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Under Her Control सत्ता का ठंडा अध्ययन है, पर थ्रिलर का शिकंजा ढीला रह जाता है

फ्रान टोरेस की पहली फ़ीचर फ़िल्म (2022): एक फ़ैशन बॉस, एक युवा प्रवासी और छिपाई गई गर्भावस्था।
Martha O'Hara
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Under Her Control की शुरुआत ‘द डेविल वियर्स प्राडा’ जैसे फ़ैशन जगत के माहौल की याद दिलाती है: एक महत्वाकांक्षी युवती, उसकी आदर्श डिज़ाइनर और करियर की चमक। फ्रान टोरेस की यह फ़िल्म ज़्यादा देर उस चमक में नहीं टिकती। सोफिया (कुमेलन सांज़) गर्भवती है और मानती है कि अब उसका उभरता करियर ख़त्म हो जाएगा। तब उसकी बॉस बेआतरीज़ (ऐटाना सांचेज़-गिजोन) उसके बच्चे को गोद लेने की पेशकश करती है। सुनने में यह मदद है, पर बदले में सोफिया को अपनी आज़ादी सौंपनी है। सोफिया को समझने में देर नहीं लगती कि इस मदद के साथ शर्तें जुड़ी हैं, और वे शर्तें फ़ोन, कैमरों और रोज़ की दिनचर्या के रास्ते उसके घर में उतरती हैं।

सोफिया अर्जेंटीना से आई प्रवासी है और मैड्रिड में अपने साथी नाचो के साथ रहती है। नाचो परिवार बसाना चाहता है, सोफिया झिझकती है, यहाँ तक कि उससे अपनी गर्भावस्था छिपा लेती है। गर्भपात के बारे में सोचती है तो उसका पादरी उसे रोक देता है। यह पृष्ठभूमि कहानी में बारीकी से काम करती है। परदेस में अकेले अपना रास्ता बना रही लड़की अपनी आदर्श डिज़ाइनर के “भले” प्रस्ताव को ठुकराने की हालत में कम ही होती है, और जिस दिन वह बेआतरीज़ के सामने टूटकर अपनी गर्भावस्था का राज़ खोल देती है, उसी दिन से पलड़ा एक तरफ़ झुक जाता है। बेआतरीज़ के पास दौलत भी है और रसूख भी। वह अपनी निजी डॉक्टर क्रिस्टीना और वकील हुलियो को साथ जोड़ती है। डॉक्टर और वकील की मौजूदगी बताती है कि उसने सौदे में कोई चीज़ संयोग पर नहीं छोड़ी।

सोफिया को गाँव-देहात के एक एकांत घर में रहना है, ताकि किसी को उसकी गर्भावस्था की भनक न लगे। शुरू में यह लगभग पैसे लेकर बिताई जा रही छुट्टी जैसा है। फिर चीज़ें एक-एक करके खिसकने लगती हैं। घर में छिपे कैमरे मिलते हैं। बेआतरीज़ भीतर के कैमरे बंद करने पर राज़ी होती है, पर बाहर के चालू रखती है और इसे हिफ़ाज़त का नाम देती है। सोफिया का फ़ोन ग़ायब हो जाता है, और बाहर की दुनिया से उसका रिश्ता कट जाता है। उसकी दिनचर्या इतनी थका देने वाली हो जाती है कि वह बेदम होने लगती है; शिकायत करती है, तब भी उसे वही सब करते रहना पड़ता है। बेआतरीज़ उसके लिए एक कुत्ता ले आती है, मानो बढ़ती उदासी का इलाज एक तोहफ़ा हो। घर की इकलौती साथी, नौकरानी टाटी, अचानक ग़ायब हो जाती है, और बेआतरीज़ कहती है कि उसे हटा दिया गया। घर धीरे-धीरे क़ैदख़ाने में बदलता है, और टोरेस इस बदलाव को बिना शोर-शराबे के दिखाते हैं। बदलाव इतने छोटे क़दमों में आता है कि हर पाबंदी अलग से देखने पर वाजिब लगती है, और यही फ़िल्म की सबसे बेचैन करने वाली बात है।

