कला

जीन-मिशेल बास्किया, 27 की उम्र में गुज़रे वह चित्रकार जिनकी कला आज भी बाज़ार से सवाल करती है

Penelope H. Fritz
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जीन-मिशेल बास्किया
जीन-मिशेल बास्किया
Photo: Unknown authorUnknown author / Public domain, via Wikimedia Commons
जन्म22 दिसंबर 1960
Brooklyn, New York City, USA
निधन12 अगस्त 1988 (27)
पेशाचित्रकार

तीन नोकें और एक पट्टी: जीन-मिशेल बास्किया बार-बार जो मुकुट बनाते थे, वह उनके काम का सबसे सीधा-सादा निशान है—और उनकी बाकी कला को समझने की कुंजी भी। उन्होंने इसे मुक्केबाज़ों, जैज़ सैक्सोफ़ोनवादकों, अपने नाम और अकेले शब्दों के ऊपर बनाया। उन्होंने इसे उन अश्वेत पुरुषों के सिर पर सजाया जिन्हें उनके बचपन के संग्रहालयों ने अपनी दीवारों पर जगह नहीं दी थी। और यह सब उन्होंने उन्हीं दीर्घाओं में किया, जहाँ जल्द ही उनकी कृतियाँ ऐसी कीमतों पर बिकने वाली थीं जिनकी बराबरी कोई संग्रहालय नहीं कर सकता था। यह विरोधाभास कभी सुलझा नहीं। अपने चित्रों में कॉपीराइट चिह्नों, मूल्य-टैग, माल-सूचियों और अश्वेत देहों के कारोबार को जगह देने वाला एक चित्रकार कुछ समय के लिए नीलामी में बिकने वाला सबसे महँगा अमेरिकी कलाकार बन गया; और जिसने उसे ताज पहनाया, वह कला-बाज़ार तब से उसकी कहानी डॉलर के आँकड़ों में सुनाता आया है।

उन्होंने लगभग आठ साल तक पेशेवर चित्रकार के रूप में काम किया। इस दौरान करीब छह सौ पेंटिंग और लगभग पंद्रह सौ ड्रॉइंग बनाईं, और सत्ताईस साल की उम्र में उनकी मृत्यु हो गई। उनके बाद जो कुछ भी उनके इर्द-गिर्द विकसित हुआ—फ़िल्में, वॉरहोल से दोस्ती की दंतकथाओं में ढली कहानी, और उनका मुकुट छपे स्नीकर्स, स्केटबोर्ड व प्रोजेक्टर—वह सब इस सिमटे हुए रचनात्मक संसार के ऊपर आकर बैठता है। असल सवाल यह नहीं कि उनकी कृतियाँ कितने में बिकती हैं। सवाल यह है कि कीमतें चढ़ते समय वे पेंटिंग्स क्या कह रही थीं।

ब्रुकलिन, एक कार दुर्घटना और शरीर-विज्ञान की किताब

जीन-मिशेल बास्किया का जन्म 22 दिसंबर 1960 को ब्रुकलिन में हुआ था। उनके पिता, जेरार्ड बास्किया, हैती के पोर्ट-ओ-प्रिंस से आए थे; उनकी माँ, मटिल्डे आंद्रादेस, ब्रुकलिन में जन्मी थीं और उनके माता-पिता प्यूर्टो रिकन थे। उनका बचपन कई भाषाओं के बीच बीता और ग्यारह साल की उम्र तक वे फ़्रेंच, स्पैनिश और अंग्रेज़ी बोलने लगे थे। मटिल्डे उन्हें छोटी उम्र से ही अक्सर संग्रहालय ले जाती थीं, और वे ब्रुकलिन म्यूज़ियम के कनिष्ठ सदस्य बन गए। उनकी बहनें आज भी परिवार के अभिलेखागार में उस सदस्यता कार्ड को संभालकर रखती हैं।

