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होप सोलो, 102 क्लीन शीट वाली गोलकीपर जो 43 की उम्र में अपनी शर्तों पर लौटीं

Penelope H. Fritz
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होप सोलो
होप सोलो
Photo: Erik Drost / CC BY 2.0, via Wikimedia Commons
जन्म30 जुलाई 1981
Richland
पेशाफ़ुटबॉल गोलकीपर
व्यक्तिगत पुरस्कारओलंपिक स्वर्ण पदक, महिला फुटबॉल · फीफा महिला विश्व कप विजेता · फीफा महिला विश्व कप गोल्डन ग्लव · फीफा महिला विश्व कप ब्रोंज बॉल · फीफा महिला विश्व कप ऑल-स्टार टीम · U.S. Soccer फीमेल एथलीट ऑफ द ईयर · WPS गोलकीपर ऑफ द ईयर · IFFHS वर्ल्ड्स बेस्ट विमेन गोलकीपर · FIFA FIFPro World XI · CONCACAF महिला चैंपियनशिप गोल्डन ग्लव · NWSL Shield · National Soccer Hall of Fame

नौ साल तक महिला फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज़्यादा क्लीन शीट्स का रिकॉर्ड रखने वाली गोलकीपर ने किसी भी तरह का प्रतिस्पर्धी मैच नहीं खेला। होप सोलो (Hope Solo) ने संन्यास नहीं लिया था। उन्हें एक महासंघ ने टीम से बाहर कर दिया था—उन पर निलंबन लगाया, उनका अनुबंध रद्द किया और फिर आगे बढ़ गया। जिन साथियों की उन्होंने सोलह साल तक रक्षा की थी, वे उनके बिना एक और विश्व कप जीतने चली गईं। जब आखिरकार उन्होंने वापसी की, तो न U.S. Soccer के ज़रिए, न किसी क्लब के साथ और न ही विदाई मैच में। उनकी वापसी नॉर्थ कैरोलाइना में सात खिलाड़ियों वाली एक प्रतियोगिता के ज़रिए हुई—उस टीम के साथ जिसे उन्होंने खुद बनाया और अपना ही नाम दिया।

उनकी वापसी से पता चलता है कि सोलो हमेशा किस तरह काम करती आई हैं। एक दशक तक वह अपनी पोज़िशन की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहीं और अमेरिकी खेल जगत की सबसे कम काबू में आने वाली शख्सियतों में से एक भी। उन्होंने कभी यह नहीं माना कि दूसरी बात पहली बात को मिटा देनी चाहिए। उनके करियर में रिकॉर्ड्स की एक सूची है और रिश्तों में आई दरारों की दूसरी—और ये दोनों सूचियाँ एक ही समय में लिखी गईं। उनके बारे में ज़्यादातर कहानियाँ इनमें से एक को चुनती हैं और दूसरी का ज़िक्र बस हाशिये पर करती हैं। उनकी कहानी उस शख्स की है जिसने दोनों को साथ रखा और आज भी इस बात पर बहस कर रही है कि इनमें से किससे उसकी पहचान तय होनी चाहिए।

आगे की कहानी इसी बहस को पूरी तरह सामने रखती है: वह बचपन जिसने संस्थाओं के प्रति उनके अविश्वास को आकार दिया, वे बचाव जिन्होंने कुछ समय के लिए उन्हें अछूत बना दिया, वे शब्द जिनकी वजह से उन्हें आसानी से हटाया जा सका और बीते कुछ वर्षों में धीरे-धीरे, सबके सामने हुआ सुधार।

