूल विषय है। पिप्पा और थॉमस शुरू में सिर्फ दर्शक हैं, लेकिन धीरे-धीरे वे भागीदार बन जाते हैं। जब पिप्पा जूलिया से दोस्ती करती है — यह जानते हुए कि उसने उसके घर में एक दर्पण छिपाया है — तो यह दोस्ती एक अपराध बन जाती है। फिल्म दर्शकों से भी यही सवाल करती है: क्या हम भी इस घुसपैठ के हिस्सेदार हैं? मोंट्रियल की वास्तुकला — नज़दीक खड़ी इमारतें, पारदर्शी खिड़कियाँ, रात की रोशनी — इस सवाल को और गहरा करती है। दर्शक भी वही करते हैं जो पिप्पा और थॉमस करते हैं — वे भी झाँक रहे हैं, और फिल्म उन्हें यह भूलने नहीं देती।

कहानी की कमज़ोरियाँ अंतिम हिस्से में सबसे ज़्यादा महसूस होती हैं। जूलिया की मौत और उसके बाद के खुलासे उतने तीव्र नहीं हैं जितनी फिल्म माँग करती है। पहले आधे हिस्से में जो नींव बनती है, अंत उसके साथ न्याय नहीं कर पाता। यह कमी “द वॉयर्स” को एक यादगार थ्रिलर बनने से रोकती है। फिर भी, अमेज़न प्राइम वीडियो पर 10 सितंबर 2021 को रिलीज़ होने के बाद इस फिल्म के स्ट्रीमिंग आँकड़ों ने अमेज़न स्टूडियो की अपेक्षाओं को पार किया।

“द वॉयर्स” एक त्रुटिपूर्ण लेकिन ईमानदार फिल्म है। यह अपने जॉनर से शर्मिंदा नहीं, बल्कि उसे गले लगाती है। स्विनी का अभिनय और मोहन का निर्देशन कई बार एक ऐसी फिल्म की झलक दिखाते हैं जो और भी बेहतर हो सकती थी — अगर पटकथा का अंत उतना ही सुनियोजित होता जितना शुरुआत।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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