सात साल की उम्र में सड़क पर खेलते हुए उन्हें एक कार ने टक्कर मार दी। उनकी बाँह टूट गई, अंदरूनी चोटें आईं और तिल्ली निकालनी पड़ी। स्वास्थ्य लाभ के दौरान उनकी माँ ने उन्हें Gray’s Anatomy की एक प्रति दी, और वह किताब उनके काम से कभी सचमुच अलग नहीं हुई: नाम लिखी हड्डियाँ, खुले अंग, आरेखों जैसे बनाए गए खोपड़ी के चित्र और शरीर के अंगों की सूचियाँ उनकी पेंटिंग्स में बार-बार दिखाई देती हैं; एक दशक बाद उन्होंने अपने बैंड का नाम भी इसी किताब पर रखा। उसी साल उनके माता-पिता अलग हो गए और उनका पालन-पोषण पिता ने किया। जब वे लगभग दस साल के थे, तब उनकी माँ को मनोरोग अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने कई स्कूलों में पढ़ाई की—जिनमें ब्रुकलिन का सेंट ऐन स्कूल, एडवर्ड आर. मुरो हाई स्कूल और मैनहैटन का वैकल्पिक हाई स्कूल सिटी-ऐज़-स्कूल शामिल थे—और स्नातक होने से पहले ही पढ़ाई छोड़ दी।

SAMO©, Gray बैंड और टाइम्स स्क्वायर शो

मई 1978 में उन्होंने अपने दोस्त अल डियाज़ के साथ मिलकर सोहो और लोअर ईस्ट साइड की दीवारों पर SAMO© लिखना शुरू किया। यह “same old shit” का संक्षिप्त रूप था। ये निशान नकली विज्ञापन-जुमलों या उपभोक्तावाद, धर्म और कला-जगत की नएपन की भूख के ख़िलाफ़ एक-पंक्ति वाले उपदेशों जैसे लगते थे; उन पर कॉपीराइट का चिह्न ऐसे लगाया जाता था मानो यह मज़ाक भी कोई ब्रांड हो। दिसंबर 1978 में Village Voice के एक लेख ने इस नाम को चेहरा दिया। 1980 तक यह साझेदारी टूट गई और शहर की दीवारों पर “SAMO IS DEAD” लिखकर इसका अंत कर दिया गया।

चित्रकला के साथ-साथ संगीत भी चलता रहा। अप्रैल 1979 में उन्होंने माइकल होल्मन के साथ प्रयोगधर्मी बैंड Gray बनाया और दोनों ने CBGB, Max’s Kansas City और the Mudd Club में कार्यक्रम किए। गुज़ारा चलाने के लिए वे हाथ से रंगे पोस्टकार्ड और स्वेटशर्ट बेचते थे। 1980 में उन्होंने शहर के कला-जगत पर बनी उस फ़िल्म में अपना ही रूप निभाया, जो बाद में Downtown 81 नाम से रिलीज़ हुई; उसी साल इसकी शूटिंग हुई थी, लेकिन यह 2000 तक पर्दे पर नहीं आई। जून 1980 में उन्होंने टाइम्स स्क्वायर शो में हिस्सा लिया—यह Colab समूह की ओर से वेस्ट 41वीं स्ट्रीट के एक बंद पड़े मसाज पार्लर में आयोजित सामूहिक प्रदर्शनी थी, जिसमें कीथ हारिंग, किकी स्मिथ और जेनी होल्ज़र भी शामिल थे। यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रदर्शनी थी। अगले साल Blondie की डेबी हैरी ने उनकी शुरुआती पेंटिंग्स में से एक 200 डॉलर में खरीदी—चित्रकार के रूप में उनकी पहली बिक्री।

तेरह महीनों में मोडेना से documenta तक

इसके बाद उनकी तरक्की की रफ़्तार की मिसाल कम ही मिलती है। उनकी पहली एकल प्रदर्शनी मई 1981 में इटली के मोडेना स्थित Galleria d’Arte Emilio Mazzoli में खुली। दिसंबर 1981 में कवि और आलोचक रेने रिकार ने Artforum में “The Radiant Child” प्रकाशित किया। इसी निबंध ने कला-जगत की पत्रिकाओं में उन्हें पहचान दिलाई और दावा किया कि “जीन-मिशेल की किसी पेंटिंग पर लिखे एक-दो शब्दों में पूरी ग्रैफ़िटी का इतिहास समाया होता है।” कला-विक्रेता अन्निना नोसेई ने उन्हें अपनी सोहो गैलरी के तहखाने में चित्र बनाने की जगह दी और मार्च 1982 में अमेरिका में उनकी पहली एकल प्रदर्शनी आयोजित की। जून 1982 में, इक्कीस साल की उम्र में, वे कसेल में documenta 7 के लिए आमंत्रित किए गए सबसे कम उम्र के कलाकार थे।