ग़ैरमौजूद पिता के इर्द-गिर्द बीता बचपन

होप अमेलिया सोलो का बचपन वॉशिंगटन राज्य के सूखे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बसे रिचलैंड में बीता। उनका जन्म 30 जुलाई, 1981 को हुआ था। माता-पिता के अलग होने के बाद उनकी माँ, जूडी लिन शॉ (Judy Lynn Shaw), ने उन्हें पाला; उस समय सोलो छह साल की थीं। उनके पिता, जेफ्री सोलो (Jeffrey Solo), इतालवी-अमेरिकी और वियतनाम युद्ध के पूर्व सैनिक थे, जो उनकी ज़िंदगी में आते-जाते रहते थे। सबसे पहले उन्होंने ही सोलो के पैरों में गेंद रखी थी। जब वह सात साल की थीं, तो पिता उन्हें और उनके भाई मार्कस (Marcus) को याकिमा में बेसबॉल मैच दिखाने के बहाने ले गए। इसके बजाय वह बच्चों को तीन घंटे से भी ज़्यादा पश्चिम की ओर सिएटल ले गए। बच्चे कई दिन एक होटल में यह सोचकर रहे कि वे छुट्टियाँ मना रहे हैं। फिर पुलिस ने उन्हें शहर के बीचोंबीच एक बैंक में पाया और उनके पिता को अपहरण के संदेह में गिरफ्तार कर लिया।

यह घटना उनके रिश्ते का अंत कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बरसों बाद, सिएटल में पढ़ाई के दौरान सोलो ने अपने पिता को फिर ढूँढ़ निकाला। तब वह शहर में बेघर की तरह रह रहे थे। दोनों ने फिर से रिश्ता बनाया, जो जून 2007 में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मृत्यु तक कायम रहा—उस टूर्नामेंट से कुछ महीने पहले, जिसने सोलो की सार्वजनिक छवि तय की। सोलो ने उन्हें अपने जीवन का बड़ा प्रभाव बताया है। बाद में सत्ता और अधिकार को लेकर उनमें जो संदेह दिखा, उसे इस पृष्ठभूमि में समझना आसान हो जाता है: एक ऐसी लड़की, जिसने बहुत कम उम्र में जान लिया था कि घटनाओं का आधिकारिक ब्यौरा और निजी सच्चाई शायद ही कभी एक जैसे होते हैं।

फॉरवर्ड से गोलकीपर बनने तक

जिस बात पर लोगों को सबसे ज़्यादा हैरानी होती है, वह यह कि किशोरावस्था में सोलो गोलकीपर नहीं थीं। रिचलैंड हाई स्कूल में वह आगे खेलती थीं और उन्होंने 109 गोल किए। उनकी टीम ने 1996 से 1998 के बीच लगातार तीन लीग खिताब जीते और उनके आखिरी साल में राज्य चैंपियनशिप भी अपने नाम की। उन्हें दो बार Parade All-American चुना गया और उन्होंने ट्राई-सिटीज़ की Three Rivers Soccer Club के लिए क्लब फुटबॉल खेला। उनकी फुर्तीली प्रतिक्रिया और शारीरिक आत्मविश्वास पहले से मौजूद थे। गोलकीपर की पोज़िशन बाद में आई।

यह बदलाव University of Washington में हुआ, जहाँ उन्होंने 1999 में स्पीच कम्युनिकेशंस की पढ़ाई के लिए दाखिला लिया। वहाँ की मुख्य कोच लेस्ली गैलिमोर (Lesle Gallimore) और गोलकीपर कोच एमी ग्रिफिन (Amy Griffin)—जो खुद राष्ट्रीय टीम की पूर्व खिलाड़ी थीं—ने उन्हें स्थायी तौर पर गोलकीपर बना दिया। यह बदलाव लगभग तुरंत काम कर गया। सोलो चार बार All-Pac-10 टीम में चुनी गईं, तीन बार NSCAA All-American बनीं और दूसरे साल में Pac-10 Player of the Year चुनी जाने वाली पहली गोलकीपर और वॉशिंगटन की पहली खिलाड़ी बनीं। वह Huskies से विदा हुईं तो क्लीन शीट्स, बचाव और गोल औसत के मामले में कार्यक्रम के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी थीं। आखिरी साल में Hermann Trophy के लिए नामांकित होने वाली वह अकेली गोलकीपर थीं—यह कॉलेज फुटबॉल का सबसे बड़ा व्यक्तिगत सम्मान है।