ऐटाना सांचेज़-गिजोन बेआतरीज़ को खलनायिका के साँचे में नहीं ढालतीं। उनकी बेआतरीज़ अपने बच्चे की चाह में इस क़दर जकड़ी है कि हर रोक-टोक उसे परवाह लगती है, और दर्शक को वही परवाह सबसे ज़्यादा खटकती है। कुमेलन सांज़ का काम अलग क़िस्म का है। उनकी सोफिया शुरू में महत्वाकांक्षी और कुछ हद तक भोली दिखती है, फिर डर और निर्भरता के बीच फँसती है, और आख़िर में प्रतिरोध की ओर बढ़ती है। हुलियो के रूप में पेद्रो कासाब्लांक सौदे को क़ानूनी ठंडक देते हैं, जो कहानी के माहौल से मेल खाती है।

कमज़ोरियाँ भी हैं। नाचो और टाटी जैसे किरदार ज़्यादातर कहानी को आगे धकेलने के काम आते हैं; उनकी अपनी कोई गहराई नहीं बन पाती। बेआतरीज़ जब नाचो को अपनी कार से कुचल देती है, तो घटना दहला देती है। पर सोफिया और उसके रिश्ते को पहले पर्याप्त समय नहीं मिला था, इसलिए झटका दिमाग़ पर लगता है, दिल पर कम। रफ़्तार भी कहीं-कहीं ढीली पड़ती है। मुझे फ़िल्म धीमी लगी, पर स्याह तासीर के सहारे वह बाँधे रखती है। हर दर्शक को यह धीमापन रास नहीं आएगा।

एक दिलचस्प मोड़ अधूरा रह गया। बेलेन को पता चलता है कि सोफिया का बायोडाटा फ़र्ज़ी है, झूठे संदर्भ और गढ़ी हुई डिग्रियाँ। क्रिस्टीना बेआतरीज़ को मना लेती है कि यह बात सोफिया से छिपाई जाए। यानी बेआतरीज़ जानती है कि उसके घर में रह रही लड़की ने झूठ बोला है, और चुप रहती है। यह उसकी ख़ामोश बढ़त है, और सोफिया की बेदाग़ पीड़िता वाली छवि में एक दरार भी, पर फ़िल्म इसे छूकर छोड़ देती है। असली दिक़्क़त अंत की है। नाचो की मौत के बाद घटनाएँ इतनी तेज़ी से घटती हैं कि सोफिया का आज्ञाकारी बनने का नाटक करके खाने की मेज़ पर बेआतरीज़ को बेहोश करना और फिर दोनों की आख़िरी भिड़ंत, पहले से बने तनाव को पूरी तरह वसूल नहीं कर पाते। इतनी घुटन के बाद यह हिस्सा कुछ मिनटों में निपटा दिया गया लगता है।

फ़िल्म प्रवास, प्रवासियों के शोषण और सरोगेसी जैसे सवालों को भी छूती है, और अच्छी बात यह है कि इन्हें भाषणों में नहीं बदलती। सोफिया के पास न फ़ोन बचता है, न कोई जगह जहाँ वह जा सके। इंटरकॉम पर नाचो उससे वादा करता है कि वह बेहतर सिग्नल ढूँढकर पुलिस को फ़ोन करेगा, और इसी बातचीत में दिख जाता है कि बाहर की दुनिया उस घर से कितनी दूर है। दूसरी तरफ़ बेआतरीज़ के पास पैसा, वकील, निजी डॉक्टर और बाहर लगे कैमरे हैं।

रेटिंग फ़िल्म पर मेहरबान नहीं रहीं। IMDb पर 10 में 4.8 है। Rotten Tomatoes पर समीक्षा सिर्फ़ एक है, और 50 से कम रेटिंग वाला पॉपकॉर्नमीटर 20 प्रतिशत दिखाता है। मेरे हिसाब से ये आँकड़े फ़िल्म के साथ पूरा न्याय नहीं करते। यह टोरेस की पहली फ़ीचर फ़िल्म है और इसकी खामियाँ साफ़ दिखती हैं, पर सांचेज़-गिजोन और सांज़ के आमने-सामने के दृश्य आख़िर तक ध्यान खींचे रखते हैं।

मुझे सबसे ज़्यादा वह क्षण याद रहा जब सोफिया को छिपे कैमरे मिलते हैं, क्योंकि वहीं से वह घर छुट्टी की जगह नहीं रह जाता। 109 मिनट की यह फ़िल्म 31 अगस्त 2022 से नेटफ़्लिक्स पर है। अंत मुझे जल्दबाज़ी भरा लगा। फिर भी कैमरों के खुलासे से लेकर नाचो की मौत तक का हिस्सा फ़िल्म का सबसे कसा हुआ हिस्सा है, और उसी के भरोसे मैं इसे देखने की सिफ़ारिश करूँगा।

कलाकार

तस्वीरें: The Movie Database (TMDB)

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