उसी गर्मी में स्विस कला-विक्रेता ब्रूनो बिशोफ़बर्गर उनके वैश्विक प्रतिनिधि बने। दिसंबर 1982 में लैरी गागोसियन ने लॉस एंजेलिस में बास्किया की प्रदर्शनी लगाई और उन्हें वहाँ एक स्टूडियो दिलाया। इसी स्टूडियो में उन्होंने 1983 की अपनी कुछ सबसे सघन पेंटिंग्स बनाईं, जिनमें Museum Security (Broadway Meltdown) भी शामिल है। लॉस एंजेलिस के उस दौर में उनका मैडोना के साथ कुछ समय तक प्रेम-संबंध रहा; उस समय मैडोना शहर के डाउनटाउन इलाके में गाने वाली एक गायिका थीं और शोहरत से अभी कई महीने दूर थीं। मार्च 1983 में, बाईस साल की उम्र में, वे Whitney Biennial में शामिल हुए। मई 1984 में न्यूयॉर्क की Mary Boone गैलरी में उनकी पहली प्रदर्शनी लगी।

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काटे गए शब्द, मुकुट और कॉपीराइट चिह्न: उनकी पेंटिंग्स का काम करने का ढंग

वे कैनवस, दरवाज़ों, खिड़की के चौखटों और लकड़ी की पट्टियाँ जोड़कर बनाए गए स्ट्रेचर पर ऐक्रिलिक, ऑयलस्टिक, स्प्रे पेंट और फ़ोटोकॉपी कोलाज से काम करते थे। उनकी पेंटिंग्स में पाठ की भरमार है: सूचियाँ, कीमतें, रसायनों के नाम, लैटिन और स्पैनिश शब्द, खेलों के आँकड़े और शरीर-विज्ञान के लेबल। इसमें से बहुत कुछ काटकर मिटा दिया गया है। उन्होंने ख़ुद इस तरीके की वजह बताई थी: वे शब्दों को इसलिए काटते थे ताकि लोग उन्हें और ध्यान से देखें, क्योंकि छिपाए जाने की वजह से देखने वालों में उन्हें पढ़ने की इच्छा पैदा होती थी। आलोचकों ने इस प्रभाव की तुलना हिप-हॉप संगीत निर्माता की सैंपलिंग से की है। उन्होंने अपनी पढ़ी हर चीज़ से कुछ न कुछ लिया—कॉमिक किताबों और लियोनार्डो की नोटबुक से लेकर अफ़्रीकी मुखौटों, मिस्र के चित्रलिपि चिह्नों और दास-व्यापार के इतिहास तक।

मुकुट, कॉपीराइट का चिह्न और खोपड़ी उनकी कला में बार-बार लौटने वाले प्रतीक हैं। Charles the First (1982) में उन्होंने चार्ली पार्कर को मुकुट पहनाया, जबकि Horn Players (1983) में पार्कर और डिज़ी गिलेस्पी शब्दों के टुकड़ों से भरी एक ही काली पृष्ठभूमि पर दिखाई देते हैं। Irony of a Negro Policeman (1981) में एक अश्वेत पुलिस अधिकारी अपनी ही वर्दी के भीतर घिरा हुआ दिखता है—उस व्यवस्था को लागू करते हुए, जो उसी के ख़िलाफ़ खड़ी की गई थी। अब Whitney में मौजूद Hollywood Africans (1983) में बास्किया, ग्रैफ़िटी कलाकार टॉक्सिक और रैमेल्ज़ी के साथ हैं; उनके चारों ओर वे घिसे-पिटे किरदार और सामान हैं जो फ़िल्म उद्योग ने अश्वेत कलाकारों के हिस्से में रखे थे। लॉस एंजेलिस के The Broad में मौजूद 1981 की Untitled (Skull) में खोपड़ी का कच्चा, मुखौटे जैसा रूप है; बाद में बाज़ार ने इसी छवि को सबसे अधिक कीमत दी।