स्वीडन, ल्यों और बार-बार बंद होती लीगें

उनका पेशेवर करियर ऐसे बाज़ार में शुरू हुआ, जो उनके रहते बार-बार ढहता रहा। Philadelphia Charge ने 2003 WUSA ड्राफ्ट के पहले दौर में उन्हें चुना—कुल मिलाकर चौथे नंबर पर। पहले सीज़न का ज़्यादातर समय उन्होंने बेंच पर बिताया, फिर आखिरी तीन मैचों में शुरुआत की। इनमें Atlanta Beat के खिलाफ उन्होंने अपना पहला पेशेवर क्लीन शीट दर्ज किया और आने वाली चैंपियन टीम Washington Freedom को भी गोल नहीं करने दिया। उस टीम में मिया हैम (Mia Hamm) और एबी वाम्बाच (Abby Wambach) थीं। 2003 विश्व कप से कुछ ही दिन पहले WUSA बंद हो गई।

सोलो यूरोप चली गईं। फरवरी 2004 में वह स्वीडन की शीर्ष लीग के Kopparbergs/Göteborg FC से जुड़ीं। वहाँ उन्होंने दस महीने तक हफ्ते में दो बार खेला और 19 मैचों में मैदान पर उतरीं। 2005 में वह फ्रांस के Olympique Lyonnais चली गईं और वहाँ सात और मैच खेले। विदेश में बिताए वे साल चमक-दमक वाले नहीं थे, लेकिन उनसे उन्हें उतने मैच खेलने का मौका मिला, जितना अमेरिकी महिला फुटबॉल उन्हें नहीं दे पा रहा था।

जब अमेरिका में पेशेवर फुटबॉल लौटा, तो सोलो भी उसके साथ लौट आईं। 2009 में Women’s Professional Soccer के पहले सीज़न के लिए Saint Louis Athletica को आवंटित होने के बाद, उन्होंने उस टीम को दूसरे स्थान तक पहुँचाने में मदद की जिसने शुरुआत में एक भी मैच नहीं जीता था। उन्होंने आठ क्लीन शीट्स रखीं और WPS Goalkeeper of the Year चुनी गईं। उसी साल वह U.S. Soccer Female Athlete of the Year बनने वाली पहली गोलकीपर बनीं। 2010 में Athletica बंद हुई तो वह Atlanta Beat चली गईं। उन्होंने लीग में सबसे ज़्यादा बचाव किए और Twitter पर अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाने के बाद उन पर जुर्माना लगाया गया तथा एक मैच के लिए निलंबित किया गया। 2011 में उन्होंने magicJack के साथ करार किया और 2012 की शुरुआत तक वह लीग भी बंद हो गई।

दूसरे दर्जे की W-League में खेलने वाली Seattle Sounders Women ने 2012 में उन्हें एक ठिकाना दिया। वहाँ उनके साथ एलेक्स मॉर्गन (Alex Morgan), मेगन रैपिनो (Megan Rapinoe) और सिडनी लेरू (Sydney Leroux) भी थीं। टीम के दस में से नौ घरेलू मैचों के टिकट बिक गए। 2013 से वह नई National Women’s Soccer League में Seattle Reign FC की गोलकीपर बनीं। पहले सीज़न में कलाई की सर्जरी से उबरने के बाद उन्होंने Reign को 16 मैचों की अपराजित दौड़ और 2014 में NWSL Shield जिताने में मदद की। क्लब ने 2015 में भी यह ट्रॉफी जीती। 2014 में वह लीग की Second XI में चुनी गईं और Goalkeeper of the Year के अंतिम दावेदारों में शामिल रहीं।

वह सेमीफाइनल, जिसे उन्होंने बेंच से देखा

सोलो ने अप्रैल 2000 में आइसलैंड के खिलाफ 8–0 की जीत के साथ अमेरिका की सीनियर टीम के लिए पदार्पण किया। 2004 में एथेंस ओलंपिक में वह ब्रियाना स्करी (Briana Scurry) की बैकअप के तौर पर गईं। 2005 तक वह पहली पसंद बन चुकी थीं। चीन में हुए 2007 विश्व कप में उन्होंने चार मैचों में सिर्फ दो गोल खाए और स्वीडन, नाइजीरिया तथा इंग्लैंड के खिलाफ लगातार क्लीन शीट्स रखीं। फिर ब्राज़ील के खिलाफ सेमीफाइनल से पहले मुख्य कोच ग्रेग रयान (Greg Ryan) ने उन्हें हटाकर 36 वर्षीय स्करी को उतारने का फैसला किया। ब्राज़ील के खिलाफ स्करी का रिकॉर्ड अच्छा था, लेकिन उन्होंने तीन महीने से पूरा मैच नहीं खेला था। अमेरिका 4–0 से हार गया।