Defacement

सितंबर 1983 में युवा अश्वेत ग्रैफ़िटी कलाकार माइकल स्टीवर्ट की मौत हो गई। न्यूयॉर्क सिटी ट्रांज़िट पुलिस ने उन्हें सबवे स्टेशन की दीवार पर लिखने के आरोप में गिरफ़्तार किया था। बास्किया ख़ुद वर्षों तक यही काम करते रहे थे। उन्होंने Defacement (The Death of Michael Stewart) को सीधे कीथ हारिंग के स्टूडियो की दीवार पर बनाया: उठी हुई लाठियों वाले दो गुलाबी, चेहरे-विहीन पुलिस अधिकारी एक गहरी परछाईं पर झुके हुए हैं, और उनके ऊपर सवालिया निशान के साथ “defacement” लिखा है। हारिंग ने दीवार का वह हिस्सा काटकर अपने बिस्तर के ऊपर टाँग लिया। 2019 में Guggenheim ने इस पेंटिंग के इर्द-गिर्द पूरी प्रदर्शनी आयोजित की और इसे उस दशक में किसी अमेरिकी कलाकार द्वारा बनाई गई पुलिस हिंसा की सबसे स्पष्ट गवाहियों में से एक के रूप में पेश किया।

वॉरहोल, “शुभंकर” कहने वाली समीक्षा और बाज़ार बनने की कीमत

4 अक्टूबर 1982 को उनकी मुलाक़ात एंडी वॉरहोल से हुई। बिशोफ़बर्गर उन्हें Factory में दोपहर के भोजन पर लेकर आए थे। कुछ ही घंटों में उन्होंने दोनों का दोहरा चित्र Dos Cabezas बना दिया और उसे गीला ही वापस भेज दिया। अगस्त 1983 में वे 57 Great Jones Street स्थित एक मचाननुमा स्टूडियो में रहने लगे, जो वॉरहोल का था। 1984 से 1985 के बीच दोनों ने साथ मिलकर दर्जनों कैनवस बनाए, जिनमें Olympics, Taxi, 45th/Broadway और Zenith शामिल थे। 1985 में Tony Shafrazi Gallery में उनकी साझा प्रदर्शनी खुली तो आलोचकों ने उसे ख़ारिज कर दिया। एक समीक्षा में बास्किया को वॉरहोल का “शुभंकर” कहा गया। इसके बाद उनकी दोस्ती में ठंडापन आ गया।

उसी साल New York Times Magazine ने उन्हें अपने कवर पर जगह दी। तस्वीर में वे नंगे पैर थे और उनके सूट पर पेंट के दाग थे; साथ छपे लेख का शीर्षक था, “New Art, New Money: The Marketing of an American Artist”। उनके करियर की आलोचनात्मक दुविधा पाँच शब्दों में समाई है। समर्थकों की नज़र में वे एक युवा अश्वेत चित्रकार थे, जो अपने तौर-तरीक़ों से बंद, श्वेत-प्रधान कला-बाज़ार में जगह बना रहे थे। आलोचकों को लगता था कि कला-विक्रेता चौबीस साल के कलाकार की पेंटिंग्स को इतनी तेज़ी से बेच रहे थे कि दर्शकों को उन्हें समझने का समय ही नहीं मिल रहा था। कुछ समीक्षकों ने उन्हें “आदिम” और “जंगली बच्चा” जैसे नाम दिए, जिन्हें उन्होंने साक्षात्कारों में ठुकरा दिया। दोनों पक्षों की बात में दम है। कला-जगत ने उनकी प्रतिभा पर फैसला सुना दिया है; लेकिन यह सवाल अब भी अनसुलझा है कि पैसा उन पेंटिंग्स को देखने के हमारे नज़रिए के साथ क्या करता है, जिनका एक हिस्सा ख़ुद पैसे के बारे में है।

आँकड़े इस तनाव को ठोस रूप देते हैं। मई 2017 में जापानी संग्रहकर्ता युसाकु माएज़ावा ने Untitled (1982) के लिए 110.5 मिलियन डॉलर चुकाए। नीली पृष्ठभूमि पर बनी काली खोपड़ी वाली यह पेंटिंग तब नीलामी में बिकने वाले किसी भी अमेरिकी कलाकार की कृति का रिकॉर्ड बनी। Dustheads (1982) 2013 में 48.8 मिलियन डॉलर में बिकी थी; In This Case (1983) 2021 में 93.1 मिलियन डॉलर में बिकी; हेज फ़ंड के संस्थापक केन ग्रिफिन ने 2020 में Boy and Dog in a Johnnypump (1982) निजी तौर पर 100 मिलियन डॉलर से अधिक में ख़रीदी। इतने बड़े पैमाने की कीमतों के अपने दुष्परिणाम भी हैं। जून 2022 में FBI ने Orlando Museum of Art से बास्किया की बताई गई 25 पेंटिंग्स ज़ब्त कीं, जहाँ उन्हें प्रदर्शित किया जा रहा था; उनकी प्रामाणिकता पर संदेह था। कुछ ही दिनों में संग्रहालय ने अपने निदेशक एरन डी ग्रॉफ्ट को पद से हटा दिया, और बाद में लॉस एंजेलिस के एक नीलामीकर्ता ने नकली पेंटिंग्स बनाने में अपनी भूमिका के बारे में FBI से झूठ बोलने का अपराध स्वीकार किया।

Great Jones Street

फ़रवरी 1987 में वॉरहोल की मृत्यु हो गई। बास्किया के क़रीबी लोगों का कहना है कि इस क्षति से वे कभी उबर नहीं पाए। वे कई साल से हेरोइन ले रहे थे। 1986 के आख़िरी महीनों में उनकी प्रेमिका जेनिफर गूड ने उन्हें मेथाडोन कार्यक्रम में दाख़िल कराया था, लेकिन तीन हफ़्तों बाद उन्होंने उसे छोड़ दिया। उनकी आख़िरी पेंटिंग्स में चीज़ें कम होती गईं और रूप अधिक कठोर। Riding with Death (1988)—खाली गेरुए रंग की पृष्ठभूमि पर कंकाल पर सवार एक काली आकृति—को अक्सर पीछे मुड़कर देखने पर आत्मचित्र माना जाता है। 12 अगस्त 1988 को Great Jones Street स्थित अपने स्टूडियो में हेरोइन की आकस्मिक अधिक मात्रा लेने से उनकी मृत्यु हो गई। वे सत्ताईस साल के थे और उन्हें ब्रुकलिन के Green-Wood Cemetery में दफ़नाया गया। Vogue के लिए लिखे शोकलेख में कीथ हारिंग ने लिखा कि उन्होंने “दस साल में सचमुच एक पूरी ज़िंदगी का काम रच दिया था।”

मृत्यु के बाद की ज़िंदगी: पुनरावलोकन, फ़िल्में और बहनों का नज़रिया

Whitney Museum ने अक्टूबर 1992 में उनका पहला संग्रहालय-स्तरीय पूर्वावलोकन आयोजित किया। ब्रुकलिन म्यूज़ियम—जहाँ वे बचपन में कनिष्ठ सदस्य थे—ने 2005 में उनकी कला का बड़ा सर्वेक्षण किया। इसके बाद 2017 में लंदन के Barbican ने Basquiat: Boom for Real आयोजित किया। उन्हें जानने वाले चित्रकार जूलियन श्नाबेल ने Basquiat (1996) फ़ीचर फ़िल्म का निर्देशन किया, जिसमें शीर्षक भूमिका जेफ्री राइट ने निभाई और वॉरहोल के रूप में डेविड बोवी नज़र आए। टैमरा डेविस की डॉक्यूमेंट्री Jean-Michel Basquiat: The Radiant Child (2010) उस साक्षात्कार पर आधारित थी जिसे उन्होंने 1980 के दशक के मध्य में लॉस एंजेलिस में बास्किया के साथ फ़िल्माया था और दो दशक तक सहेजकर रखा था। 2022 में उनके परिवार ने चेल्सी में King Pleasure खोली—परिवार की संपत्ति से आई 200 से अधिक कृतियों की प्रदर्शनी, जिसे बाज़ार की सनसनी के बजाय बेटे और भाई के चित्र के रूप में पेश किया गया। 2023 में यह प्रदर्शनी लॉस एंजेलिस पहुँची। उनकी संपत्ति का प्रबंधन उनकी बहनें, लिसेन बास्किया और जीनिन हेरिवॉ करती हैं।