मैच के बाद सोलो की प्रतिक्रिया उनकी कही सबसे ज़्यादा उद्धृत बात बन गई। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “यह गलत फैसला था और मुझे लगता है कि खेल की थोड़ी भी समझ रखने वाला हर शख्स यह जानता है। मुझे ज़रा भी संदेह नहीं कि मैं वे बचाव कर लेती।” उन्होंने यह भी कहा कि अब 2004 नहीं है और कोई टीम सिर्फ बड़े नामों के दम पर नहीं चल सकती। कई लोगों ने इसे स्करी पर हमला माना। अगले दिन सोलो ने माफ़ी माँगी, लेकिन टीम के भीतर नुकसान हो चुका था। कप्तान क्रिस्टीन लिली (Kristine Lilly) की अगुआई में टीम ने तय किया कि वह तीसरे स्थान के मैच के लिए साथ नहीं जाएँगी। मेक्सिको के खिलाफ टूर्नामेंट के बाद के दौरे में भी उन्हें मैदान से बाहर रखा गया। उसी साल दिसंबर में रयान का अनुबंध आगे नहीं बढ़ाया गया।

तब से इस फैसले को दो तरह से देखा गया है। एक नज़रिए में सोलो ने एक मज़बूत और आपस में घुली-मिली टीम के अलिखित नियम को तोड़ा। दूसरे में, कोच ने ऐसा फैसला किया जिसका बचाव नहीं हो सकता था और सज़ा सिर्फ उस खिलाड़ी को मिली जिसने खुलकर यह बात कही। सोलो हमेशा दूसरे नज़रिए पर कायम रही हैं। 2012 में स्तंभकार एन किलियन (Ann Killion) के साथ लिखी उनकी आत्मकथा Solo: A Memoir of Hope में रयान के बारे में उनका पक्ष विस्तार से दर्ज है। जिस बात पर विवाद नहीं है, वह यह कि इस घटना ने उनके बाकी करियर में टीम के साथ रिश्ते की शर्तें तय कर दीं: मैदान पर अनिवार्य, मैदान के बाहर अलग-थलग।

दो स्वर्ण पदक और दो गोल्डन ग्लव्स

उनका जवाब था—खुद को टीम से बाहर करना नामुमकिन बना देना। नई कोच पिया सुंधागे (Pia Sundhage) के नेतृत्व में सोलो ने 2008 के बीजिंग ओलंपिक में शुरुआत की। स्करी टीम में जगह नहीं बना पाई थीं और अमेरिका ने अतिरिक्त समय में ब्राज़ील को 1–0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। चार साल बाद लंदन में उन्होंने पूरे टूर्नामेंट का हर मिनट खेला, तीन क्लीन शीट्स रखीं और जापान के खिलाफ फाइनल में माना इवाबुची (Mana Iwabuchi) का आखिरी क्षणों में एक शॉट रोककर 2–1 की बढ़त बचाई। इस तरह अमेरिका ने दूसरा स्वर्ण पदक जीता। उन खेलों से पहले, कैनरेनोन का पता चलने पर U.S. Anti-Doping Agency ने उन्हें सार्वजनिक चेतावनी दी थी। एजेंसी ने माना कि यह दवा मासिक धर्म से पहले के लक्षणों के लिए डॉक्टर के पर्चे पर ली जा रही थी और उन्हें खेलने की अनुमति दे दी गई।

दोनों ओलंपिक के बीच 2011 में जर्मनी में विश्व कप हुआ। वहीं वह बचाव भी देखने को मिला, जिसे कई अमेरिकी प्रशंसक आज भी सबसे पहले याद करते हैं। क्वार्टरफाइनल में एबी वाम्बाच के हेडर ने अतिरिक्त समय के आखिरी सेकंड में बराबरी कराई और मैच पेनल्टी शूटआउट तक पहुँचा। सोलो ने ब्राज़ील की तीसरी किक रोककर अमेरिका को आगे पहुँचा दिया। फ्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल जीत में उन्होंने अपना 100वाँ मैच खेला, पेनल्टी शूटआउट में जापान से फाइनल हार गईं, फिर भी टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर के तौर पर गोल्डन ग्लव और तीसरी सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में ब्रॉन्ज़ बॉल लेकर लौटीं।