2026 का कैलेंडर दिखाता है कि उनका काम अब भी कितनी दूर तक पहुँचता है। जनवरी से मई तक डेनमार्क के Louisiana Museum of Modern Art ने Basquiat–Headstrong प्रस्तुत की—यह पहली संस्थागत प्रदर्शनी थी जो केवल मानव सिर के उनके चित्रण पर केंद्रित थी और जिसमें 1981 से 1983 के काग़ज़ पर बने काम प्रमुखता से शामिल थे। 14 मई को न्यूयॉर्क में Sotheby’s की नीलामी में लॉस एंजेलिस स्टूडियो में बनाई गई 1983 की पेंटिंग Museum Security (Broadway Meltdown) शुल्क सहित 52.7 मिलियन डॉलर में बिकी। यह उस 9.3 मिलियन पाउंड—यानी लगभग 14.6 मिलियन डॉलर—से साढ़े तीन गुने से भी अधिक था, जो 2013 में लंदन के Christie’s में इसके लिए मिले थे। जून में Pérez Art Museum Miami ने Basquiat: Figures, Signs, Symbols खोली। इसमें केन ग्रिफिन के संग्रह की लगभग दर्जन भर कृतियाँ थीं, जिनमें In Italian और Pez Dispenser शामिल थीं; इन दोनों को पहली बार साथ दिखाया गया। सितंबर में Great Jones Street से कुछ ही ब्लॉक दूर New York Theatre Workshop में अभिनेता रोजर ग्वेनवेर स्मिथ ने In Honor of Jean-Michel Basquiat का मंचन शुरू किया। लॉस एंजेलिस के क्लब जगत से बास्किया को जानने वाले स्मिथ ने इस एकल प्रस्तुति में माइक पर बोलते हुए अभिनय किया; संगीतकार मार्क एंथनी थॉम्पसन ने उनके साथ लाइव ध्वनि दी। यह प्रस्तुति 10 अक्टूबर तक चली।

अगला अध्याय परिवार का है। 11 दिसंबर को Netflix क्विन व्हिटनी विल्सन और विरिडियाना लिबरमैन के निर्देशन में बनी डॉक्यूमेंट्री Jean-Michel Basquiat रिलीज़ करेगा, जिसका जून में Tribeca Festival में प्रीमियर हुआ था। यह उनकी संपत्ति के प्रशासकों की मंज़ूरी पाने वाली पहली डॉक्यूमेंट्री है। लिसेन बास्किया और जीनिन हेरिवॉ इसके कार्यकारी निर्माता हैं। फ़िल्म में 1960 के दशक के न्यूयॉर्क पार्क में तीनों भाई-बहनों के घरेलू वीडियो, पहले कभी न दिखाई गई कृतियाँ और ब्रुकलिन म्यूज़ियम का सदस्यता कार्ड शामिल हैं। निर्देशकों ने कहा है कि उनका मक़सद यह दिखाना है कि मिथक और इंसान एक ही नहीं होते। फ़रवरी 2027 में अटलांटा का High Museum of Art Basquiat, the Blue Ribbon Paintings, and the Art of Reproduction खोलेगा। 1984 के ग्यारह कैनवस पर आधारित इस प्रदर्शनी की कृतियों में शरीर-विज्ञान के आरेखों और फ़िल्मी लोगो के साथ Pabst Blue Ribbon बीयर का लोगो और मुकुट पहने आकृतियाँ दिखाई देती हैं। प्रदर्शनी 16 मई 2027 तक चलेगी।

करियर के इस पूरे सफ़र को आख़िरी बात समेट लेती है। एक ही कैनवस पर सस्ती बीयर का लेबल, मुकुट और कॉपीराइट का निशान: ऐसे शहर के ब्रांड-नाम, जहाँ सब कुछ बिक रहा था—और उन्हें बनाने वाला जानता था कि उसे भी बेचा जा रहा है। बाज़ार के साथ कीमतें चढ़ती या गिरती रहेंगी। लेकिन पेंटिंग्स वही सवाल पूछती रहेंगी जो सोहो की दीवार पर SAMO© के पहले निशान से पूछा जा रहा था: किसी संकेत का मालिक कौन है, और उसकी क़ीमत तय कौन करता है?

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