कनाडा में 2015 का विश्व कप उनका पूरा दमखम दिखाने वाला टूर्नामेंट था। अमेरिका के सातों मैचों के सभी 630 मिनट सोलो ने खेले। वह 540 मिनट तक कोई गोल खाए बिना रहीं—जो टूर्नामेंट के इतिहास में दूसरी सबसे लंबी अवधि थी—और पूरे टूर्नामेंट में कुल तीन गोल दिए। जर्मनी के खिलाफ सेमीफाइनल में उन्होंने सेलिया शाशिच (Célia Šašić) की पेनल्टी लेने में देर की, जिससे टूर्नामेंट की शीर्ष गोल स्कोरर का ध्यान भटका और उनका निशाना चूक गया। फाइनल में अमेरिका ने वैंकूवर में जापान को 5–2 से हराया। उस मैच को तब तक किसी फुटबॉल मैच के लिए अमेरिका में दर्ज सबसे बड़ी टीवी दर्शक संख्या ने देखा था। सोलो ने अपना दूसरा गोल्डन ग्लव जीता। यह महिला खेलों की पहली टीम बनी, जिसके सम्मान में न्यूयॉर्क में टिकर-टेप परेड निकाली गई।

सितंबर 2014 में उन्होंने ब्रियाना स्करी का राष्ट्रीय क्लीन शीट रिकॉर्ड तोड़ दिया था। फिर जुलाई 2016 में शिकागो में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 क्लीन शीट्स तक पहुँचने वाली पहली महिला गोलकीपर बनीं। एक महीने बाद रियो ओलंपिक में उन्होंने अपना 200वाँ मैच खेला। अमेरिका के लिए उनके अंतिम आँकड़े हैं: 202 मैच, 153 जीत, 102 क्लीन शीट्स और लगातार 55 मैचों तक अपराजित रहने का सिलसिला—गोलकीपर के तौर पर ये सभी राष्ट्रीय रिकॉर्ड हैं।

वह गोलकीपर जो कभी चुप नहीं रही

इन्हीं सालों में एक दूसरा रिकॉर्ड भी बना, जिसे उनके आलोचक ज़्यादा पसंद करते हैं। लंदन 2012 के दौरान उन्होंने पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी ब्रैंडी चैस्टेन (Brandi Chastain) की टीवी कमेंट्री पर Twitter पर तीखा हमला किया। जून 2014 में वॉशिंगटन के किर्कलैंड में उन्हें गिरफ्तार किया गया और अपनी सौतेली बहन तथा भतीजे से जुड़े हमले के दो मामूली आरोप लगाए गए। सोलो ने कहा कि वह अपना बचाव कर रही थीं। कथित पीड़ितों के सहयोग न करने के कारण जनवरी 2015 में एक जज ने आरोप खारिज कर दिए। अभियोजकों ने उसी साल बाद में अपील जीतकर आरोप बहाल करा दिए, लेकिन मई 2018 में शहर ने आखिरकार मामला छोड़ दिया। इस घटना के बाद सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल (Richard Blumenthal) ने एक पत्र लिखकर U.S. Soccer पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उस समय घरेलू हिंसा के मामलों में NFL खिलाड़ियों को निलंबित किया जा रहा था, जबकि सोलो को विश्व कप टीम में बनाए रखा गया था।

जनवरी 2015 में उन्हें 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया। उनके पति, NFL के पूर्व टाइट एंड जेरामी स्टीवंस (Jerramy Stevens), प्रशिक्षण शिविर के दौरान नशे की हालत में टीम की वैन चलाते हुए गिरफ्तार हुए थे और सोलो भी उसमें मौजूद थीं। महासंघ ने उनके फैसले लेने की क्षमता पर सवाल उठाया। उनके समर्थक कहते हैं कि घरेलू हिंसा के किसी भी आरोप में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया और समान हालात में पुरुष खिलाड़ियों की तुलना में उन्हें कहीं ज़्यादा कड़ी जाँच का सामना करना पड़ा। उनके आलोचक कहते हैं कि ऐसी घटनाएँ बार-बार होती रहीं। दोनों बातें सही हैं और इनमें से कोई भी दूसरी को ख़ारिज नहीं करती। किसी एक घटना से ज़्यादा, यही बात उन्हें संक्षेप में बयान करना मुश्किल बनाती है।

मैदान के बाहर भी उनकी सार्वजनिक ज़िंदगी उतनी ही व्यस्त रही। 2011 विश्व कप के बाद उन्होंने मैक्सिम च्मेरकोव्स्की (Maksim Chmerkovskiy) के साथ Dancing with the Stars के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया और चौथे स्थान पर रहीं। उन्होंने ESPN The Magazine के Body Issue के लिए तस्वीरें भी खिंचवाईं और खुद को बस एक खिलाड़ी बताया। Solo: A Memoir of Hope 2012 में The New York Times की हार्डकवर नॉन-फिक्शन सूची में तीसरे नंबर पर पहुँची—किसी फुटबॉल किताब की अब तक की सबसे ऊँची शुरुआत। 2014 में उन महिलाओं में सोलो भी थीं, जिनकी निजी तस्वीरें iCloud लीक में चोरी हुईं। उन्होंने इसकी निंदा करते हुए इसे मानवीय शालीनता की हर सीमा से परे बताया।

रियो और वह शब्द जिसने सब खत्म कर दिया

अंत तेज़ी से आया। 2016 के रियो ओलंपिक में ब्राज़ील के दर्शकों ने उनके लिए “ज़ीका” के नारे लगाए। खेलों से पहले उन्होंने मच्छर भगाने वाली दवा की तस्वीरें पोस्ट की थीं। क्वार्टरफाइनल में स्वीडन ने—जिसकी कोच अब पिया सुंधागे थीं और जिन्होंने सोलो को दो ओलंपिक स्वर्ण पदक जिताए थे—रक्षात्मक खेल दिखाया, अमेरिका को बराबरी पर रोका और पेनल्टी शूटआउट जीत लिया। निर्णायक किक से पहले सोलो ने खेल रोककर अपने दस्ताने बदले थे। मैच के बाद उन्होंने स्वीडिश टीम को “कायरों का झुंड” कहा।

24 अगस्त, 2016 को U.S. Soccer ने उनकी टिप्पणियों और पहले के व्यवहार का हवाला देते हुए उन्हें छह महीने के लिए निलंबित कर दिया और राष्ट्रीय टीम का अनुबंध खत्म कर दिया। सोलो ने कहा कि उनकी टिप्पणियाँ सिर्फ बहाना थीं और खिलाड़ियों के समान वेतन अभियान में उनकी अग्रणी भूमिका के कारण उन्हें हटाया गया। मेगन रैपिनो ने सार्वजनिक रूप से सवाल उठाया कि क्या यह फैसला किसी कानूनी रणनीति का हिस्सा था। खिलाड़ियों के वकील ने सज़ा को अत्यधिक और अभूतपूर्व बताया। सोलो ने फिर कभी अमेरिका के लिए नहीं खेला। Seattle Reign ने उन्हें सीज़न के बाकी समय के लिए छुट्टी दी और 35 साल की उम्र में उनका पेशेवर करियर खत्म हो गया।

समान वेतन की लड़ाई, जो उनके बिना आगे बढ़ी

कहानी का यह हिस्सा समय के साथ उनके पक्ष में सबसे ज़्यादा मज़बूत हुआ है। मार्च 2016 में सोलो उन पाँच खिलाड़ियों में थीं—कार्ली लॉयड (Carli Lloyd), एलेक्स मॉर्गन, मेगन रैपिनो और बेकी सॉरब्रन (Becky Sauerbrunn) के साथ—जिन्होंने वेतन में भेदभाव का आरोप लगाते हुए U.S. Soccer के खिलाफ संघीय शिकायत दर्ज की। उन्हें हटाए जाने के बाद अभियान उनके बिना आगे बढ़ा। फरवरी 2018 में उन्होंने U.S. Soccer के अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और ऑरलैंडो में महासंघ की बैठक में अपने पाँच मिनट के भाषण का इस्तेमाल समान वेतन पर प्रतिष्ठान की चुप्पी पर सवाल उठाने के लिए किया। कार्लोस कोर्डेइरो (Carlos Cordeiro) जीत गए। अगस्त 2018 में उन्होंने Equal Pay Act के तहत अपना मुकदमा दायर किया।

2022 में जब राष्ट्रीय टीम की खिलाड़ियों ने महासंघ के साथ 24 मिलियन डॉलर के समझौते पर सहमति जताई, तो सोलो ने अदालत में उस पर आपत्ति की। उनकी एक वजह कानूनी फीस थी; उनका तर्क था कि इस समझौते से वह हासिल नहीं हुआ, जिसके लिए लड़ाई लड़ी गई थी। फरवरी 2023 में आपसी सहमति से उनका अपना मुकदमा खारिज कर दिया गया और विवाद का आखिरी खुला मोर्चा भी बंद हो गया। नीना मेरेडिथ (Nina Meredith) के निर्देशन में बनी Netflix की डॉक्यूमेंट्री Untold: Hope Solo vs. U.S. Soccer सितंबर 2024 में रिलीज़ हुई और उसने ज़्यादातर सोलो के नज़रिए से पूरी कहानी सुनाई। फिल्म ने बताया कि महासंघ के ज़्यादातर अधिकारियों, उनकी पूर्व साथियों और पत्रकारों ने इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। रिलीज़ के बाद उन कई दर्शकों ने, जिन्हें सिर्फ विवाद याद थे, पहली बार समान वेतन के लिए उनकी वकालत के बारे में जाना।

गिरफ्तारी, इलाज और Hall of Fame

फुटबॉल के बाद सबसे कठिन अध्याय आया। 31 मार्च, 2022 को नॉर्थ कैरोलाइना के विंस्टन-सलेम में Walmart की पार्किंग में सोलो को नशे की हालत में गाड़ी चलाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। उनकी दो साल की जुड़वाँ संतानें कार में थीं। उन्होंने नशे की हालत में गाड़ी चलाने का आरोप स्वीकार किया; गिरफ्तारी का विरोध करने और बच्चे के साथ दुर्व्यवहार के मामूली आरोप खारिज कर दिए गए। इससे दो महीने पहले ही उन्हें National Soccer Hall of Fame में शामिल करने के लिए चुना गया था। उन्होंने अपने शामिल किए जाने का कार्यक्रम आगे बढ़ाने का अनुरोध किया, सार्वजनिक रूप से बताया कि शराब से जुड़ी अपनी चुनौतियों से निपटने के लिए वह आवासीय उपचार कार्यक्रम में दाखिल हो रही हैं और 2022 के समारोह में शामिल नहीं हुईं।

एक साल बाद, 6 मई 2023 को टेक्सास के फ्रिस्को में उन्हें Hall of Fame में शामिल किया गया। उस साल के सम्मानित खिलाड़ियों में लैंडन डोनोवन (Landon Donovan) और जिल एलिस (Jill Ellis) भी थे—वही कोच जिनके साथ गोल में सोलो रहते हुए टीम ने 2015 विश्व कप जीता था। घटनाओं का क्रम इस बात के लिए अहम है कि उन्हें किस तरह आँका जाता है: गिरफ्तारी से पहले उनके नाम पर मतदान हो चुका था, उनके अनुरोध पर समारोह टला और इलाज के बाद सम्मान दिया गया। 2016 के बाद अमेरिकी खेल जगत की ओर से उनके करियर को यह पहला औपचारिक स्वीकार था, और यह महासंघ की बजाय Hall of Fame की ओर से आया।

Solo FC और पहाड़ों से नीचे लौटने का रास्ता

सोलो अब स्टीवंस के साथ रहती हैं, जिनसे उन्होंने नवंबर 2012 में शादी की थी। उनके जुड़वाँ बच्चे 4 मार्च, 2020 को पैदा हुए थे। परिवार नॉर्थ कैरोलाइना के एशविल के आसपास पहाड़ों में रहता है। 2019 विश्व कप में उन्होंने BBC के लिए विशेषज्ञ टिप्पणीकार के तौर पर काम किया था, लेकिन उन्हें हटाए जाने के बाद के ज़्यादातर वर्षों में वह संगठित फुटबॉल से दूर रहीं। 2026 में उन्होंने कहा, “पता है, पिछले साल मुझे पहाड़ों से नीचे लाना वाकई बहुत मुश्किल था।”

उन्हें नीचे लाने वाली चीज़ थी The Soccer Tournament—नॉर्थ कैरोलाइना के कैरी में सात खिलाड़ियों वाली प्रतियोगिता, जिसमें दस लाख डॉलर का इनाम था। 2025 में, 43 साल की उम्र में, उन्होंने Solo FC बनाई और उसे महिला प्रतियोगिता में उतारा। टीम में अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उन समुदायों की उभरती प्रतिभाओं को शामिल किया गया, जिन्हें उनके अनुसार पहचान नहीं मिल पाई थी। 2016 के बाद यह पहला मौका था जब उन्होंने किसी भी स्तर पर प्रतिस्पर्धी मैच खेला। उनके जुड़वाँ बच्चों ने उन्हें पेशेवर तौर पर खेलते कभी नहीं देखा था, इसलिए उनके लिए यह पहला अनुभव था। Solo FC क्वार्टरफाइनल तक पहुँची और इस दौरान सोलो ने एक पेनल्टी भी बचाई। बाद में उन्होंने कहा, “अगर TST नहीं होता, तो शायद मैं खेल में वापस नहीं आती।”

2026 में वह दो टीमों के साथ लौटीं—महिला टीम और टूर्नामेंट के नए मिश्रित प्रारूप में खेलने वाली एक सह-शिक्षा टीम। यह प्रतियोगिता 27 मई से 1 जून तक WakeMed Soccer Park में हुई। उन्होंने दोनों टीमों की महाप्रबंधक की भूमिका संभाली। योजना थी कि खुद खेलना जारी रखते हुए दूसरी गोलकीपरों को मैदान पर ज़्यादा समय दें। वीज़ा की मुश्किलों के बावजूद उन्होंने एक फ़िलिस्तीनी अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और एक सोमाली शरणार्थी को टीम में शामिल करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “मेरे लिए बहुत विविधतापूर्ण टीम उतारना बेहद ज़रूरी है।” विश्व कप फाइनल की तुलना में यह भूमिका छोटी है, लेकिन कई सालों में यह पहली भूमिका है जिसे उन्होंने पूरी तरह अपनी शर्तों पर चुना है।

रिकॉर्ड आज भी क्या कहते हैं

खेल में सोलो की जगह को लेकर अब सचमुच कोई सवाल नहीं है। वह Hall of Fame में शामिल हैं, 2011 से 2020 के दशक की IFFHS विश्व टीम में चुनी गईं और उनके नाम दर्ज 102 अंतरराष्ट्रीय क्लीन शीट्स महिला फुटबॉल की गोलकीपरों के लिए आज भी पैमाना हैं। सवाल अब भी आँकड़ों के इर्द-गिर्द की कहानी पर है। बरसों तक आम धारणा यही रही कि उनमें प्रतिभा तो थी, लेकिन वह बार-बार खुद ही अपनी राह में अड़चन बनती रहीं। Netflix की फिल्म, समान वेतन का समझौता और शराब को लेकर उनकी बेबाकी ने इस कहानी को अधिक पेचीदा बना दिया है: एक ऐसी खिलाड़ी, जो अपनी चुनी हुई कुछ लड़ाइयों में सही थीं, कुछ में गलत और एक साथ उन सभी के लिए सज़ा भुगतती रहीं।

उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि उन्हें आसान इंसान के रूप में याद रखा जाए। 43 साल की उम्र में, ऐसी प्रतियोगिता में मैदान पर उनकी वापसी जहाँ जर्सी पर महासंघ का कोई बैज नहीं है, उनके अब तक के सफर के अनुरूप है। होप सोलो अब भी गोल में खड़ी होना चाहती हैं, अब भी अपनी टीम खुद चुनना चाहती हैं और अब भी यह नहीं मानतीं कि उनके करियर का अंत कब होगा, यह फैसला किसी और को करने का हक़ है।

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